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दार्शनिक मिजाज के कवि थे वाजपेयी: विश्वनाथ तिवारी

वाजपेयी की 34 पुस्तके प्रकाशित हुई, जिनमें हवा में हस्ताक्षर, हिन्दी कविता में शिल्प, संक्रांत, देहांत से हटकर, तीसरा अंधेरा और सूफीनामा प्रमुख है।

दार्शनिक मिजाज के कवि थे वाजपेयी: विश्वनाथ तिवारी
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नई दिल्‍ली. हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार कैलाश वाजपेयी का बुधवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से दिल्ली के एक हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मंगलवार रात को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और तड़के तीन साकेत के मैक्स हॉस्पिटल उन्होंने अंतिम सांस ली।

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वाजपेयी के परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं। बुधवार शाम लोदी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्हें उनकी बेटी अनन्या ने मुखाग्नि दी। वाजपेयी का जन्म 1936 में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में हुआ था।

लखनऊ विश्वविद्यालय से वाचस्पति की उपाधि हासिल करने वाले वाजपेयी की 34 पुस्तके प्रकाशित हुई, जिनमें हवा में हस्ताक्षर, हिन्दी कविता में शिल्प, संक्रांत, देहांत से हटकर, तीसरा अंधेरा और सूफीनामा प्रमुख है। इसके अलावा उनकी रचनाएं स्पेनिश, अंग्रेजी और जर्मन में भी अनुदित हुई हैं।

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उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.ए. और पी-एच.डी. की उपाधि हासिल की और उन्होंने 1960 में टाइम्स ऑफ इण्डिया प्रकाशन संस्थान द्वारा मुम्बई में नौकरी कर ली। लेकिन एक साल के अंदर ही वह दिल्ली लौट आये और दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में प्राध्यापन करने लगे।

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