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वाड्रा लैंड सौदे के दोषियों पर अब जल्द होगी कार्रवाई

रिपोर्ट में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी के साथ हरियाणा की तत्कालीन कांग्रेस सरकार की लैंड डील में हुई अनियमितताओं का जिक्र किया गया है।

वाड्रा लैंड सौदे के दोषियों पर अब जल्द होगी कार्रवाई
कदाचार का पर्याय बन चुकी कांग्रेस के लिए एक और मुश्किल दरवाजे पर खड़ी है। हरियाणा में पिछली सरकार के दौरान हुए जमीन सौदों की जांच के लिए गठित जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी के साथ हरियाणा की तत्कालीन कांग्रेस सरकार की लैंड डील में हुई अनियमितताओं का जिक्र किया गया है।
यह डील पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के समय हुई थी। उस समय हुड्डा सरकार ने गुड़गांव व उसके आसपास की कई एकड़ जमीन केवल 7.5 करोड़ रुपये में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी को बेची थी। जमीन बेचने के बाद हुड्डा सरकार ने ही उसका लैंड यूज बदल दिया था। तब वाड्रा की कंपनी ने उस जमीन को डीएलएफ को 55 करोड़ रुपये में बेच दी थी। ये जमीनें गुड़गांव का सेक्टर 83, शिकोहपुर, सिकंदरपुर, खेड़की दौला, सिही आदि जगहों पर थीं।
उस समय हुड्डा की कांग्रेस सरकार पर कायदे को ताक पर रखकर सौदे करने का आरोप लगाया था। इस डील का भंडाफोड़ आईएएस अशोक खेमका ने किया था। उस समय जब खेमका ने गुड़गांव व फरीदाबाद के डीएम को डील के बाबत सवाल उठाते हुए खत लिखा तो तत्कालीन सीएम रहे हुड्डा ने खेमका को पद से हटा दिया था और उल्टे उनके खिलाफ केस दर्ज करवा दिया था। तब भाजपा ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था।
भाजपा ने वादा किया था कि हरियाणा में उसकी सरकार बनी तो स्वतंत्र न्यायिक आयोग गठित कर वह हुड्डा सरकार के समय सभी जमीन सौदों की जांच करवाएगी। भाजपा सरकार ने अपना वादा निभाते हुए 14 मई, 2015 को जस्टिस एसएन ढींगरा की अध्यक्षता में एकल आयोग गठित किया था। अब इस आयोग ने अपनी 182 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। जिसे सरकार ने अभी सार्वजनिक नहीं किया है। पर अब रिपोर्ट के आधार पर हरियाणा सरकार जल्द से जल्द कार्रवाई जरूर करेगी, लेकिन मीडिया में आ रही खबरों से पता चलता है कि ढींगरा आयोग ने रिपोर्ट में साफ कहा है कि पूर्व सीएम हुड्डा ने जानबूझकर लैंड डील में अनियमितताएं होने दीं।
इस रिपोर्ट में वाड्रा लैंड डील में वाड्रा और हुड्डा दोनों के खिलाफ सबूत होने की बात है। इसमें इस सौदे के अलावा भी दूसरी जमीन डील का जिक्र है। इस रिपोर्ट से साफ है वाड्रा की कंपनी के साथ लैंड डील मामले में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके समय के कुछ अफसरों के लिए मुसीबत आने वाले हैं। हुड्डा को कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। वाड्रा लैंड डील के छींटे कांग्रेस पर भी पड़ेंगे। राजस्थान सरकार भी वाड्रा की कंपनियों के पूर्व कांग्रेस सरकार के समय हुए सौदों की जांच कर रही है।
चूंकि रॉबर्ट वाड्रा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद हैं और भाजपा वाड्रा की कंपनियों से जुड़ी अनियमितताओं को उठाती रही है, इसलिए कांग्रेस के लिए जनता को जवाब देना मुश्किल होगा। उत्तर प्रदेश समेत अन्य विस चुनावों में भी कांग्रेस को दूसरे दलों के वार का सामना करना पड़ेगा। कहा जा सकता है कि कांग्रेस फिर दागदार हो गई है। हरियाणा में इससे पहले भी शिक्षक भर्ती घोटाले में पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला व उनके बेटे अजय चौटाला को सजा हुई है और वे अभी जेल में हैं। ऐसे में वाड्रा लैंड डील की जांच में भी किसी के दोषी साबित होने पर सजा हो सकती है। इसलिए राजनेताओं को चाहिए कि सत्ता में रहते हुए पदों का दुरुपयोग नहीं करें।
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