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Happy Birthday Sachin Tendulkar: सचिन और अंजलि की लव स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं, 24 तारीख से है खास रिश्ता

क्रिकेट की दुनिया में 24 सालों तक छाए रहने के बाद क्रिकेट के भगवान ने 2013 में क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। महज 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले इस 'छोटे सचिन' ने 40 के हो जाने पर ही अपने बल्ले को आराम दिया। इस सफर के दौरान सचिन ने इतने कीर्तिमान रच डाले कि उन्हें 'भगवान' का दर्जा दे दिया गया।

महज 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किया था डेब्यू
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सचिन तेंदुलकर ने 2013 में लिया था क्रिकेट से सन्यास

खेल। क्रिकेट के भगवान (God of cricket), मास्टर ब्लास्टर (Master Blaster) और ना जाने कितने नामों से हम सचिन तेंदलकर (Sachin tendulkar) को जानते हैं। क्रिकेट की दुनिया में 24 सालों यानी की 189-2013 तक छाए रहने वाले सचिन तेंदुलकर आज 48 साल के हो गए हैं। 16 साल की कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (International Cricket) में कदम रखने वाले छोटे कद के सचिन ने 40 साल के हो जाने पर ही अपने बल्ले को आराम दिया। इस दौरान उन्होंने अपने क्रिकेट करियर (Cricket career) में कई कीर्तिमान रचे और इन्हीं रिकॉर्ड्स (Records) के कारण आज उन्हें 'भगवान' का दर्जा दिया जाता है। जी हां 'क्रिकेट का भगवान।'


मास्टर ब्लास्टर ने अपने 664 अंतरराष्ट्रीय मैचों में रिकॉर्ड 34 हजार 357 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 100 शतक और 164 अर्धशतक लगाए। वहीं उन्होंने गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए 201 विकेट अपने नाम किए हैं।


सचिन तेंदुलकर का जन्म 24 अप्रैल 1973 को दोपहर के 1 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क राणाडे रोड पर स्थित निर्मल नर्सिंग होम में हुआ था। दुनिया भर में कोरोना महामारी के कारण पिछले साल उन्होंने अपना जन्मदिन नहीं मनाया। लेकिन इस साल वह खुद भी कोरोना महामारी के चपेट में आने से नहीं बच सके और वह इस साल 27 मार्च को इस वायरस से संक्रमित हो गए। जिसके बाद उन्हें 2 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। हालांकि, वह अब ठीक होकर 8 अप्रैल को अस्पताल से घर आ गए।

क्रिकेट के अलावा भी सचिन की जिंदगी में काफी कुछ उत्साह पूर्ण हुआ है। जैसे की उनकी और उनकी पत्नी अंजली की लव स्टोरी। दरअसल सचिन और अंजलि की लव स्टोरी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। वहीं दूसरी ओर, सचिन तेंदुलकर का 24 तारीख का भी खास रिश्ता है। 24 तारीख वह दिन है, जिससे न सिर्फ उनके जीवन की शुरुआत हुई, बल्कि इसी तारीख को उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की कई मंजिलें तय कीं।

एयरपोर्ट पर मिली पहली नजर


घुंघराले बाल वाले सचिन ने अंजलि को पहली बार अगस्त 1990 में मुंबई एयरपोर्ट पर देखा था। तब सचिन करियर के अपने पहले इंग्लैंड दौरे से लौटे थे। वह सुर्खियों में थे, क्योंकि उन्होंने महज 17 साल 107 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में शतक (नाबाद 119 रन, मैनचेस्टर टेस्ट) जमाने का कारनामा किया था। तब वह पाकिस्तान के मुश्ताक मोहम्मद (17 साल 78 दिन) के बाद सबसे कम उम्र में टेस्ट शतक लगाने वाले दूसरे क्रिकेटर थे।

बता दें कि, अंजलि एयरपोर्ट पर अपनी फ्रेंड के साथ मां को रिसीव करने पहुंची थीं। तभी उनकी फ्रेंड डॉ. अपर्णा ने सचिन को पहचान लिया और उन्होंने सचिन की ओर इशारा करते हुए अंजलि से कहा था कि ये वही है, जिसने इंग्लैंड में सेंचुरी जमाई है। अंजलि यह सुनते ही ऑटोग्राफ लेने के लिए सचिन के पीछे दौड़ी थीं। जिसके बाद किसी लड़की को अपने पीछे भागता देख सचिन भी शरमा गए थे। वह चुपचाप अपनी कार में जा बैठे, क्योंकि उन्हें एयरपोर्ट पर लेने दोनों भाई अजीत और नितिन आए थे।

