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आतंकियों के निशाने पर भारत, आतंकियों के हौसले को पस्त करना जरूरी

भारत लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर रहा है।

आतंकियों के निशाने पर भारत, आतंकियों के हौसले को पस्त करना जरूरी
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भारत लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर रहा है। वे देश में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने और अशांति तथा भय का वातावरण बनाने की रह रहकर कोशिश करते रहते हैं। आतंकवादी कई बार अपने मंसूबे में कामयाब हुए हैं, लेकिन अधिकांशत: उन्हें खुफिया तंत्र की मुस्तैदी और सुरक्षा बलों की सजगत के कारण नाकामी ही मिली है। ऐसी ही दहशत फैलाने की एक कोशिश तेलंगाना के वारंगल जिले में मंगलवार को प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक मूवमेंट आॅफ इंडिया (सिमी) के आतंकियों ने किया, लेकिन उन पांचों आतंकियों को मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने मार गिराया। दरअसल, पुलिस इन पांचों आतंकियों को अदालती सुनवाई के लिए हैदराबाद ले जा रही थी।
इस दौरान रास्ते में ही वे पुलिसवालों के हथियार छिनकर भागने की कोशिश करने लगे, इस पर पुलिस के जवानों ने उन पर गोलियां चला दीं। इस घटना में मारे गए सभी आतंकी सिमी से जुड़े थे और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारों पर देश में हिंसा फैलाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने 2010 में उनको गिरफ्तार किया था। उन्होंने हैदराबाद में कई पुलिसकर्मियों पर सिलसिलेवार हमले किए थे जिसमें कई जवानों की मौत हो गई थी। अभी पिछले दिनों तेलंगाना के ही नलगोंडा में हुई पुलिस मुठभेड़ में सिमी के दो सदस्य मारे गए थे। उनकी पहचान स्वयं मध्य प्रदेश पुलिस ने सिमी के उन सदस्यों के रूप में की जो करीब डेढ़ साल पूर्व खंडवा जेल से भाग गए थे। दरअसल, सिमी पाकिस्तान की शह पर देश में आतंकी वारदातों को अंजाम देता रहा है।
सरकार द्वारा 2001 में प्रतिबंधित किए जाने के बाद से उसके आतंकी देश में इंडियन मुजाहिदीन के नाम से सक्रिय हैं। देश में जितने भी आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है, सबने यह बात कबूली है कि पाकिस्तान की आईएसआई, सेना तथा वहां के आतंक संगठनों से उनका संपर्क रहा है। यूं तो भारत को सबसे ज्यादा खतरा पड़ोसी देश पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से है, लेकिन इन दिनों अलकायदा और आईएसआईएस भी अपना जाल फैला रहे हैं। बीते साल अलकायदा और आईएसआईएस की ओर से जारी वीडियों में इस बात का जिक्र किया गया था कि उनका अगला पड़ाव भारत होगा। जिस तरह से मुंबई और बेंगलुरु के कुछ छात्रों के आईएसआईएस से जुड़ाव की खबरें आई हैं, उससे चिंता और बढ़ गई है। पाकिस्तान के आतंकी देश में हुए आतंकी हमलों का सूत्रधार रहे हैं। ज्ञात तथ्यों के अनुसार वहां अभी करीब साठ आतंकी संगठन हैं, जो सक्रिय हैं। वे बाकायदा आतंकवादियों के लिए प्रशिक्षण कैंप चला रहे हैं।
उन्हें पाकिस्तान सरकार, आईएसआई और सेना का समर्थन प्राप्त है। इन दिनों पाकिस्तान से भारतीय सीमा में घुसपैठ कर आए आतंकियों के हमलों से जम्मू कश्मीर राज्य दहला हुआ है। खुफिया एजेंसियों की जानकारी के मुताबिक सौ से ज्यादा आतंकी घुसपैठ करने की फिराक में हैं। वहीं हाल ही में आईबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लश्कर ए तैयबा राजधानी दिल्ली में कोई बड़ा फिदायीन हमला कर सकता है। ऐसे में हमें चौकन्ना रहना चाहिए और अपनी तैयारियों को पुख्ता करना चाहिए कि कोई भी आतंकी संगठन अमन के माहौल को बिगाड़ न पाए।
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