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कश्मीर से आतंकियों का जल्द सफाया हो

सबसे ज्यादा आतंकी गुट दक्षिण कश्मीर में ही सक्रिय है।

कश्मीर से आतंकियों का जल्द सफाया हो
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दक्षिण कश्मीर में आतंकियों का गढ़ बनना वाकई चिंताजनक बात है। हाल में कई वीडियो सामने आए, जिनमें आतंकी इन इलाक़ों में आराम से खुलेआम घूमते दिख रहे हैं। उनमें से कुछ वीडियो में आतंकी उसे फ्री जोन भी कह रहे हैं। फ्री जोन से आतंकी का तात्पर्य है कि यह क्षेत्र उनके कब्जे में है। सोशल मीडिया में वायरल हुए इन वीडियो में आतंकी दक्षिण कश्मीर के शोपियां के जिंग्लिंग में घूमते दिखाई दिए हैं। सबसे ज्यादा आतंकी गुट दक्षिण कश्मीर में ही सक्रिय है।

सेना और आतंकियों में संघर्ष भी सबसे अधिक इसी क्षेत्र में देखने को मिलते हैं। अभी पिछले दो दिन में जो तीन बैंक लूटे गए वो भी दक्षिण कश्मीर में ही हैं। दक्षिण शोपियां में बुधवार देर रात संदिग्ध आतंकियों ने कोर्ट कॉम्पलेक्स की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला करके पांच सर्विस राइफलों को लूट लिया था। बुधवार को ही पुलवामा में 2 घंटों के भीतर 2 बैंकों में डकैती हुई थी। 1 मई को आतंकवादियों ने कुलगाम में कैश वैन लूट लिया था।

उस वारदात में 5 पुलिसवालों और 2 बैंक कर्मचारियों की मौत हो गई थी। जिसमें 50 लाख नकद भी लूटे थे। कश्मीर में घाटी में पहले से ही तनाव है। ऐसे में दक्षिण कश्मीर में आतंकियों का खुलेआम घूमना भारतीय सेना के सर्च ऑपरेशन के लिए पर्याप्त वजह है। सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन लॉन्च कर साफ संदेश दिया है कि घाटी में आतंकवादियों का मंसूबा कामयाब नहीं होने वाला है।

पिछले साल हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आतंकवाद रोधी ऑपरेशन लॉन्च किया गया है। दरअसल हाल के दिनों में दक्षिण कश्मीर में आतंकी घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है। पुलवामा में आतंकियों ने कई वारदातों को अंजाम दिया है। उरी हमले को भी आतंकियों ने ही अंजाम दिया था।

आतंकी बेखौफ होकर कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों व ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। शोपियां और पुलवामा के करीब 30 गांवों में एक साथ आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाकर सेना ने बेहतर काम किया है। इस ऑपरेशन में सेना, अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के करीब ढाई से तीन हजार जवान शामिल हैं। दक्षिण कश्मीर को आतंकवाद मुक्त करना बेहद जरूरी है। यहां हिज्बुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा व जैश समर्थित कई आतंकी गुट सक्रिय हैं।

कश्मीरी अलगाववादियों का हथियार भी ये आतंकी ही हैं। कश्मीर में आतंकियों का खौफ इतना बढ़ गया है कि पिछले दिनों चुनाव में अब तक के सबसे कम मतदान हुए। यह सभी जानते हैं कि कश्मीर में आतंकियों की मदद पड़ोसी कर रहा है। वह कश्मीर में शांति बहाल नहीं होने देना चाहता है। सेना का यह ऑपरेशन इसलिए भी जरूरी है कि ताकि स्थानीय लोगों में ये भरोसा जगे कि वहां कानून-व्यवस्था अब भी कायम है।

कुछ दिनों पहले जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने बयान जारी कर कहा था कि जो पुलिस वाले दक्षिण कश्मीर के गांवों से हैं, वे अवकाश में अपने गांव घर नहीं जाएं। डीजीपी के इस बयान का सुरक्षा बलों के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ा था। ऐसे में इस सैन्य ऑपरेशन के बाद पुलिस जवानों का भी मनोबल बढ़ेगा। हालांकि सेना को अपने ऑपरेशन के दौरान हमेशा ध्यान रखना होगा कि आम लोगों को किसी तरह की तकलीफ नहीं हो।

जवानों का आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने भी कहा है कि पाक फौज की कायराना हरकतों को भारत मुंह तोड़ जवाब देगा। कश्मीर से आतंकवाद का सफाया जितना जल्द हो, राज्य की खुशहाली के लिए उतना ही अच्छा है।

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