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डॉ़. मोनिका शर्मा का लेख: कहां जा रही नई पीढ़ी

बॉयज लॉकर रूम प्रतिष्ठित स्कूलों में पढ़ने वाले किशोरों का अपनी सहपाठी लड़कियों के प्रति असभ्य रवैया उनकी मानसिकता की बानगी बनकर सामने आया है। जो बताता है कि छीज रहे नैतिक मूल्यों की भरपाई स्कूलों की महंगी फीस चुकाकर नहीं की जा सकती। सोच की बुनियाद बनाने के लिए संस्कार भी जरूरी हैं। इंस्टाग्राम के इस चैट रूम में की गई हद दर्जे की भद्दी और अश्लील टिप्पणियां यह बताने को काफी हैं कि आज की पीढ़ी किस दिशा में जा रही है?

डॉ़. मोनिका शर्मा का लेख: कहां जा रही नई पीढ़ी

सोशल मीडिया की चकाचौंध और दिखावे की दुनिया में नई पीढ़ी की सोच तो गुम हुई ही है, आपराधिक प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिल रहा है। अफसोस कि सभी को जोड़ने और संवाद को बढ़ावा देने के लिए अस्तित्व में आए वर्चुअल मंच अब अराजक और आपराधिक परिवेश बना रहे हैं। हाल ही में सामने आया इंस्टाग्राम का चैट ग्रुप बॉयज लॉकर रूम इसी की बानगी है। राजधानी दिल्ली से सामने आए बॉयज लॉकर रूम के मामले को जानकार लोग स्तब्ध हैं। इस ग्रुप में हुई बातचीत के अंश बताते हैं कि यहां लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने की योजना बनाई जा रही थी। किशोर लड़कों के इस सोशल मीडिया ग्रुप में लड़कियों के बारे में अभद्र-अश्लील बातें और उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें होने का भी खुलासा हुआ है। इतना ही नहीं इस ग्रुप के सदस्य लड़कियों की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करके उन पर अभद्र टिप्पणियां करते थे।

खासकर नाबालिग बच्चियों के साथ अश्लील और अनैतिक हरकत करने की योजनायें भयभीत करने वाली हैं। गौरतलब है कि इस मामले में दिल्ली महिला आयोग ने इंस्टाग्राम और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। अब बॉयज लॉकर रूम चैट समूह मामले में एक स्कूली छात्र को गिरफ्तार कर चैट ग्रुप के 20 अन्य छात्रों की पहचान कर ली गई है। साथ ही समूह के चैट स्क्रीनशॉट्स वायरल होने के बाद इंस्टाग्राम ने भी अव्यस्क लड़कियों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री हटा ली है। वर्चुअल दुनिया से जुड़े इस मामले ने वास्तविक संसार में किशोरों के मन-मस्तिष्क में स्त्रियों के प्रति पल रही घिनौनी मानसिकता को समाने ला दिया है। यही वजह है कि स्कूली बच्चों की यह कारगुजारी अभिभावकों और शिक्षकों को ही नहीं पूरे समाज को हैरान-परेशान करने वाली है।

प्रतिष्ठित स्कूलों में पढ़ने वाले किशोर लड़कों का अपनी सहपाठी और दोस्त लड़कियों के प्रति ऐसा नकारात्मक और असभ्य रवैया उनकी मानसिकता की बानगी बनकर सामने आया है। जो बताता है कि छीज रहे नैतिक मूल्यों की भरपाई स्कूलों कि महंगी फीस चुकाकर नहीं कि जा सकती। सोच की बुनियाद बनाने के लिए संस्कार भी जरूरी हैं। इंस्टाग्राम के इस चैट रूम में की गई हद दर्जे की भद्दी और अश्लील टिप्पणियां यह बताने को काफी हैं कि आज की पीढ़ी किस दिशा में जा रही है? जिस उम्र में दुनियावी समझ भी नहीं होती उस उम्र में किसी कि अस्मिता को तार-तार करने की योजनाएं सचमुच दु:खद हैं। इस चैट समूह को संचालित करने वाले लड़के 16 से 18 साल की उम्र के हैं। जिसका खुलासा एक लड़की ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट में यह लिखते हुए किया कि दक्षिण दिल्ली के 17-18 साल की उम्र के लड़कों का एक ग्रुप है, जिसका नाम बॉयज लॉकर रूम है, जहां कम उम्र लड़कियों की तस्वीरों को छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक बनाया जा रहा था। मेरे स्कूल के दो लड़के इसका हिस्सा हैं। इस लड़की को इस ग्रुप की जानकारी समूह में शामिल हुए उसके दोस्त से मिली थी। अब बॉयज लॉकर रूम की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जिनमें लड़कियों को लेकर बहुत ही असभ्य और आपत्तिजनक और बातें लिखी हुई हैं। महिलाओं के प्रति कुंठा और यौन हिंसा से जुड़ी जैसी बातें इन लड़कों ने यहां साझा की हैं वो हमारे पूरे सामाजिक-पारिवारिक और शैक्षणिक परिवेश पर सवाल उठाने वाली हैं।

