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खुलासा: राजस्थान के लोगों के लिए मुसीबत बना ट्रू कॉलर, लाखों लोगों के मोबाइल नंबर हुए लीक

यह दावा किया जा रहा है कि ट्रू कॉलर से राजस्थान के 2 करोड़ मोबाइल नंबर से डाटा लीक हो गया है।

खुलासा: राजस्थान के लोगों के लिए मुसीबत बना ट्रू कॉलर,लाखों के मोबाइल नंबर हुए लीक
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ट्रू कॉलर लाखों के मोबाइल नंबर लीक (फाइल फोटो)

राजस्थान में करोड़ों लोग साइबर फ्रॉड का शिकार हुए है। स्मार्टफोन में कॉलर आईडी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ऐप ट्रू कॉलर लोगों के लिए नई मुसीबत बन गया है। सायबर क्रिमिनल्स ट्रू कॉलर के जरिए बैंक, कस्टमर केयर, कुरियर कंपनी के नाम से फेक नम्बर सेव करके सायबर मनी फ्रॉड जैसे काइम को अंजाम दे रहे हैं। एक सायबर सिक्योरिटी रिसर्चर का दावा है कि ट्रू कॉलर के जरिए देश के 30 करोड़ मोबाइल यूजर्स का पर्सनल डाटा लीक हुआ है। इसमें राजस्थान के करीब 2 करोड़ मोबाइल नंबर, 40 लाख ईमेल आईडी, 20 लाख फेसबुक आईडी और 10 लाख फोटो, जॉब प्रोफाइल, और ट्विटर अकाउंट डिटेल्स भी शामिल हैं। रिसर्चर ने यह बताया है कि इस लीक डाटा के जरिए साइबर अपराधी यूजर्स की प्रोफाइल खंगालकर ठगी करते हैं।

ट्रू कॉलर एप की कमी का फायदा उठाते हैं साइबर अपराधी

  • • साइबर अपराधी पहले गूगल फिर ट्रू कॉलर पर फेक नाम से नम्बर सेव करते हैं। जिससे यूजर्स आसानी से धोखा खा जाते हैं।
  • • साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक जब दो ट्रू कॉलर यूजर किसी मोबाइल नम्बर को जिस भी नाम से सेव करते हैं, सभी ट्रू कॉलर ऐप यूजर्स को कॉलर आईडी में उसी नाम से वह नम्बर दिखाई देता है।
  • • बिना वेरिफाई किए सेव होने वाले ट्रू कॉलर ऐप की इसी कमी का फायदा उठाकर अपराधी पहले गूगल और फिर ट्रू कॉलर पर फेक नाम से नंबर सेव करते हैं।
  • • जब कोई उपभोक्ता गूगल से बैंक या सर्विस सेंटर के नंबर लेता है, तो उसे ट्रू कॉलर पर उसी नाम से नबंर शो करता है जो अपराधी द्वारा बनाया गया होता है। यूजर्स उसी नबंर को सही मानकर जाल में फंस जाता है।
  • • ठग साइबर ठग कॉलर को रजिस्ट्रेशन के नाम से यूपीआई लिंक भेजकर भी मनी फ्रॉड भी बडी आसानी से कर लेते है।

बैंक भी समय-समय पर साइबर काइम को लेकर उपभोक्ताओं को सतर्क करते रहते है। काफी समय से लोग साइबर काइम के शिकार हो रहे है। बैैंक ऐड के जरिए भी लोगों को सावधान करने का काम करते हैं।

साइबर काइम का न हो शिकार बरतें ये सावधानियां

  • • किसी भी बैंक, सर्विस सेंटर या कंपनी का कस्टमर केयर नम्बर गूगल से सर्च न करके अधिकारिक वेबसाइट से ही लें।
  • • बैंक या कंपनी की तरफ से फोन पर आपको लुभावने ऑफर दिए जाए, तो आप बिना वेरिफाई किए उसे किसी भी तरह की जानकारी न दें।
  • • मोबाइल पर किसी भी ऐप या अनजान नबर से आने वाले लिंक को क्लिक न करें।

डीटेल्स में कॉलर का नाम, लोकेशन और प्रोफेशन बताता है ट्रू कॉलर

ट्रू कॉलर एक ऐसा ऐप है जिसके जरिए यूजर्स को कॉलर आईडी पता चल जाती है।यह एक ऐसा ऐप है जो आपके नंबर पर आने वाली कॉल की डीटेल्स बताता है। डीटेल्स में कॉलर का नाम, लोकेशन और प्रोफेशन भी बताता हैं। आमतौर पर इसके द्वारा ज्यादा जानाकारी तब मिलती है जब कॉल करने वाले के पास भी यह ऐप है और उसमें रजिस्टर कर रखा है।ट्रू कॉलर के डेटाबेस में लगभग 3 बिलियन लोगों के प्राइवेट नंबर हैं ।

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