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Exit Poll 2018 / वसुंधरा की कुंडली में है ''खंडित राजयोग'', क्या राजे का फिर हो पाएगा ''राजतिलक'' जानें यहां

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के लिए मतदान समाप्त होने के बाद अब कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।इन तमाम अटकलों के बीच हम आपको बता रहे हैं कि इस बार वसुंधरा राजे के सितारे क्या कहते हैं।

Exit Poll 2018 / वसुंधरा की कुंडली में है

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के लिए शुक्रवार शाम को मतदान समाप्त हो गया। राजस्थान में करीब 73 फीसदी मतदान हुआ। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मतदान समाप्त होने के बाद अब कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं।

इन तमाम अटकलों के बीच हम आपको बता रहे हैं कि वसुंधरा राजे की कुंडली में दोबारा राजयोग है या नहीं?

क्या कहते हैं वसुंधरा के सितारे-

ज्योतिषाचार्य पंडित धनंजय पाण्डेय के अनुसार- वसुंधरा राजे का जन्म 8 मार्च 1953 में सिंह लग्न वृश्चिक राशि में हुआ। लग्न का स्वामी सूर्य लग्न को ही देख रहा है, अतः वसुंधरा साहसी होने के साथ-साथ दबंग भी है।

वसुंधरा राजे के जन्म के समय दशम भाव का स्वामी शुक्र पंचमेश और अष्टमेश गुरु के साथ होकर नवम भाग्य भाव में है। यह मेष राशि में होने से 'खण्डित राजयोग' बना रहा है।

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वसुंधरा के जन्म के समय नीच का चन्द्रमा होने से वो स्पष्ट वक्ता हैं। कभी-कभी वाणी के कारण विरोध का भी सामना करना पड़ता है। इस चुनाव में भाग्य भाव पर शनि की नीच दृष्टि और भाग्य का अष्टम भाव में होना नुकसानप्रद रहेगा।

हालांकि गुरु का गोचरीय भ्रमण मिथुन में होने से और चन्द्र पर गोचरीय पंचम दृष्टि पड़ने से राजयोग बन रहा है। अत: वसुंधरा का जीतना तो तय है लेकिन सत्ता के गलियारे तक पहुचंना जरा मुश्किल है।

वसुंधरा के जन्म के समय शत्रु पक्ष का स्वामी शनि वक्री होकर तृतीय भाव में है व वर्तमान में शनि उच्च का होकर अस्त है यह योग सावधानी की और संकेत करते हैं। थोड़ी-सी असावधानी सत्ता से दूर कर सकती है।

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