देशभर में आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। आधी रात से ही देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई हैं। विशेष रूप से महाकालेश्वर मंदिर में आज करीब 10 लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान है।
मंदिर के पट रात 2:30 बजे से खोल दिए गए हैं और यहां लगातार 44 घंटे तक दर्शन-पूजन होगा। इस दौरान शयन आरती नहीं होगी। 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे साल में एक बार होने वाली विशेष भस्म आरती भी आयोजित की जाएगी।
महाकाल का दूल्हे के रूप में भव्य श्रृंगार किया जा रहा है। इसके लिए 3 क्विंटल फूल मंगाए गए हैं। 100 किलो आंकड़े के फूल, सवा लाख बेल पत्र और 200 किलो देसी फूलों से 11 फुट का सेहरा तैयार किया गया है।
नीचे जानिए देश के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों के बारे में, जहां से भक्त LIVE दर्शन कर सकते हैं।
1. सोमनाथ मंदिर (गुजरात)
सौराष्ट्र, गुजरात में स्थित सोमनाथ पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। अरब सागर के किनारे स्थित यह मंदिर भव्यता और आस्था का प्रतीक है।
2. मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर (आंध्र प्रदेश)
श्रीशैलम में स्थित यह ज्योतिर्लिंग दक्षिण भारत का प्रमुख तीर्थ है। इसे शिव और पार्वती का संयुक्त स्वरूप माना जाता है।
3. महाकालेश्वर मंदिर (मध्य प्रदेश)
4. ओंकारेश्वर मंदिर (मध्य प्रदेश)
5. केदारनाथ मंदिर (उत्तराखंड)
हिमालय की गोद में स्थित केदारनाथ धाम कठिन यात्रा के बावजूद अत्यंत पवित्र माना जाता है।
6. भीमाशंकर मंदिर (महाराष्ट्र)
पुणे के पास स्थित यह ज्योतिर्लिंग सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में बसा है।
7. काशी विश्वनाथ मंदिर (उत्तर प्रदेश)
8. त्र्यंबकेश्वर मंदिर (महाराष्ट्र)
नासिक में स्थित यह ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के पास है।
9. बैद्यनाथ धाम (झारखंड)
देवघर स्थित यह ज्योतिर्लिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
10. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (गुजरात)
द्वारका के निकट स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग समुद्र तट के पास स्थित है।
11. रामेश्वरम मंदिर (तमिलनाडु)
रामेश्वरम में स्थित यह ज्योतिर्लिंग उत्तर और दक्षिण भारत की आस्था को जोड़ता है।
12. घृष्णेश्वर मंदिर (महाराष्ट्र)
औरंगाबाद के पास स्थित यह बारहवां ज्योतिर्लिंग है, जिसे घृष्णेश्वर या घुश्मेश्वर भी कहा जाता है।
महाशिवरात्रि का महत्व
महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण और रात्रि जागरण का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के साथ-साथ ऑनलाइन LIVE दर्शन का लाभ भी ले रहे हैं।
इस पावन अवसर पर श्रद्धालु “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष के साथ भगवान शिव से सुख-समृद्धि और शांति की कामना कर रहे हैं।
