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मेडिकल कॉलेजों में नही रुक रहा आत्महत्या का सिलसिला, सीनियर्स से परेशान डॉक्टर ने चुनी मौत

राजस्थान की राजधानी जयपुर में हॉस्टल में रेजीडेंट डॉ. साक्षी गुप्ता ने आत्महत्या कर ली। उनकी आत्महत्या का कारण कुछ और नहीं बल्कि सीनियर डॉक्टरों द्वारा परेशान करना है। डॉक्टरों के लगातार दबाव देने, कोसने और डांटने से छुटकारा पाने के लिए साक्षी ने फांसी का फंदा चुना और मौत को गले लगा लिया।

मेडिकल कॉलेजों में नही रुक रहा आत्महत्या का सिलसिला, सीनियर्स से परेशान रेजीडेंट डा. ने चुनी मौतRajasthan Resident Doctor Suicide Report against five female doctors

लगातार खुदकुशी के मामलों के बाद सरकार ने कॉलेजों में हो रही रैगिंग को बंद करवा दिया है। साथ ही कहा कि कहीं भी ऐसी शिकायत आती है तो आरोपियों को तत्काल बाहर कर दिया जाए। सरकार के इस फैसले का असर भी कई यूनिवर्सिटियों में देखने को मिला जहां पर रैंगिंग आउट हो गई। लेकिन डॉक्टरों ने इसे जैसे पकड़ लिया हो वो आज भी अपने अपने जूनियरों को इतना परेशान कर देते हैं कि उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में हॉस्टल में रेजीडेंट डॉ. साक्षी गुप्ता ने आत्महत्या कर ली। उनकी आत्महत्या का कारण कुछ और नहीं बल्कि सीनियर डॉक्टरों द्वारा परेशान करना है। डॉक्टरों के लगातार दबाव देने, कोसने और डांटने से छुटकारा पाने के लिए साक्षी ने फांसी का फंदा चुना और मौत को गले लगा लिया। साक्षी की मौत के बाद राजस्थान ही नहीं परे देश की डॉक्टर मंडली पर सवाल खड़े होना शुरू हो गया।

सांगानेरी गेट पर धरने पर बैठी मृत साक्षी की मां की बात सुनकर तो लोगों का कलेजा हलक में आ जा रहा था। उन्होने कहा कि साक्षी ने रात फोन किया और अगले 15 मिनट तक बस रोती रही। बताया की काम का बहुत प्रेशर है, सीनियर डॉक्टर बहुत ज्यादा दबाव बनाते हैं। हर बात पर मुझे डांटते हैं। 6 घंटे की जगह 12 घंटे काम लेते हैं। बिलावजह का कोसते हैं। इतना कहकर वह फिर से रोने लगी।

ये सब बताते हुए मां के आंसू रुक ही नहीं रहे थे। वह बार बार कहती थी कि मेरी साक्षी बेहद होनहार थी। उसने 3 हजार रैंक लाया था। और अपनी जिद से एसएमएस में एडमिशन के लिए कहा। मां बोलती और रो देती। वह आखिर में बस यही बोलती कि काश हम साक्षी की परेशानी समझ पाते, काश हम समझ गए होते बेटी की परेशानी तो यहां कभी न भेजते अपने कलेजे के टुकड़े को।

साक्षी के पिता ने आत्म हत्या के मामले में कुल पांच डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने पांचो की गिरफ्तारी के लिए कई जगह छापेमारी की। मेडिकल एसोसिएशन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही आगे से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रतिबद्धता दिखाई।

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