Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

यह हरियाणवी लड़का खेतों में प्रैक्टिस कर बना टेनिस चैंपियन

अजय मलिक ने चैंपियनशिप में बॉयज सिंगल्स खिताब जीतकर सभी को चौंका दिया है।

यह हरियाणवी लड़का खेतों में प्रैक्टिस कर बना टेनिस चैंपियन
हरियाणा. अगर व्यक्ति में सच्ची लगन हो तो कोई भी काम कठिन नहीं है। चाहे आपको सुविधाएं मिले या न मिले बावजूद इसके आप अपना रास्ता खुद ही बना लेते हैं। ऐसा ही हुआ है हरियाणा के एक छोटे से गांव में जहां अजय मलिक नाम का एक हरियाणवी लड़का उच्च श्रेणी की आधारभूत संरचना और सुविधाओं को आईना दिखाते हुए अपने पिता की खेती की जमीन पर अभ्यास कर रहा है।
हाल ही में डीएलटीए परिसर में संपन्न अंडर-14 टेनिस टूर्नामेंट में 13 साल का अजय राष्ट्रीय विजेता बनकर उभरा है। खेतों में बने मिट्टी के साधारण कोर्ट पर प्रैक्टिस करने वाले अजय ने चैंपियनशिप में बॉयज सिंगल्स खिताब जीतकर सभी को चौंका दिया है।
अजय अपने साधारण खानपान को अपनी जीत की बड़ी वजह मानता है। उसके पिता अजमेर मलिक भारतीय सेना के रिटायर्ड सूबेदार हैं। उनके पास इतना भी पैसा नहीं था कि वह मैच के दौरान बेटे के लिए केले और एनर्जी डिंक्स का इंतजाम कर पाते। इस दौरान अजय ने सिर्फ पानी पिया। अपने हाथों-पैरों में जान और मजबूत इच्छा शक्ति के दम पर उसने यह खिताब जीता।
नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले अजय ने दस साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया था। महज तीन साल में ही उसने अपनी उम्र की श्रेणी का सबसे बड़ा खिताब जीत लिया। अजय को उसके चचेरे भाई सोमबीर मलिक कोचिंग देते हैं, जिन्होंने खुद टीवी पर मैच देखकर टेनिस खेलना सीखा।
हालांकि बाद में कोहनी में चोट के चलते उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। अजय के पिता अजमेर ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस संस्थान’ अकादमी चला रहे हैं। जिसमें देसी जुगाड़ से उन्होंने उन बच्चों के लिए टेनिस का अभ्यास करने के साधन जुटाए हैं, जो पैसे के अभाव के चलते नहीं सीख पाते।
कोर्ट को सहारा देने के लिए बिजली के खंभे लगाए गए हैं। पांच से लेकर सौ किलो तक के टायरों के सहारे बच्चे मजबूती का अभ्यास करते हैं। इस अकादमी को बनाने में अजमेर मलिक ने रिटायरमेंट के बाद मिले 13 लाख में तीन लाख रुपये खर्च किए हैं।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

Next Story
Top