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नहीं रहे जाने-माने कवि व पत्रकार पंकज सिंह

पंकज सिंह को मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, शमशेर सम्मान, नई धारा आदि अनेक सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।

नहीं रहे जाने-माने कवि व पत्रकार पंकज सिंह

नई दिल्ली. शनिवार को हिंदी के जाने-माने कवि और पत्रकार पंकज सिंह का निधन हो गया। पंकज काफी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे, आज दोपहर उन्होने एक प्राइवेट अस्पताल में अंतिम सासं ली। यह जानकारी पंकज के परिवार के सदस्यों ने दी।

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कवि व पत्रकार पंकज सिंह के पारिवारिक मित्र ईश मिश्रा ने समाचार वेबसाइट 'कैच' को बताया कि पंकज लंबे समय से बीमार चल रहे थे। आज दोपहर नोएडा के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
सत्तर के दशक में पंकज राजधानी दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय आए थे। जहां से उन्होने अपनी पढ़ाई पूरी की। पंकज यहां आने से पहले से ही कविताएं लिख रहे थे। मिश्रा ने बताया कि सिंह ने बीबीसी के लंदन ऑफिस में काम किया था। वो 1978-79 में रिपोर्टिंग करने के लिए फ्रांस भी गए थे।
पंकज के पारिवारिक मित्र मिश्रा ने बताया, "पंकज जन हस्तक्षेप मानवाधिकार संगठन से भी जुड़े थे और जन प्रतिरोधों की तरफदारी किया करते थे।" सिंह का जन्म 1948 में बिहार के मुजफ़्फ़रपुर ज़िले में हुआ था। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं।
चर्चित कविता संग्रह
उनके चर्चित कविता संग्रह 'आहटें आसपास' और 'जैसे पवन पानी' हैं। उन्होंने कई रूसी और फ्रांसीसी कविताओं का हिंदी में अनुवाद किया है।
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