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CWG 2018 : राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का स्वर्णिम सफर जारी, हीना सिद्धू ने जीता स्‍वर्ण, झोली में 11 गोल्‍ड समेत 21 पदक

पिस्टल निशानेबाज हीना सिद्धू ने खेलों के नये रिकॉर्ड के साथ आज यहां स्वर्ण पदक जीता जबकि पैरा पावरलिफ्टर सचिन चौधरी ने डोपिंग के इतिहास को पीछे छोड़कर कांस्य पदक अपने नाम किया।

CWG 2018 : राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का स्वर्णिम सफर जारी, हीना सिद्धू ने जीता स्‍वर्ण, झोली में 11 गोल्‍ड समेत 21 पदक
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गोल्डकोस्ट। पिस्टल निशानेबाज हीना सिद्धू ने खेलों के नये रिकार्ड के साथ आज यहां स्वर्ण पदक जीता जबकि पैरा पावरलिफ्टर सचिन चौधरी ने डोपिंग के इतिहास को पीछे छोड़कर कांस्य पदक अपने नाम किया लेकिन 21 वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का स्वर्ण बटोरों अभियान आज छठे दिन थोड़ा धीमा पड़ा।

भारोत्तोलकों का अभियान समाप्त हो चुका है और कुश्ती अभी शुरू नहीं हुई है तथा मुक्केबाज पदक दौर में ही पहुंचे थे इसलिए भारत के नाम पर आज ज्यादा पदक नहीं जुड़े। भारत हालांकि पदक तालिका में मेजबान ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बाद तीसरे स्थान पर बना हुआ है।

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भारत ने अब तक 11 स्वर्ण समेत 21 पदक जीते

भारत ने अब तक 11 स्वर्ण , चार रजत और छह कांस्य पदक जीते हैं। ब्रिस्बेन के बेलमोट शूटिंग सेंटर में भारतीयों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी लेकिन उनकी शुरूआत बहुत अच्छी नहीं रही क्योंकि गगन नारंग और चैन सिंह पुरूषों के 50 मीटर राइफल प्रोन में पदक जीतने में नाकाम रहे।

हीना सिद्धू ने रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता

लेकिन सिद्धू ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में खेलों के नये रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कहा- मैं थकी हुई हूं। आज के प्रदर्शन के बारे में यही मेरा कहना है। मेरी तर्जनी में लगातार दिक्कत थी लेकिन आज ज्यादा महसूस नहीं हुई। 10 मीटर एयर पिस्टल के दौरान बहुत परेशानी हो रही थी। मैं इसके लिए फिजियोथेरेपी करा रही थी लेकिन आज मैने फिजियो को बिल्कुल मना कर दिया और शुक्र है कि मैंने ऐसा किया।

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पैरा पावरलिफ्टिंग में सचिन चौधरी ने भारत को दिन का दूसरा पदक दिलाया

भारत को दिन का दूसरा पदक पैरा पावरलिफ्टिंग में चौधरी ने दिलाया। उन्होंने पुरूषों के हैवीवेट फाइनल में 181 किग्रा भार उठाया। यह पदक उनके लिये संजीवनी की तरह है क्योंकि 2014 में उन्हें डोपिंग में नाकाम रहने के कारण दो साल के लिये प्रतिबंधित कर दिया गया था। उन्होंने कहा- भारत में राष्ट्रमंडल खेलों को बेहद प्रतिष्ठित प्रतियोगिता माना जाता है। यह मेरे लिये जिंदगी बदलने वाला क्षण है।

भारत के पांच मुक्केबाज रिंग पर उतरे और उन सभी ने अपने अपने मुकाबले जीतकर पदक पक्के किये

मुक्केबाजों के लिये आज का दिन शानदार रहा। भारत के पांच मुक्केबाज रिंग पर उतरे और उन सभी ने अपने अपने मुकाबले जीतकर पदक पक्के किये। इनमें अनुभवी मनोज कुमार (69 किग्रा) भी शामिल हैं। उन्होंने 2010 में दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।

इन दोनों के अलावा इन खेलों में भाग ले रहे अमित पंघाल (49 किग्रा), मोहम्मद हसमुद्दीन (56 किग्रा), 19 वर्षीय नमन तंवर (91 किग्रा) और एशियाई खेलों के पूर्व कांस्य पदक विजेता सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक) ने भी सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने लिये पदक पक्के किये। भारतीय मुक्केबाजों ने इस तरह से अब छह पदक पक्के कर दिये हैं।

एमसी मेरीकोम

एमसी मेरीकोम पहले ही महिलाओं के 48 किग्रा में सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। ट्रैक एवं फील्ड में भी भारतीयों का कुछ अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। मोहम्मद अनस पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में आज यहां तीसरी बार राष्ट्रीय रिकार्ड बनाने के बावजूद मामूली अंतर से कांस्य पदक से चूककर चौथे स्थान पर रहे जबकि हिमा दास ने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ इसी स्पर्धा के महिला फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।

मोहम्मद अनस ने पिछले रिकार्ड में मामूली सुधार किया

अनस ने 45 .31 सेकेंड के समय के साथ 45 .32 सेकेंड के अपने ही पिछले रिकार्ड में मामूली सुधार किया जो उन्होंने पिछले साल नयी दिल्ली में इंडियन ग्रां प्री के दौरान बनाया था। अपने राष्ट्रीय रिकार्ड में 0 . 01 सेकेंड का सुधार करने के बाद अनस ने कहा, ‘‘मुझे खुद पर गर्व है।' हिमा दास भी महिलाओं 400 मीटर दौड़ में 51 .53 सेकेंड का अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाने में सफल रही।

भारत की पदक के लिये कल उम्मीदें निशानेबाजों पर टिकी रहेंगी

भारत की पदक के लिये कल उम्मीदें निशानेबाजों पर टिकी रहेंगी जब जीतू राय 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में उतरेंगे। वह दस मीटर में पहले ही स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। मुक्केबाजी में मेरीकोम फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेगी जबकि बैडमिंटन में किदाम्बी श्रीकांत, साइना नेहवाल और पी वी सिंधू व्यक्तिगत वर्ग में अपने अभियान की शुरूआत करेंगे। भारत ने बैडमिंटन टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।

इनपुट- भाषा

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