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डॉ. मोनिका शर्मा का लेख : संकट में भी राह बनाती महिलाएं

वैश्विक महामारी से बदले समाज के सभी पहलुओं पर महिलाए दुनिया भर में अपनी-अपनी भूमिकाओं में प्रभावी कार्य करने और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने की दौड़ जीतकर आगे बढ़ने के संघर्ष को भी रेखांकित करती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ, एचसीएल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोशनी नडार मल्होत्रा और लैंडमार्क ग्रुप की रेणुका जगतियानी को फोर्ब्स पत्रिका ने दुनिया की सर्वाधिक 100 शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया है।

डॉ. मोनिका शर्मा का लेख : संकट में भी राह बनाती महिलाएं
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डॉ. मोनिका शर्मा

डॉ. मोनिका शर्मा

हाल ही में आई फ़ोर्ब्स पत्रिका की शक्तिशाली महिलाओं की पावर लिस्ट सूची कई मायनों में अहम है | यह वैश्विक स्तर पर कोविड काल में महिलाओं द्वारा समर्थ, सजग और सामुदायिक स्तर पर निभाई गई सार्थक भूमिका की बात भी लिए है और उन महिलाओं के उदाहरण भी जो अहम पदों और निर्णयात्मक भूमिका तक अपनी पहुँच बनाने में कामयाब हुई हैं। असल में देखा जाए तो कोरोना आपदा से जूझते हुए बीतने वाले इस साल में घर के भीतर और बाहर बहुत कुछ बदल गया है। ऐसे में यह सूची ''वैश्विक महामारी से बदले समाज के सभी पहलुओं पर महिलाएं' दुनिया भर में अपनी-अपनी भूमिकाओं में प्रभावी कार्य करने और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने की दौड़ जीतकर आगे बढ़ने के संघर्ष को भी रेखांकित करती है ।

भारत की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ, एचसीएल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोशनी नडार मल्होत्रा और लैंडमार्क ग्रुप की रेणुका जगतियानी को फोर्ब्स पत्रिका ने दुनिया की सर्वाधिक 100 शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया है। साल 2020 की दुनिया की 100 शक्तिशाली महिलाओं की इस फ़ेहरिस्त में अमेरिका की नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी शामिल हैं | जर्मनी की चांसलर एजेंला मर्केल लगातार दसवें साल फोर्ब्स पत्रिका की इस पावर लिस्ट वाली सूची में शीर्ष पर हैं | हमारे देश के वित्त मंत्रालय की कमान संभाल रहीं निर्मला सीतारमण इस सूची में 41वें स्थान पर हैं | रोशनी नडार मल्होत्रा को 55वां, किरण मजूमदार शॉ को 68वां और लैंडमार्क ग्रुप की प्रमुख रेणुका जगतियानी को 98वां स्थान दिया गया है । गौरतलब है कि 17वीं वार्षिक फोर्ब्स पावर लिस्ट में 30 देशों की महिलाओं ने स्थान हासिल किया है । पत्रिका के मुताबिक़ इस सूची में 10 राष्ट्राध्यक्ष, 38 मुख्य कार्यकारी अधिकारी और 5 मनोरंजन क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं शामिल हैं। इन सभी महिलाओं की उम्र, राष्ट्रीयता और पेशे अलग-अलग हैं, पर साल 2020 की चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्होंने मंचों का इस्तेमाल एक तरीके से किया हैं।

दरअसल, साल 2020 कई मायनों में संघर्ष और समस्याओं का साल रहा है। दुनिया के हर देश में आम जीवन से जुड़ी परेशानियों के अलावा कोरोना के संकट के चलते भी अनगिनत परेशानियां सामने आईं हैं । ऐसे में दुनिया भर में अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने कई मायनों में अहम्ा भूमिका निभाई है । गौरतलब है कि न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा इस फ़ेहरिस्त में दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होनें कड़े लॉकडाउन, क्वारंटाइन नियमों और इस आपदा से लड़ने के लिए सही समय पर लिए सही फ़ैसलों की बदौलत अपने देश को कोरोना वायरस की पहली और दूसरी लहर से बचाया है। जर्मनी की चांसलर एजेंला मर्केल को लेकर भी फोर्ब्स पत्रिका ने कहा है कि मर्केल यूरोप की प्रमुख नेता हैं और जर्मनी को वित्तीय संकट से उबारकर वे क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर रही हैं। फ़ोर्ब्स के मुताबिक़ 2019 में, दुनिया भर में महिलाओं ने सरकार, व्यापार, परोपकार और मीडिया के क्षेत्रों में नेतृत्व के पदों तक अपनी पहुँच बनाई है।

