Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

चुनावी माहौल में ऐसे स्टिंग का औचित्य

इससे तो यही प्रतीत होता है कि कुछ लोग देश का सांप्रदायिक माहौल खराब करना चाहते हैं।

चुनावी माहौल में ऐसे स्टिंग का औचित्य
X

नई दिल्‍ली. देश आम चुनावों के दहलीज पर खड़ा है। पहले चरण के चुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में एक न्यूज पोर्टल द्वारा बाबरी मस्जिद से जुड़ा स्टिंग लाने का क्या मकसद हो सकता है? चुनावों में जब राम मंदिर कहीं कोई मुद्दा नहीं है। भाजपा यह चुनाव विकास और यूपीए सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर लड़ा रही है, ऐसे समय में इस विवादित विषय को स्टिंग के जरिए उभारने की कोशिश क्यों की गई है?

वैसे भी इस स्टिंग में नया कुछ भी नहीं है। पहले भी विभिन्न दलों की ओर से ये बातें कही जाती रही हैं। यही नहीं विभिन्न अदालतों में इस मामले की सुनवाई के दौरान इसकी परतें खुलती रही हैं। अब जो लोग इसे ला रहे हैं उनकी मंशा क्या है और इसके पीछे कौन-सी ताकतें हैं? यह जांच का विषय होना चाहिए। चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। इससे तो यही प्रतीत होता है कि कुछ लोग देश का सांप्रदायिक माहौल खराब करना चाहते हैं।

इस समय देश में चुनाव प्रचार अभियान साफ-सुथरा चल रहा है। भारतीय जनता पार्टी और उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में किसी भी विवादित बातों का जिक्र तक नहीं कर रहे हैं। अब तक भाजपा के किसी नेता ने 2002 का गुजरात दंगा, राम मंदिर, अनुच्छेद-370 और हिंदुत्व जैसे मुद्दों को छुआ भी नहीं है, परंतु कुछ विरोधी राजनीतिक पार्टियां इनको बार-बार उभारने की कोशिश करती दिख रही हैं। ऐसा लग रहा है कि ये नेता नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

नरेंद्र मोदी के अब तक के अभियान को देखें तो पाएंगे कि उनका भाषण देश को किस तरह विकास के रास्ते पर आगे ले जाया जाए, इसी पर केंद्रित है। वे देश में फैली निराशा को दूर करने के लिए बेहतर प्रशासन कायम करने के अपने विचार से देश को अवगत करा रहे हैं। वहीं उनके विरोधी इस चुनाव को विकास के मुद्दे से भटकाने का प्रयास करते प्रतीत हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि विरोधी दल हाल के दिनों में आए सर्वेक्षण के आंकड़ों को लेकर हताश हो गए हैं।

हर सर्वे में भाजपा की बढ़त की बात की जा रही है, उससे विरोधी दलों के नेताओं के मन में घबराहट बैठ गई है। उन्हें लगने लगा है कि अब उनके पास बचाव का कोई हथियार नहीं रह गया है। यही वजह हैकि वे ले-देकर जब ना तब सांप्रदायिकता की बातों को हवा दे मतों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह उनका मकसद हिंदू और मुस्लिम मतों का बंटवारा कर उसका फायदा उठाने का हो सकता है। इस तरह की साजिश करने के पीछे जो भी ताकतें हैं उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है।

जिससे कि वे चुनावों के समय देश के सांप्रदायिक माहौल को खराब करने की आगे से कोशिश न कर पाएं। वहीं जो लोग इस तरह का स्टिंग करते हैं। उन्हें भी हतोत्साहित करने की जरूरत है। 16वीं लोकसभा के पहले चरण का मतदान सात अप्रैल को होना है। उसमें तीन दिन से भी कम समय रह गया है, जब मतदाता अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करेंगे। ऐसे में इस तरह का स्टिंग सामने लाना कहीं से भी उचित नहीं है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top