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फतेहगढ़ साहिब सीट पर आमने-सामने होंगे दो पूर्व IAS अधिकारी, दोनों हैं जिगरी दोस्त

जाब की फतेहगढ़ साहिब (सु.) सीट से दोस्त रहे दो पूर्व आईएएस अधिकारी एक दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। इन दिनों दोनों पूर्व नौकरशाह पंजाब के लिए अपने योगदान को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

फतेहगढ़ साहिब सीट पर आमने-सामने होंगे दो पूर्व IAS अधिकारी, दोनों हैं जिगरी दोस्त

पंजाब की फतेहगढ़ साहिब (सु.) सीट से दोस्त रहे दो पूर्व आईएएस अधिकारी एक दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। इन दिनों दोनों पूर्व नौकरशाह पंजाब के लिए अपने योगदान को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार दरबारा सिंह गुरु ने दावा किया कांग्रेस उम्मीदवार अमर सिंह, जिन्होंने मध्यप्रदेश में सेवा दी, "बाहर" से आए हैं, जबकि उन्होंने पंजाब में काम किया है।

सिंह ने पंजाब के प्रति गुरु के योगदान को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब वह राज्य में नौकरशाह की तरह काम कर रहे थे तो क्या उन्होंने यहां के लिए कोई योजना तैयार की थी। गुरु पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के प्रधान सचिव थे और अमर सिंह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रधान सचिव थे।

गुरु और सिंह एक दूसरे को बेहद अच्छी तरह जानते हैं। गुरु जब भी किसी सरकारी काम से भोपाल जाते थे तो वह अमर सिंह के घर पर खाना खाते थे। सिंह ने कहा कि सेवा में रहते हुए, हम एक दूसरे को जानते थे। अब हमारी पार्टियां अलग-अलग हैं।

गुरु ने कहा कि मैंने अपनी पूरी जिंदगी पंजाब के लोगों की सेवा करते बिताई है। मैं मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव था और मैं यहां (पंजाब में) कामकाज के तरीकों को अच्छी तरह से जानता हूं और काम कैसे करवाया जाता है, यह जानता हूं। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को हल करने में उनकी मदद करेगा।

गुरु ने कहा कि अमर सिंह मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी थे और उन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान वहीं सेवा दी। वह बाहर से आए हैं। सेवानिवृत्ति के बाद ही वह पंजाब आए। इसबीच अमर सिंह ने कहा कि उन्होंने 10 साल तक केंद्र में सेवा दी और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना व मनरेगा जैसी योजनाओं के नियमन में मदद की।

सिंह ने कहा कि उनसे (गुरु से) पूछिए क्या उन्होंने पंजाब के लिये कोई योजनाएं बनाने में मदद की। बाहरी होने के आरोपों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 2013 में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद से मैं पंजाब में रह रहा हूं। मैं एक मजदूर का बेटा हूं और मैं काफी समय से यहां हूं।

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