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आधी रात सड़कों पर भटकती रही गर्भवती महिला, कोरोना खौफ से अस्पताल वालों ने नहीं किया भर्ती

जयपुर में एक गर्भवती महिला (Pregnant woman) आधी रात सड़कों पर भटकती रही। बावजूद सिर्फ कोरोना के डर से एक अस्पताल वालों ने भर्ती नहीं लिया।

आधी रात सड़कों पर भटकती रही गर्भवती महिला, कोरोना खौफ से अस्पताल वालों ने नहीं किया भर्ती
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक गर्भवती महिला प्रसव (Delivery) के लिए आधी रात सड़कों पर भटकती रही। इसके बावजूद सिर्फ कोरोना के डर से गणगौरी अस्पताल वालों ने एडमिट नहीं किया। दरअसल, शनिवार रात करीब 2 बजे महिला के पति ने एंबुलेंस से गणगौरी अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल प्रबंधन (Hospital management) ने कहा कि यहां पहले से ही कोरोना (Coronavirus) का अटैक है। इसके चलते भर्ती नहीं कर सकते हैं। हैरानी की बात है कि भर्ती न लेने के बावजूद महिला को बिना एंबुलेंस से पैदल वापस भेज दिया। महिला गर्भवती (Pregnant Woman) के हालात में आधी रात पैदल सफर करती रही।

इस बीच चौड़ा रास्ता स्थित गोपाल जी का रास्ता के ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल नरेंद्र निठरवाल से भेंट हुई। हालात को देखते हुए तीनों से पूछताछ की। महिला के पति ने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद कांस्टेबल नरेंद्र ने कार में जरिए महिला को अस्पताल सांगानेरी गेट में भर्ती कराया। जहां महिला ने रविवार दोपहर एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया।

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अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ होगी जांच

कांस्टेबल नरेंद्र की पूछताछ में महिला के पति भैरूं ने बताया कि वह सांगानेर में रहते हैं। रविवार की रात अचानक पत्नी की लेबर पेन शुरू हो गई। इसके लिए निजी एंबुलेंस से छोटी चौपड़ स्थित गणगौरी हॉस्पिटल ले गए। जहां अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि यहां कोरोना पेशेंट को भर्ती किया गया है।

इसलिए यहां इलाज नहीं होगा। यहां तक की गणगौरी हॉस्पिटल से एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं दी गई। इसके चलते गर्भवती पत्नी समेत सभी लोग पैदल निकल पड़े। रास्ते में कांस्टेबल नरेंद्र ने कार से महिला हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां महिला ने रविवार की दोपहर को एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया।

इस लापरवाही पर गणगौरी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ.अजय माथुर ने कहा कि हॉस्पिटल में हर रोज डिलीवरी होती है। अगर किसी पेशेंट को दूसरे हॉस्पिटल में भेजा जाता है तो उसे एंबुलेंस की सुविधा दी जाती है। लेकिन अभी जो मामला सामने आया है, इसके लिए जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Priyanka Kumari

Priyanka Kumari

Jr. Sub Editor


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