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पंजाब सीएम के आदेश के बाद कारगिल युद्ध के हीरो को मिला डबल प्रमोशन

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को कारगिल युद्ध के हीरो और वीर चक्र पुरस्कार विजेता सतपाल का कुछ घंटों में पता लगाया और उनके लिए डबल प्रमोशन का आदेश दिया।

पंजाब सीएम के आदेश के बाद कारगिल युद्ध के हीरो ट्रैफिक कांस्टेबल का किया गया डबल प्रमोशन
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Kargil war hero promoted from traffic constable to ASI

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को कारगिल युद्ध के हीरो और वीर चक्र पुरस्कार विजेता सतपाल का कुछ घंटों में पता लगाया और उनके लिए डबल प्रमोशन का आदेश दिया। कारगिल युद्ध के हीरो एक सीनियर कांस्टेबल के रूप में यातायात का प्रबंधन कर रहे थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि 2010 में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा ने कारगिल युद्ध के हीरो की साख को नजरअंदाज किया।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सतपाल सिंह को कारगिल युद्ध के दौरान उनकी बाहादुरी को देखते हुए वीर चक्र से सम्मानित किया गया लेकिन उन्हें अनदेखा किया गया और उन्होंने सीनियर कांस्टेबल के रूप में काम करना पड़ा। अकाली दल की विफलता के कारण उन्हें उनकी उचित पहचान नहीं मिली। सीएम ने कहा कि उन्हें सतपाल की स्थिति के बारे में पता चला, जो मुख्यमंत्री की बटालियन के भी थे। जब उन्होंने आज सुबह इसके बारे में पढ़ा और बहादुर सैनिक के साथ हो रही नाइंसाफी को सुधार करने का फैसला किया।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि सतपाल सिंह आर्मी से डिस्सचार्ज होने के बाद पंजाब पुलिस में शामिल हो गए थे। वे आर्मी के नंबर 2116 / एसजीआर में शामिल थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिले आदेश के बाद असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर किए जाने वाले डबल प्रमोशन से सम्मानित किया गया। पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध में सतपाल सिंह ने अपनी बहादुरी का योगदान दिया था।

एक विशेष मामले के रूप में, सतपाल को सहायक पुलिस उपनिरीक्षक के रूप में भर्ती किया जाएगा, डीजीपी द्वारा पंजाब पुलिस नियमों के नियम 12.3 में छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पंजाब पुलिस में एएसआई के रूप में सीनियर कांस्टेबल सतपाल सिंह की भर्ती के लिए उम्र (DOB 07-11-1973) में आवश्यक छूट देने के लिए डीजीपी को अधिकृत किया है।

सतपाल ऑपरेशन विजय के दौरान द्रास सेक्टर में तैनात थे। भारतीय सेना के टाइगर हिल पर कब्जा करने में मदद करने वाली टीम का हिस्सा थे उन्होंने उत्तरी लाइट इन्फैंट्री के कैप्टन करनाल शेर खान और तीन अन्य को मार डाला था। बाद में भारतीय ब्रिगेड कमांडर की सिफारिश पर शेर खान को पाकिस्तान के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार, निशान-ए-हैदर से सम्मानित किया गया था। जिसने बर्फीले पहाड़ियों पर अपनी बहादुरी का परिचय दिया था।

पत्तपश्चात् सीनियर कांस्टेबल सतपाल सिंह को पंजाब पुलिस में भर्ती किया गया और वे वर्तमान में जिला संगरूर में ड्यूटी कर रहे हैं। डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार उन्होंने कहा कि नियमों में आवश्यक छूट के लिए मंत्रिपरिषद की पूर्व-पश्चात स्वीकृति प्राप्त की जाएगी। डीजीपी ने खुलासा किया कि सतपाल संगरूर में तैनात थे, लेकिन उन्होंने छह महीने पहले ट्रैफिक भवानीगढ़ में ट्रांसफर की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था।

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