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राक्षस से भी बदतर है राजस्थान की पुलिस, महिला से रेप कर नोच लिए हाथ और पैर के नाखून

पिछले कुछ महीनों से राजस्थान पुलिस लगातार चर्चा में है। किसी बहादुरी के लिए नहीं बल्कि अपने शर्मनाक कृत्यों के लिए। चुरू जिले के सरदारशहर पुलिस ने चोरी के आरोप में एक युवक को कब्जे में लिया। कस्टडी में युवक की मौत हो गई। युवक की मौत तूल ही पकड़ रही थी कि पता चला कि पुलिस ने मृत युवक की भाभी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

राक्षस से भी बदतर है राजस्थान की पुलिस, पहले पीटकर युवक को मार डाला फिर महिला के साथ किया गैंगरेपRajasthan Death of young man in Police custody and Rape with woman Sardar Shahar thana

पिछले कुछ महीनों से राजस्थान पुलिस लगातार चर्चा में है। किसी बहादुरी के लिए नहीं बल्कि अपने शर्मनाक कृत्यों के लिए। चुरू जिले के सरदारशहर पुलिस ने चोरी के आरोप में एक युवक को कब्जे में लिया। कस्टडी में युवक की मौत हो गई। युवक की मौत तूल ही पकड़ रही थी कि पता चला कि पुलिस ने मृत युवक की भाभी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

मामले की जानकारी होते ही सीएम के आदेश पर चुरू पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार ने सरदारशहर पुलिस उपाधीक्षक और एपीओ को सस्पेंड कर दिया। युवक की पिटाई के पीछे जांच कर रही क्रमिक विभाग ने शुरुआती जांच में पाया कि युवक की मौत पिटाई से हुई है।

6 जुलाई को हुई मौत के बाद 12 जुलाई को इस मामले में बड़ा मोड़ आ गया। जब मृत नेमीचंद की भाभी ने पुलिस पर बलात्कार का आरोप लगाया। महिला के साथ हैवानियत की हदे पार करते हुए उसके हाथ और पैर के नाखून नोच लिए गए। कथित रूप से उसके साथ कुल 6 पुलिस वालों ने दुष्कर्म किया।

पुलिस कस्टडी से मरे युवक के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि महिला अपने देवर की मौत की चश्मदीद गवाह थी। उसकी गवाही से पुलिस वालों पर कार्रवाई तय थी इसलिए 6 पुलिस वालों ने महिला के साथ हैवानियत की। पीड़ित महिला को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है। जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

परिजनों ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। सरदारशहर पूरा थाना ही बदल दिया गया है। थानाधिकारी और आठ पुलिस कर्मी पहले से ही सस्पेंड थे बाकी 26 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया जा चुका है। सीएम गहलोत ने आदेश दिया है कि ऐसी घटनाएं होने पर किसी एक अधिकारी नहीं बल्कि पूरे थाने पर गाज गिरेगी।

ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि इसके पहले भी प्रदेश की पुलिस ने अपनी किरकिरी करवाई है। लोकसभा चुनाव के दौरान अलवर जिले में एक दलित महिला के साथ गैंगरेप होता है। पुलिस तत्काल कोई कार्रवाई नहीं करती। बुलंद हौसला लिए आरोपियों ने गैंगरेप का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

जब पुलिस और सरकार पर दबाव बना तो कार्रवाई करते हुए उन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया साथ ही जिम्मेदार पुलिस वालों पर कार्रवाई की। पीड़ित महिला का मेडिकल कराया गया। और उसे मुआवजा दिया गया। पुलिस अगर पहले से ही सख्ती दिखाए ऐसी घटना को रोका जा सकता है पर राजस्थान पुलिस तो चिर निद्रा में लीन है।

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