Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

भाजपा के 'चाणक्य' अरुण जेटली का पंजाब से था खास लगाव

भाजपा (Bjp) के चाणक्‍य कहे जाने वाले पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने आज दुनिया को अलविदा कह दिया है। दिल्ली एम्स (Aiims) में उन्होंने अंतिम सांस ली। केंद्र की राजनीति में अपना अलग स्थान बनाने वाले अरुण जेटली का पंजाब (Punjab) से विशेष लगाव था।

भाजपा के चाणक्य अरुण जेटली का पंजाब से था खास लगाव
X

भाजपा के चाणक्‍य कहे जाने वाले पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज दुनिया को अलविदा कह दिया है। दिल्ली एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। केंद्र की राजनीति में अपना अलग स्थान बनाने वाले अरुण जेटली का पंजाब से विशेष लगाव था। दरअसल अरुण जेटली का पंजाब के अमृतसर से तो अटूट रिश्ता था। हालांकि उन्हें यहां से चुनाव भी लड़ा था पर कामयाब नहीं हो पाए थे। इसके बावजूद यहां से उनका खास लगाव कायम रहा। तो चलिए जानतें हैं आखिर अरुण जेटली का क्यों पंजाब से खास लगाव रहा था?

अरुण जेटली का पंजाब से था लगाव

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चाणक्‍य कहे जाने वाले पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का परिवार लाहौर में रहता था। उनका ननिहाल पंजाब के अमृतसर में था। जब भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ तो उनके परिवार को अमृतसर में ही आसरा मिला था। अरुण जेटली की बुआ ने उनके पिता और पांचों भाइयों को अपने घर में पनाह दी थी। खूह सुनियारिया में अरुण जेटली के मामा मदन लाल वट्टा भी रहते थे।


अरुण जेटली की बुआ जी के पौत्र नरेंद्र शर्मा उनके बेहद करीबी रहे। वैसे तो जेटली का जन्म दिल्ली में हुआ था पर पंजाब से उनका लगाव हमेशा बना रहा। अरुण जेटली की पत्नी का ननिहाल भी पंजाब के अमृतसर की नमक मंडी में है। इसलिए भी उनका जुड़ाव अमृतसर के साथ रहा। पंजाबी होने की नाते अरुण जेटली का हमेशा पंजाब की राजनीति में दखल रहा था।

उन्ही के आशीर्वाद से ही कई नेता फर्श से अर्श पर पहुंचे, क्योंकि जेटली से ही अमृतसर की सियासत उन्हीं से ही शुरू होती है। मगर विडंबना यह भी रही की थी साल 2014 में अरुण जेटली ने यहां से चुनाव पर जीत नहीं पाए थे।


हार के बाद भी जेटली ने अमृतसर को बहुत कुछ दिया

2014 में हुए चुनाव में कैप्टन अमरिंदर से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उन्हें 2014 में एनडीए सरकार में मंत्री बनाया गया। हालांकि अरुण जेटली ने अमृतसर के नेताओं से दूरी तो बना ली थी मगर गुरु नगरी से उनका लगाव कतई कम नहीं हुआ था। अरुण जेटली ने अमृतसर को आईआईएम दिया इसके अलावा उन्होंने स्मार्ट सिटी और हेरिटेज सिटी का दर्जा देते हुए इसे विश्वस्तरीय शहरों में खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

जब कभी अमृतसर के कारोबारी और नेताओं अरुण जेटली के पास दिल्ली अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते थे तो वह उन समस्याओं को हल कराने के साथ-साथ राहत भी दिलाया करते थे। शहर के कई नेता जेटली के आशीर्वाद फर्श से अर्श पर पहुंचे।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story