सचिन-अंजली की पहली बार फोन पर हुई बात


वहीं एयरपोर्ट पर पहली बार सचिन को देखने के बाद अंजलि किसी भी तरह उनसे बात करना और मिलना चाहती थीं। उन्होंने बड़ी जदो जहद करके दोस्तों की मदद से सचिन का फोन नंबर निकाला और बात करने में कामयाब हुईं। जिसके बाद अंजलि ने फोन कर सचिन को बताया- मैंने एयरपोर्ट पर आपको देखा था. इस पर सचिन का जवाब था- 'हां, मैंने भी आपको देखा था, आप मेरे पीछे भाग रही थीं।'

सचिन से मिलने के लिए अंजली बनी नकली पत्रकार

फोन पर बातचीत के साथ ही सचिन और अंजलि के बीच दोस्ती की बुनियाद पड़ चुकी थी। दरअसल, अंजलि ने एक इंटरव्यू में बताया था कि सचिन से मुलाकात करने के लिए वह खुद को पत्रकार बता उनके घर पहुंच गई थीं। इससे सचिन का परिवार हैरान रह गया था। सचिन की मां ने अंजलि से पूछा था- 'क्या तुम सच में पत्रकार हो..?' दरअसल, उन्होंने सचिन को चॉकलेट गिफ्ट करते हुए देख लिया था।

... और फिर शुरु हुआ मुलाकातों का सिलसिला

दिन-ब दिन सचिन की लोकप्रियता बढ़ने लगी थी। जिसके बाद अंजलि से शहर में कहीं भी मिलना ठीक नहीं था। ऐसे में वह अंजलि से मिलने ग्रांट मेडिकल कॉलेज- जेजे हॉस्पिटल जाने लगे, जहां अंजलि डॉक्टर बनने के लिए ट्रेनिंग पर थीं। अंजलि के लोनावाला स्थित पैतृक बंग्लो पर भी दोनों मिला करते थे। सचिन ने ऑटोबायोग्राफी (Sachin Tendulkar, Playing It My Way: My Autobiography) में एक घटना का जिक्र किया है। वह घटना ये है कि, एक बार काफी मशक्कत के बाद रात 8.30 बजे दोनों ने मिलने का प्लान बनाया। सचिन समय से पहुंच गए, लेकिन अंजलि घर से निकल नहीं पाईं। आखिरकार सचिन को अंजली से बिना मिले ही लौटना पड़ा था। उन्होंने बताया कि तब मोबाइल फोन नहीं होते थे और पब्लिक बूथ से अंजलि को फोन नहीं कर सकता था।

अंजली की खातिर 'सरदार' बने

1992 के समय की बात है, जब सचिन एक बार अंजलि के साथ फिल्म देखने के लिए थिएटर गए थे। अंजलि ने इसका खुलासा एक इंटरव्यू में किया था। अंजलि के अनुसार, 'हम दोनों कुछ फ्रेंड्स के साथ फिल्म 'रोजा' देखने पहुंचे थे। सचिन ने पहचान छुपाने के लिए सरदार जैसे कपड़े पहने थे और दाढ़ी लगा रखी थी। इंटरवल के बाद लोगों की नजर उनपर पड़ी और सचिन पहचान लिये गए थे। जिसके बाद हम सभी को फिल्म बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा था।'


अपने शर्मीले स्वभाव के कारण सचिन अपने और अंजली के बारे में अपने परिवार वालों को कुछ नहीं बता पा रहे थे। ऐसे में अंजलि ने ही एक कदम आगे बढ़ाया। बता दें कि, सचिन कह चुके हैं, 'अंजलि से शादी के बारे में परिवार से पूछना दुनिया के तेज गेंदबाजों का सामना करने से भी ज्यादा कठिन था। तभी मैंने यह जिम्मा अंजलि को सौंपा था।' जिसके बाद दोनों की सगाई 1994 में न्यूजीलैंड में हुई थी। तब सचिन भारतीय टीम के साथ न्यूजीलैंड दौरे पर थे। 24 अप्रैल को सचिन के 21वें बर्थडे पर दोनों की एंगेजमेंट हुई थी। और एक साल बाद ही 24 मई 1995 को सचिन-अंजलि शादी के बंधन में बंध गए। यानी करीब पांच साल के अफेयर के बाद सचिन-अंजलि एक हो गए।

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