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सचिन पायलट समेत राजस्थान में इन नेताओं की चुप्पी कांग्रेस को पड़ सकती है भारी

मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के 24 घंटे बाद भी सचिन पायलट समेत राजस्थान के कई बड़े नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। कांग्रेस सरकार के भविष्य को लेकर इसे खतरनाक बताया जा रहा है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया पर सचिन पायलट ने तोड़ी चुप्पी, मामला न सुलझा पाने पर पार्टी नेतृत्व की बतायी हार
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (फाइल)

मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे देते ही महाराष्ट्र और राजस्थान में सरकारों के लिए संकट खड़ा हो गया है। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत युवा नेताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे पर चुप्पी साथ ली है। जिसे राजनीतिक पंड़ित ज्योतिरादित्य सिंधिया के पक्ष में युवा नेताओं का मौन समर्थन मान रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया को समर्थन न देकर अपनी ही पार्टी को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।

राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के 24 घंटे बाद भी कोई टिप्पणी नहीं की है। कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार दोपहर 12.10 मिनट पर इस्तीफा दिया था। जिसके बाद मध्यप्रदेश समेत पूरी कांग्रेस में भूचाल आ गया। इसके बाद उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार शाम तक 5 ट्विट किए हैं। जिनमें से दो ट्विट बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा की सदस्यता लेने के बाद किए गए हैं। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने और भाजपा जॉइन करने को लेकर लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

राहुल गांधी से जुड़े नेता नाराज

सूत्रों के मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने को लेकर राहुल गांधी से लेकर तमाम युवा नेता खुश नहीं है। लेकिन उससे ज्यादा नाराजगी शीर्ष नेतृत्व से है। क्योंकि राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद युवा नेताओं को किनारे कर दिया गया। उन्हें राज्यों में आगे नहीं बढ़ने देने के आरोप लगे। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी भले मध्यप्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम से खुश नहीं हैं। लेकिन इसके लिए जिम्मेदार कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व को मान रहे हैं।

इन नेताओं ने नहीं की कोई टिप्पणी

ज्योतिरादित्य सिंधिया के ऊपर सीधे टिप्पणी नहीं करने वाले नेताओं की कतार लंबी है। लेकिन उनमें प्रमुख युवा नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जितिन प्रसाद, मिलिंद देवरा, आरपीएन सिंह, गौरव गोगाई समेत कई शामिल हैं।

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