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कश्मीर को अशांत करने का मंसूबा कामयाब नहीं होगा

घाटी में आतंकी घटनाओं में तेजी, जम्मू एयरबेस पर ड्रोन हमले, जम्मू में पाक सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन का दिखना और इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के ऊपर ड्रोन का मंडराना न ही इत्तेफाक है न ही अचानक, बल्कि यह सुनियोजित रणनीति है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने कहा है कि ड्रोन से विस्फोटक गिराने के पीछे पाक का हाथ है। यह गंभीर बात है।

कश्मीर को अशांत करने का मंसूबा कामयाब नहीं होगा
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संपादकीय लेख

Haribhoomi Editorial : जम्मू-कश्मीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कश्मीरी नेताओं के साथ वार्ता के बाद से घाटी में आतंकी और सीमा पर पाकिस्तानी फौज काफी सक्रिय हो गए हैं। एक तरफ संयुक्त अरब अमीरात बैक डोर चैनल के तहत भारत व पाकिस्तान के बीच समस्या सुलने की दिशा में वार्ता की कोशिश कर रहा है, दूसरी तरफ पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आने को तैयार नहीं है। भारत का स्टैंड साफ है कि पाकिस्तान पहले आतंकवाद बंद करे, फिर वार्ता के लिए आए।

भारत जम्मू-कश्मीर में परिसीमन, राज्य का दर्जा समेत सभी मुद्दों के हल की दिशा में बढ़ रहा है, लेकिन पाकिस्तान के पेट में दर्द है कि कश्मीर में सबकुछ ठीक कैसे चल रहा है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में जहां आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है, वहीं पत्थरबाजी भी लगभग बंद है। अलगाववादी शक्तियां भी कमजोर हुई हैं। कुछ महीने पहले ही भारत और पाकिस्तान ने अपने सीजफायर समझौते को आगे बढ़ाया है। इसके बावजूद पाकिस्तान कश्मीर को अशांत रखने के अपने एकमेव लक्ष्य से पीछे नहीं हटने को तैयार नहीं है। अभी कश्मीर में जो कुछ भी हो रहा है, इसके पीछे कहीं न कहीं पाकिस्तान की फौज और आईएसआई का हाथ संभावित है। घाटी में आतंकी घटनाओं में तेजी, जम्मू एयरबेस पर ड्रोन हमले, जम्मू में पाक सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन का दिखना और इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के ऊपर ड्रोन का मंडराना न ही इत्तेफाक है न ही अचानक, बल्कि यह सुनियोजित रणनीति है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने कहा है कि ड्रोन से विस्फोटक गिराने के पीछे पाक का हाथ है। यह गंभीर बात है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में शुक्रवार शाम को सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में लश्कर के 5 आतंकियों को मार गिराया है। कश्मीर के आईजीपी (इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) विजय कुमार ने बताया कि मारे गए पांचों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के हैं। इनमें एक जिला कमांडर निशाज लोन और एक अन्य आतंकी पाकिस्तान का है। हालांकि मुठभेड़ में सेना के एक जवान का शहीद होना दुखद है। विश्व को पता है कि लश्कर का ठिकाना पाक में है। सुरक्षाबलों ने 2 दिन पहले भी बुधवार को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में ऑपरेशन के दौरान एनकाउंटर में दो आतंकी ढेर किए थे। इससे पहले 27 जून रविवार रात को आतंकियों ने एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) फयाज अहमद भट और उनकी पत्नी की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी थी। हमले में घायल उनकी 21 साल की बेटी रफिया ने भी सोमवार सुबह करीब 4 बजे दम तोड़ दिया था।

आतंकवादियों की वहशीयाना हरकत थी। यह बड़ा ही संयोग है कि जब जब भारत सरकार कश्मीर में नॉरमेलेसी की दिशा में आगे बढ़ती है, पाकिस्तान, आतंकवादी गुट, अलगाववादी ताकतें और भारत के अदृश्य दुश्मन कश्मीर को अस्थिर करने में जुट जाते हैं। इस बार भी नई दिल्ली में पीएम व कश्मीरी नेताओं की 24 जून को हुई वार्ता के बाद कश्मीर को अशांत करने की कोशिश की जा रही है। भारत न ही आतंकवाद के सफाए अभियान को रोकेगा, न ही पड़ोसी के नापाक मंसूबे को कभी कामयाब होने देगा और न ही जम्मू-कश्मीर में अमन कायम करने की अपनी कोशिश छोड़ेगा। भारत हर आतंकवादी कृत्य का सख्ती से जवाब देगा, ड्रोन हमले पर भी जल्द ही काबू पा लेगा। भारत की सैन्य सुरक्षा मजबूत है, सीमा पर किसी की भी दाल नहीं गलने वाली है। पाक, आतंकी व अलगाववादी जितने भी अवरोध पैदा करे, भारत जम्मू-कश्मीर में किसी भी संवैधानिक प्रक्रिया को नहीं रोकेगा।

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