Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

विश्व बैंक की रिपोर्ट: तेजी से बढ़ती भारत की अर्थव्यवस्था, इन चुनौतियां का करना पड़ेगा सामना

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और हर साल दो करोड़ से ज्यादा नए युवा रोजगार के लिए तैयार हो रहे हैं। उनके लिए रोजगार सृजन सरकार के लिए एक चुनौती है परंतु जिस रफ्तार से अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और सरकार बुनियादी ढांचे के विकास पर अपनी ऊर्जा लगा रही है, उससे इस बात की संभावना बलवती हुई है कि इस मोर्चे पर भी सफलता मिलेगी।

विश्व बैंक की रिपोर्ट: तेजी से बढ़ती भारत की अर्थव्यवस्था, इन चुनौतियां का करना पड़ेगा सामना
X

भारतीय अर्थव्यवस्था को विमुद्रीकरण और जीएसटी लागू किए जाने के कारण कुछ समय के लिए जो दिक्कतें पेश आई थीं, वह अब उड़न छू हो चुकी हैं। इस समय हालात न केवल पूरी तरह सामान्य हैं बल्कि भविष्य में इनके बेहतर होते जाने की संभावना है। निश्चित रूप से यह सुखद संकेत हैं। कुछ चिंताएं भी हैं, जो विकासशील देशों के संदर्भ में स्वाभाविक हैं। हर साल दो करोड़ से ज्यादा नए युवा रोजगार के लिए तैयार हो रहे हैं।

उनके लिए रोजगार सृजन सरकार के लिए एक चुनौती है परंतु जिस रफ्तार से अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और सरकार बुनियादी ढांचे के विकास पर अपनी ऊर्जा लगा रही है, उससे इस बात की संभावना बलवती हुई है कि इस मोर्चे पर भी सफलता मिलेगी। विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट से यह संकेत मिले हैं कि इस चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 7.3 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो न केवल भारत अपितु पूरे दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था के लिए सुखद संकेत हैं।

विरोधी दल भले ही राजनीतिक कारणों से विमुद्रीकरण और जीएसटी जैसे सुधारों को कड़ाई से लागू किए जाने के फैसले पर हो-हल्ला मचाते रहे हों परंतु हकीकत यही है कि पूरी दुनिया ने नरेन्द्र मोदी सरकार के इन साहसिक फैसलों की मुक्त कंठ से सराहना की है। विश्व बैंक ही नहीं, दूसरी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं और रेटिंग एजेंसियों ने भी सकारात्मक संकेत दिए हैं।

यह देश का दुर्भाग्य है कि हर छह महीने के भीतर कहीं न कहीं चुनाव होते रहते हैं और विरोधी दलों के द्वारा उनमें भारतीय अर्थ व्यवस्था की कुछ ऐसी तस्वीर पेश करने की कोशिशें होती हैं, जिनसे लगता है कि कड़े आर्थिक सुधारों के फैसले लेकर सरकार ने कोई बहुत बड़ा गुनाह कर दिया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव में विपक्ष ने विमुद्रीकरण को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर लोगों को भाजपा (केन्द्र सरकार) के खिलाफ भड़काने की पूरी कोशिश की और फिर गुजरात विधानसभा चुनाव के मौके पर जीएसटी को लागू करने के तौर-तरीकों पर लगातार सवाल खड़े करके खासकर वहां के उद्योगपतियों और व्यापारी वर्ग को भाजपा के खिलाफ लामबंद करने का प्रयास किया।

गुजरात में हालांकि इसका कुछ असर देखने को मिला भी परंतु बाकी राज्यों के चुनाव परिणामों पर कोई असर दिखाई नहीं पड़ा। अगले महीने कर्नाटक में चुनाव होने जा रहे हैं, जहां भाजपा-कांग्रेस और जनता दल एस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। इस समय सिद्धारमैया के नेतृत्व में वहां कांग्रेस की सरकार काम कर रही है। राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला चुनाव हो रहा है, जिसमें उनकी निजी प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। हालांकि उनके महासचिव और उपाध्यक्ष रहते हुए भी जितने चुनाव हुए हैं, उनमें कुछ अपवादों को छोड़ दें तो ज्यादातर में कांग्रेस को पराजय का ही सामना करना पड़ा है। उनके लिए मुश्किल यह है कि कर्नाटक चुनाव से पहले जहां स्वामी असीमानंद सहित वो पांच लोग मक्का मस्जिद बम विस्फोट कांड से बरी हो गए हैं,

वहीं विश्व बैंक ने कांग्रेस और उनके इस प्रचार की हवा निकाल दी है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत बहुत खराब है। और इसी समय दो दूसरी खबरें भी आई हैं। पहली यह है कि इस साल मानसून बहुत अच्छा रहने वाला है, जिससे बम्पर फसल होने की संभावना है। दूसरी खबर यह है कि महंगाई आठ महीने के अपने न्यूनतम स्तर पर है। सबसे बड़ी परेशानी की बात उनके लिए यही है कि वह देश की अर्थव्यवस्था को खराब बताते हुए नहीं थक रहे जबकि विश्व बैंक सहित दूसरी वैश्विक संस्थाएं कह रही हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत अच्छी हालत में है। विश्व बैंक के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 में अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.5 फीसदी के स्तर पर रहेगी।

विश्व बैंक ने अपनी साउथ एशिया इकॉनमिक फोकस रिपोर्ट में कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार की बदौलत दक्षिण एशिया ने दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्र का दर्जा दोबारा हासिल कर लिया है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top