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मॉब लिंचिंग : नहीं रुक रहा भीड़ तंत्र का कहर, चार बेटियों के पिता को पीट-पीटकर मार डाला

देश में झारखंड और राजस्थान दो ऐसे राज्य हैं जिन्होंने मॉब लिंचिंग के सारे मामले अंजाम देने का जैसे ठेका सा ले लिया हो। 16 जुलाई को अलवर जिले के चौपानकी थाना इलाके में एक युवक बाइक से जा रहा था। उसकी बाइक से एक महिला को टक्कर लगी और फिर लोगों ने अपने अन्दर कई दिनों से भरे गुस्से को उसके ऊपर निकाल दिया। जो आया पीटता गया।

मॉब लिंचिंग : नहीं रुक रहा भीड़ तंत्र का कहर, चार बेटियों के पिता को पीट-पीटकर मार डाला
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Mob Lynching incident in Chopanki police station area in Alwar

देश में झारखंड और राजस्थान दो ऐसे राज्य हैं जिन्होंने मॉब लिंचिंग के सारे मामले अंजाम देने का जैसे ठेका सा ले लिया हो। 16 जुलाई को अलवर जिले के चौपानकी थाना इलाके में एक युवक बाइक से जा रहा था। उसकी बाइक से एक महिला को टक्कर लगी और फिर लोगों ने अपने अन्दर कई दिनों से भरे गुस्से को उसके ऊपर निकाल दिया। जो आया पीटता गया। पीटते-पीटते युवक हरीश जाटव को बेहोश कर दिया।

जब जी भर के पीट लिया तो हरीश को मरने की हालत में छोड़कर वहां से चलते बने। किसी भले इंसान की सूचना पर पुलिस पहुंची और उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां हरीश की स्थिति देखकर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर लिए। परिजनों ने हरीश की जिंदगी बचाने के लिए उसे गुरुग्राम लाए जहां इलाज के दौरान वह जिन्दगी से हार गया। और इस तरह एक बार फिर से नफरत जीत गई। हरीश की मौत के बाद उसके परिवार पर घनघोर आर्थिक संकट टूट पड़ा। उसकी चार बेटियां हैं।


मृत हरीश के पिता अंधे हैं। हरीश ट्रक चलाकर परिवार की गाड़ी को खींचकर आगे ले जा रहा था। पर लोगों ने उसकी उसकी जान ले ली। राजस्थान का ये वही अलवर है जहां अक्सर मॉब लिंचिंग की घटनाएं होती रही हैं। पिछले साल यहीं पहलू खान को गाय की तस्करी के नाम पर लोगों ने पीट पीटकर मार डाला था।

आप भीड़तंत्र द्वारा किए जा रहे न्याय की संख्या गिनते जाइए गिनती खत्म नहीं होगी। 18 की रात को बिहार में तीन लोगों को चोरी के इल्जाम में पकड़ा गया और पूरा गांव मिलकर पीटता रहा। लाठी, डंडे, लात, जूते जिससे भी हो सका पीटते रहे।

सुबह गांव वाले जीत गए क्योंकि उन्होंने 4 में से 3 लोगों को पीट-पीटकर मार डाला। दो हफ्ते पहले बिहार के ही पड़ोसी राज्य झारखंड में तबरेज चोरी के इल्जाम में पकड़ लिया। उसे पोल में बांधकर पीटते रहे। रात से सुबह और फिर दोपहर हो गई पर पीटना बन्द नहीं किया। उसे भी मार डाला।

झारखंड में मॉब लिंचिंग जैसे आम बात हो गई है। हर 10-15 दिन में राज्य के किसी ने किसी हिस्से से भीड़ तंत्र के कहर की सूचना मिल जाती है। इस मसले पर सरकार को भी जमकर घेरा गया पर वह हर बार आरोपियों को कड़ी सजा देने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लेते हैं।

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