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राजस्थान बजट 2019 : व्यापारी, किसान, नौजवान के लिए हो सकता है नया ऐलान

राजस्थान की गहलोत सरकार 10 जुलाई को विधानसभा में बजट पेश करेगी। कांग्रेस सरकार के इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें है। जनता की उम्मीदों का बोझ लिए सीएम अशोक गहलोत कितना कामयाब हो पाते हैं ये भी देखना होगा। छात्र और व्यापारियों की इस बजट पर सबसे ज्यादा नजर है।

राजस्थान बजट 2019 : व्यापारी, किसान, नौजवान के लिए हो सकता है नया ऐलान
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Rajasthan Budget 2019 high hopes for businessmen student and former

राजस्थान की गहलोत सरकार 10 जुलाई को विधानसभा में बजट पेश करेगी। कांग्रेस सरकार के इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें है। जनता की उम्मीदों का बोझ लिए सीएम अशोक गहलोत कितना कामयाब हो पाते हैं ये भी देखना होगा। छात्र और व्यापारियों की इस बजट पर सबसे ज्यादा नजर है। क्योंकि सरकार चुनाव में वादा किया था कि सरकार बनते ही रोजगार के नए अवसर सृजन करेंगे।

प्रदेश का व्यापारी वर्ग सरकार से नई घोषणाओं के इंतजार में है। आर्थिक मंदी से जूझ रहे बाजार में निवेश करने वाले बड़े व्यावसायी दूर से ही नमस्ते करके आगे बढ़ जा रहे हैं। ऐसा तब है जब सरकार ने एक एमएसएमई उद्योग मित्र पोर्टल की शुरूआत की है। जिसके तहत प्रदेश में किसी उद्योग लगाने के लिए किसी तरह की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। 12 जून से अब तक कुल 733 लोगों ने इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया और अगले ही पल उन्हें उद्योग स्थापित करने की अनुमति मिल गई।


सरकार द्वारा व्यावसायियों को छूट देने के पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है कि सरकार जानती है कि सबको रोजगार दे पाना बस में नहीं है इसलिए नए उद्योग स्थापित किए जाएं ताकि उसके जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिल सके। गहलोत सरकार ने रोजगार की बदहाल स्थिति और परीक्षाओं में भ्रष्ट्राचार को रोकने के वादे के साथ विधानसभा चुनाव लड़ा और जीतकर पहले से सत्ता पर कबिज भाजपा की वसुंधरा सरकार को हटाया।

कर्जमाफी को लेकर भी बजट में कुछ ऐलान किया जा सकता है। पिछले दिनों प्रदेश के एक किसान ने कर्जमाफी को लेकर सरकार पर आरोप लगाया और फिर उसके बाद जहर खाकर जान दे दी। वीडियो के वायरल होने के बाद सरकार की जमकर किरकिरी हुई। माकपा के विधायक तो किसानों को न्याय दो का स्लोगन लिखा कपड़ा पहनकर विधानसभा में पहुंच गए। सच बात यह भी है कि किसान कर्जमाफी ने कांग्रेस को प्रदेश में बड़ा मैंडेट दिया।

गहलोत के बजट में बिजली की बढ़ी कीमत भी एक मुद्दा है जिसे लेकर प्रदेश के व्यापारी सड़क पर उतर चुके हैं। साथ ही सीएम ने जब इन व्यावसायियों से सुझाव मांगा था तो उन्होंने महंगी बिजली में छूट देने की अपील की है। साथ ही खाद्य पदार्थों में मंडी टैक्स कम करने की भी मांग की है। रियल स्टेट से जुड़े बिल्डरोने ने स्टाम्प ड्यूटी कम करने का सुझाव दिया है।

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