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सचिन पायलट ने कांग्रेस छोड़ने के दिए संकेत, जानिए कैसे

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद सचिन पायलट के तरफ से भी कांग्रेस छोड़ने के संकेत मिले हैं।

Rajasthan Crisis: सचिन पायलट ने उपमुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद किया ट्वीट, सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया
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Rajasthan Crisis: सचिन पायलट ने उपमुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद किया ट्वीट, सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद से कांग्रेस पार्टी उथल-पुथल हो गई है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी कांग्रेस पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं।

यये है मामला

ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ 20 विधायकों ने आज कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी के कई और नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। बता दें कि दिल्ली चुनाव के बाद से ही कांग्रेस पार्टी के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई नेताओं ने युवाओं को कांग्रेस की बागडोर संभालने का सुझाव भी दे दिया था। लेकिन मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद सियासत ज्यादा गर्म हो गई। जिससे जितने भी नेता अभी तक चुप बैंठे अच्छे दिन का इंतजार कर रहे थे। वो सामने आकर कांग्रेस पार्टी के पास अपनी शिकायतें बताने लगे हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद जहां एक और दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करके कहा कि जो सच्चा कांग्रेसी है, वो कांग्रेस के साथ बना रहेगा। वहीं दूसरी तरफ बाकी नेताओं ने कांग्रेस के तरीकों पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। हाल ही में हरियाणा के कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई ने भी ट्वीट के जरिए कहा कि देशभर में कई अन्य समर्पित कांग्रेसी नेता हैं जो अलगाव और असंतोष महसूस करते हैं। लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर अभी तक सचिन पायलट का कोई ट्वीट नहीं आया है। ऐसा लग रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा उठाया गया कदम सचिन पायलट को सही लग रहा हो।

सचिन पायलट ने दिए कांग्रेस छोड़ने के संकेत

मध्यप्रदेश में सियासी हलचल मचने के बाद सचिन पायलट ने एक ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि मुझे उम्मीद है कि मप्र में मौजूदा संकट जल्द ही समाप्त हो जाएगी और नेता मतभेदों को हल करने में सक्षम होंगे। उन्होंने अपने ट्वीट में एक बात और कही जिसे पढ़ने वाले चौंक गए थे।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं से किए गए वादों को पूरा करने के लिए राज्य को एक स्थिर सरकार की आवश्यकता है। इस बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। जिसमें लोगों ने सवाल करने शुरू कर दिए कि स्थिर सरकार का क्या मतलब है। क्या कमलनाथ सरकार उनके नजर में स्थिर सरकार नहीं है? इस एक ट्वीट ने कांग्रेस की सत्ता पर कई सवाल खड़े कर दिए। साथ ही लोगों को यह भी लगने लगा कि सचिन पायलट भी कांग्रेस पार्टी से जल्दी ही इस्तीफा देने वाले हैं।

संकेत देती हुई ये दो बातें

मध्यप्रदेश सरकार में हलचल शुरू होते ही कांग्रेस को स्थिर सरकार मानने से इनकार कर देना सचिन पायलट की तरफ से वो पहला संकेत है। जिससे ये माना जा सकता है कि वो भी उन नेताओं में शामिल हैं जो कांग्रेस के रवैये से खुश नहीं है।

दूसरी तरफ ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से लोगों को होली और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की शुभकामनाएं दी। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़े मसले पर कोई जिक्र तक नहीं किया। जिसके बाद ट्वीटर पर भी हाहाकार मचता हुआ दिख रहा है। लोग तरह-तरह के कमेंट करते हुए नजर आ रहे हैं। सचिन पायलट के नाम से एक हैशटैग भी ट्रेंड हो रहा है। जिसमें लोग यही कहते हुए दिख रहे हैं कि सचिन पायलट को भी कांग्रेस से इस्तीफा दे देना चाहिए।

साथ ही गौर करने वाली बात एक और है। सचिन पायलट ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट लाइक किया है जिसमें यशोधरा राजे सिंधिया ने लिखा है कि राजमाता के रक्त ने लिया राष्ट्रहित में फैसला साथ चलेंगे,नया देश गढ़ेंगे,अब मिट गया हर फासला। ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस छोड़ने के साहसिक कदम का मैं आत्मीय स्वागत करती हूँ।


इस ट्वीट को लाइक करने से ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा पार्टी छोड़ने के निर्णय को सचिन पायलट अपना भी समर्थन दे रहे हों। साथ ही वो खुद भी पार्टी छोड़ने के लिए अग्रसर हों।

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