दरअसल, ऐसे मामले महंगें स्कूलों में पढने वालों बच्चों के अभिभावकों को ही नहीं बल्कि देश के हर हिस्से में बसे माता-पिता को डराने वाले हैं। कम उम्र में ही कुत्सित मानसिकता के शिकार बने ऐसे बच्चे किसी की भी अस्मिता के दुश्मन बन सकते हैं। इतना ही नहीं ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर छेड़छाड़ कर डाली जाने वाली तस्वीरें निजता से जुड़े खतरे भी सामने रखती हैं। हमारे यहां ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें फोटो के साथ खिलवाड़ कर सोशल मीडिया में डाले जाने के बाद लड़कियों ने आत्महत्या तक कर ली। ऐसे में यह भी एक अहम्ा सवाल है कि सोशल मीडिया के मंच यूजर्स के लिए कितने सुरक्षित हैं? यहां निजी जानकारियों से लेकर तस्वीरों तक निजता का खतरा क्यों बना हुआ है? खासकर महिलाओं के लिए यह चिंतनीय है कि बिना जानकारी और इजाजत के उनकी तस्वीरें कहां और कैसे इस्तेमाल हो रही हैं? ध्यान देने वाली बात है कि इस इंस्टाग्राम ग्रुप में भी लड़के अपनी करीबी साथी, सहपाठी और गर्लफ्रेंड्स की तस्वीरें उनकी इजाजत के बिना साझा कर रहे थे। ऐसे में यह मामला साइबर दुनिया में सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को सामने रखता है।

हालिया बरसों में डिजिटल दुनिया के विस्तार ने स्मार्ट फोन के जरिये पूरी दुनिया मुठ्ठी में समेट दी है। नतीजतन साइबर अपराध के मामले तो बढ़ ही रहे हैं, आमजन की जानकारियां भी सुरक्षित नहीं हैं। इतना ही नहीं सोशल मीडिया संवाद और साथ को कम और नकारात्मक सोच को ज्यादा खाद-पानी दे रहा है। सच तो यह है कि हर उम्र, तबके के यूजर्स इनका सधा और सकारात्मक इस्तेमाल करने से चूक रहे हैं। कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तो मात्र सज-धज वाली तस्वीरें और व्यक्तिगत जानकारियां साझा करने तक सीमित हैं। इंस्टाग्राम भी फेसबुक के स्वामित्व वाली तस्वीरें और वीडियो साझा करने की ऐसी ही सोशल मीडिया एप हैं। मौजूदा समय में 8 करोड़ 80 लाख भारतीय इसका इस्तेमाल करते हैं। वाट्सएप के 40 करोड़ उपभोक्ता हैं। इसके अलावा भी कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से करोड़ों यूजर्स जुड़े हुए हैं।

यह समझना मुश्किल नहीं वर्चुअल दुनिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर जाने ऐसे कितने समूह संचालित हो रहे हैं। कुछ समय पहले वाट्सएप पर भी चाइल्ड पोर्न कंटेंट साझा किए जाने वाले ग्रुप्स की खबरे सामने आईं थीं। हमारे यहां बीते कुछ बरसों में अपराध की दुनिया में स्कूली विद्यार्थियों की भागीदारी भी बढ़ी है। बॉयज लॉकर रूम चैटस में सामने आया किशोरों का यह गैर-जिम्मेदार और कुत्सित सोच भरा व्यवहार भी वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है। जबकि इन प्लेटफॉर्म्स के हद से ज्यादा खुलेपन में बेखौफ होकर की जा रहीं ऐसी साजिशें खुद उनके जीवन का भी दंश बन सकती हैं। जरूरी है कि अभिभावक सचेत रहें। नई पीढ़ी को संस्कार और सजगता की सीख दें। बच्चों को सिखाएं कि सोशल मीडिया में मौजूदगी रखने वाले चाहे जिस उम्र के हों, अनुशासन और आत्मनियमन जरूरी है। दिशाहीन सोच और व्यवहार के ऐसे मामलों में अभिभावकों की भूमिका सबसे अहम्ा है। उन पर बच्चों का व्यक्तित्व तराशने और मानवीय गुण सिखाने का दायित्व है। नई पीढ़ी को संवेदनशील और सजग नागरिक बनने का पाठ पढ़ाने की जवाबदेही है।

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