ग़ौरतलब है कि निर्मला सीतारमण ने बीते साल ही भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री का कार्यभार संभाला है। इससे पहले वे रक्षा मंत्री की ज़िम्मेदारी निभा भी चुकी हैं। व्यापक रूप से देखा जाए तो दुनिया के हर हिस्से में महिलाएं संघर्षरत हैं। बावजूद इसके हालातों से जूझते हुए वे ना केवल खुद की पहचान बना रही हैं बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी हालात बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इस सूची में तीसरे स्थान पर शामिल अमेरिका की नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पहली अश्वेत महिला हैं, जो एक संघर्षशील सफर के बाद इस पद पर पहुंची हैं। हमारे यहाँ भी व्यवसाय की दुनिया में बायोफार्मास्युटिकल फर्म बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ स्वयं अपनी मेहनत के बल पर यहाँ तक पहुंची हैं | फ़ोर्ब्स का कहना है कि किरण ने लीक से हटकर काम करते हुए एक अनुसंधान और विकास आधारित बायोटेक फर्म के निर्माण के उद्देश्य से अनुसंधान के बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक प्रतिभा में निवेश की राह अपनाई है। उनकी कम्पनी कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दो अलग-अलग बायोसिमिलर दवाओं के लिए अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक (यूएसएफडीए) से अनुमोदन प्राप्त करने वाली पहली कंपनी भी बन गई है। इस सूची में 55वें स्थान पर शामिल एचसीएल कॉरपोरेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोशनी नडार मल्होत्रा इस प्रौद्योगिकी कंपनी के लिए सभी रणनीतिक निर्णय लेने वाला चेहरा हैं।

दरअसल, इस संकट काल में सामुदायिक स्तर पर अपनी सेवाएं दे रही महिलाओं ने बहुत प्रभावी ढंग से काम किया है। उनकी भागीदारी पर गौर करते हुए फ़ोर्ब्स पत्रिका ने इस वर्ष की सूची में 17 नए लोगों के नामों को भी जगह दी है। अमेरिकी बहु राष्ट्रीय कंपनी यूनाइटेड पार्सल सर्विस, कैरोल टोम की नई मुख्य कार्यकारी अधिकारी को 11वां स्थान दिया गया है तो कैलिफ़ोर्निया के क्लोरोक्स लिंडा रेंडले की प्रमुख को 87वां स्थान मिला है। कोरोना काल में साफ़-सफाई और एक सामुदायिक जुड़ाव के भाव की जरूरत सबसे ज्यादा महसूस की गई। सीवीएस हेल्थ की कार्यकारी उपाध्यक्ष करेन लिंच 38वें स्थान पर हैं। जो कोविड-19 जांच कार्यक्रम वाली दवा कंपनियों की शक्तिशाली महिलाओं में पहले स्थान पर हैं। इतना ही नहीं करेन 2021 में कोरोना वायरस के टीकों के प्रबंधन का महत्वपूर्ण कार्यभार भी संभालेंगीं। पर्यावरण सहेजने के लिए सकारात्मकता और जागरूकता से जुड़ी मुहिम चलाने वाली ग्रेटा थनबर्ग भी इस साल की फ़ेहरिस्त में शामिल नए चेहरों में से एक हैं।

कोविड संक्रमण रोकने के लिए कांटेक्ट ट्रेसिंग का सख्त कार्यक्रम चलाने वाली ताइवान की राष्ट्रपति इस सूची में 37वें स्थान पर हैं । इस सख्त और सार्थक अभियान का ही नतीजा है कि इस देश में कोरोना से केवल 7 लोगों की जान गई है | ऐसे में यह समझना मुश्किल नहीं कि महिलाओं ने महत्त्वपूर्ण पदों पर पहुंचने से लेकर संकट में संवेदनशील भूमिका निभाने तक, हर मोर्चे पर खुद को साबित किया है। बीते एक साल में कोविड-19 महामारी ने सामाजिक-पारिवारिक और आर्थिक पहलुओं पर कई नए सबक दिए हैं। कितने ही नए सवालों से सामना करवाया है। कहना गलत नहीं होगा कि संकट के समय घर हो, समाज हो या देश। हर मोर्चे पर स्त्रियाँ हमेशा एक प्रभावी और संवेदनशील भूमिका निभाती आई हैं । ऐसे में वैश्विक स्तर पर जो महिलाएं इस सूची में स्थान बनाने में कामयाब हुई हैं, उनकी संवेदनशीलता और संघर्ष किसी ना किसी पहलू पर दुनिया भर की स्त्रियों को प्रेरणा देने वाले हैं |

(ये लेखक के अपने विचार हैं।)

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