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जोधपुर: रेप केस में आसाराम दोषी करार, जेल को बनाया कोर्ट

जोधपुर सेंट्रल जेल के डीआईजी विक्रम सिंह ने बताया कि बुधवार को मामले की सुनवाई शुरू हो सकती है, लेकिन उससे पहले जज मधुसूदन शर्मा कोर्ट जाएंगे।

जोधपुर: रेप केस में आसाराम दोषी करार, जेल को बनाया कोर्ट
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नाबालिग दलित लड़की से रेप केस में आसाराम के खिलाफ बुधवार को जोधपुर की कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। जोधपुर एससी/एसटी कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा जोधपुर सेंट्रल जेल में ही तैयार किए गए कोर्ट में अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने आसाराम समेत सभी आरोपी दोषी करार दिए गए हैं। कोर्ट ने 7 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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जेल प्रशासन ने बताया कि फैसले के एक दिन पहले आसाराम ने जेल में रात का भोजन किया और टहला। डीआईजी विक्रम सिंह ने बताया कि फैसला सुनाए जाने से हर कैदी तनाव में होता है सो आसाराम भी थोड़ा तनाव में जरूर दिखा, हालांकि वह पूरी तरह स्वस्थ्य है। उसने अपनी आदत के अनुसार कई कैदियों को प्रवचन भी दिए।

'होइहैं वही जो राम रचि राखा'

डीआईजी विक्रम सिंह ने बताया आसाराम से जब कल मामले में फैसला सुनाए जाने पर बात की गई तो आसाराम ने कहा 'होईहैं वही जो राम रचि राखा, जो भगवान तय करेगा वही होगा'। उन्होंने कहा आसाराम 'हमें भी कई बार कहता है कि महंगे जूते और महंगे सामान मत पहना करो। मितव्ययिता की बात करता है।'

सजा होने के बाद मिलेगी वर्दी

आसाराम 4 साल से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद जरूर है, लेकिन अभी वह अपने संन्यासी के भेष में ही रहता है। डीआईजी ने बताया कि आसाराम अगर दोषी साबित होता है तो उसे कैदियों की वर्दी दी जाएगी। थोड़ा बहुत अंतर तो होता ही है सजायाफ्ता और दोषी होने पर।

कैदी के व्यवहार और हमारे रख-रखाव में भी यह अंतर होता है। डीआईजी ने कहा कि आसाराम बीमारियों से त्रस्त है और बुढापे में बीमारियां हो ही जाती हैं।

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आसाराम के इन बयानों ने बटोरी चर्चा-

1-मैं बीमार हूं, मुझे उपचार करवाना है

2-तबीयत को लेकर अशोक सिंघल से बात हुई है अब मुझे ऑपरेशन नही करवाना।

3-मैं गवाहों को क्यों खरीदूंगा मेरा क्या लेना-देना है।

4-मेरे पास बहुत संपत्ति है देश में सबसे ज्यादा।

5-मीडिया कुछ भी कहे मुझे क्या लेना-देना है।

6-मै तो चाहता हूं जो भी हो जल्दी हो, निर्दोश को न्याय मिले।

7- साबित करो कि मैंने गवाह को खरीदा है।

इनपुट- भाषा

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