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इस 8 साल की बच्ची का वजन है 20 किलो, चमड़ी में नहीं घुसती सुई

बच्चे की कद-काठी देखकर यह आभास होता है कि उसकी उम्र 10 से 15 वर्ष के बीच होगी।

इस 8 साल की बच्ची का वजन है 20 किलो, चमड़ी में नहीं घुसती सुई
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पंजाब के अमृतसर में एक आठ माह की बच्ची का वजन 20 किलो ग्राम है। बच्ची की कद-काठी देखकर यह आभास होता है कि उसकी उम्र 10 से 15 वर्ष के बीच होगी। बच्ची का नाम चाहत है।

आश्चर्य इस बात का है कि बच्ची का आकार काफी तेजी से बढ़ रहा है जबकि उम्र सामान्य रूप से ही बढ़ रही है। बच्ची को उसके असामान्य वजन के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

वो मां की गोद में आना चाहती है पर उसे उठा कर रखना बहुत मुश्किल है। इतनी छोटी उम्र में इतना ज्यादा वजन देखकर डॉक्टर भी दंग हैं। चाहत किस वजह से इतनी भारी भरकम हो गई, इसकी जांच के लिए उसके खून का नमूना लेने की कोशिश की जाती है लेकिन मोटी चमड़ी में सिरिंज तक नहीं घुस पाती।

अमृतसर के मोक्मपुरा क्षेत्र में रहने वाले सूरज ने बताया कि उनकी बेटी चाहत जन्म के समय बिलकुल सामान्य थी। उसका वजन 4 किलोग्राम था। हम बहुत खुश थे की घर में बच्ची का जन्म हुआ है, लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजरते गए चाहत का वजन अप्रत्याशित ढंग से बढ़ने लगा।

देखते ही देखते हैं उसके शरीर पर मोटी चमड़ी की परत चढ़ गई। हाथ-पांव, पेट और चेहरा भारी हो गया। शरीर की चमड़ी लटकने लगी। डॉक्टर को दिखाया पर चाहत का मर्ज समझ नहीं आया।

किसी भी आठ माह की बच्ची का औसतन वजन 5 से 6 किलोग्राम होता है पर चाहत का आकार दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि उसकी लंबाई सामान्य बच्चों की तरह ही है। वजन अत्यधिक होने के कारण मां-बाप को हर वक्त उसे अपनी नजरों के सामने ही रखना पड़ता है।

सिर्फ मां का दूध पीकर चाहत 20 किलोग्राम की हो गई है। दूध के अलावा वह न कुछ खाती है और न कुछ पीती है। बच्ची का व्यवहार साधारण बच्चों की तरह ही है। मोहल्ले में चाहत सभी बच्चों के लिए कोतूहल का विषय बनी हुई है। बहरहाल इस बच्ची को एक निजी डॉक्टर को दिखाया जा रहा है यहां उसके हारमोनल टेस्ट किए गए हैं।

बच्ची के पिता सूरज ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह चाहत का इलाज करवाने में असमर्थ हैं। जितने पैसे थे वह चाहत के टेस्टों में खर्च हुए हो गए। ऐसे में कोई समाज सेवी संस्था उनकी सहायता करें तो बच्ची को सामान्य अवस्था में लाया जा सकता है।

बच्ची की मां रेनू का कहना है की डॉक्टर कुछ नहीं बता रहे क्योंकि इसकी नस ढूंढने में डॉक्टर को मुश्किल आ रही है। माँ का भार 40 किलो है और 8 महीने की बेटी का भार 20 किलो है

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