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न्यूजीलैंड के कॉनवे ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास, सौरव गांगुली का 25 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

सौरव गांगुली और कॉनवे ने ना सिर्फ लॉर्ड्स के मैदान पर डेब्यू किया है, बल्कि इन दोनों खिलाड़ियों का जन्मदिन 8 जुलाई को आता है। इसके अलावा गांगुली और कॉनवे दोनों ही बाएं हाथ के बल्लेबाज भी हैं।

डेवोन कॉनवे ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 136 रन बनाकर नाबाद भी रहे।
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न्यूजीलैंड के डेवोन कॉनवे ने लॉर्ड्स में सौरव गांगुली का 25 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ इतिहास रच दिया।

खेल। क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स (Lord's Cricket Ground) के मैदान पर एक बार फिर इतिहास रचा गया है। और ये इतिहास रचा है, न्यूजीलैंड (Newzealand) की तरफ से टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में डेब्यू करने वाले डेवोन कॉनवे (Devon Conway) ने। दरअसल डेवोन कॉनवे ने भारतीय टीम (team India) के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई (BCCI) के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का 25 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बता दें कि बुधवार को हुए इंग्लैंड और न्यूजीलैंड (Eng vs NZ) के बीच टेस्ट मैच से टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले कॉनवे पहले टेस्ट में लॉर्ड्स के मैदान पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं।

बता दें कि साल 1996 में भारतीय कप्तान रहे सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स के मैदान पर बेहद ही खास रिकॉर्ड अपने नाम किया था। सौरव गांगुली ने डेब्यू मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 131 रन की पारी खेली थी और वह डेब्यू मैच में लॉर्ड्स के मैदान पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विदेशी खिलाड़ी बन गए थे। जिसके बाद 25 साल तक यह रिकॉर्ड सौरव गांगुली के नाम रहा।

वहीं पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड ने लिमिटिड ओवर्स क्रिकेट में शानदार फॉर्म में चल रहे कॉनवे को टेस्ट क्रिकेट में मौका दिया। कॉनवे ने मुश्किल हालातों में ना सिर्फ टीम को संभाले रखा बल्कि वह पहले दिन का खेल खत्म होने तक 136 रन बनाकर नाबाद भी रहे। साथ ही 131 रन का आंकड़ा पार करते ही कॉनवे सौरव गांगुली का शानदार रिकॉर्ड तोड़ने में कामयाब हो गए थे।

क्या है सौरव गांगुली और कॉनवे में समानता

सौरव गांगुली और कॉनवे ने ना सिर्फ लॉर्ड्स के मैदान पर डेब्यू किया है, बल्कि इन दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ और समानताएं भी हैं। सौरव गांगुली और कॉनवे का जन्मदिन 8 जुलाई को आता है। इसके अलावा गांगुली और कॉनवे दोनों ही बाएं हाथ के बल्लेबाज भी हैं।

इसके साथ ही कॉनवे की न्यूजीलैंड की तरफ से खेलने की कहानी भी बेहद ही दिलचस्प है। लंबे समय तक दक्षिण अफ्रीका की नेशनल टीम में जगह नहीं बना पाने के बाद कॉनवे 2017 में न्यूजीलैंड आ गए। पिछले साल अगस्त में कॉनवे को न्यूजीलैंड की तरफ से डेब्यू करने का मौका मिला और फिर इस खिलाड़ी ने पीछे मुड़कर वापस नहीं देखा। कॉनवे तीनों ही फॉर्मेट में न्यूजीलैंड के लिए कमाल के खिलाड़ी साबित हो रहे हैं।

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