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श्रीदेवी की मौत, ''हवा हवाई'' हो गई बॉलीवुड की ''चांदनी''

श्रीदेवी की मौत के बाद बॉलीवुड में शोक की लहर है। श्रीदेवी इकलौती अभिनेत्री हैं जिन्होंने तीन दशक- 70,80 व 90 तक तीन फिल्म इंडस्ट्री- हिंदी, तमिल व तेलुगु में नंबर वन रहकर राज किया।

श्रीदेवी की मौत,

अचानक मशहूर अदाकारा श्रीदेवी के निधन की खबर से समूचा देश गमगीन है। हवा हवाई और चांदनी से करोड़ों दिलों पर करीब पांच दशक तक राज करने वाली सदाबहार अभिनेत्री श्रीदेवी के दुनिया को इस तरह अलविदा कहने पर सहसा किसी को विश्वास नहीं हो रहा है।

श्रीदेवी स्वस्थ थीं, रुपहले पर्दे पर दूसरी पारी में अपने अभिनय का जादू बिखेर रही थीं, ऐसा में कोई सोच भी नहीं सकता था कि उनका निधन हो जाएगा। वो अपने जीवन में इतना सक्रिय थीं कि भतीजे की शादी में शिरकत करने दुबई गई थीं।

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करीब तीन साल की उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाली चितेरी नायिका श्रीदेवी ने एक शोख-चुलबुली ले लेकर संजीदा भूमिका तक का सफर तय किया। फिल्म तोहफा से स्टारडम का रुतबा हासिल करने वाली इस अभिनेत्री ने अपनी अदाकारी से सभी उम्र व वर्ग के दर्शकों की दिल जीता।

वह इकलौती अभिनेत्री हैं जिन्होंने तीन दशक- 70,80 व 90 तक तीन फिल्म इंडस्ट्री- हिंदी, तमिल व तेलुगु में नंबर वन रहकर राज किया। वह 1977 में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में भी नंबर वन पर थीं। एक करोड़ से अधिक पारिश्रमिक लेने वाली फिल्म जगत की पहली नायिका श्रीदेवी ने सफलता की बुलंदियों को छुआ।

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रेखा, हेमा मालिनी, जया प्रदा, माधुरी दीक्षित जैसी बेहतरीन कलाकारों के बीच श्रीदेवी ने दमदार अभिनय, बोलती आखें, शोख मुस्कान और दिलकश अदाओं के जादू से अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने ग्लैमरस से लेकर गंभीर तक हर तरह की भूमिका निभाई।

फिल्म जगत को अप्सरा लुक व आधी साड़ी पहनने का फैशन ट्रेंड देने वाली इस अदाकारा ने विभिन्न प्रकार की भूमिकाओं से अभिनय जगत में अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने फिल्मों में अपने विशेष शैली के नृत्य से सिने प्रेमियों को हमेशा अभिभूत किया।

श्रीदेवी की तरह ही मीना कुमारी, मधुबाला, योगिता बाली जैसी स्थापित अभिनेत्रियों ने भी कम उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया था। मिस्टर इंडिया, चांदनी, नगीना, जुदाई, लम्हे, सदमा जैसी यादगार फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय का लोहा मनवाया।

उनकी मूंदरन पिराई, लम्हे, इंग्लिश -विग्लिश व मॉम जैसी फिल्में अन्य कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। उन्होंने व्यवसायिक के साथ कला फिल्में भी कीं। अपनी कला से उन्होंने फिल्मों को नया अर्थ प्रदान किया।

उनके भावप्रण अभिनय ने दर्शकों के दिल को गहरे तक स्पर्श किया। बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी के झंडे गाड़ने वाली श्रीदेवी का बॉलीवुड में स्थान सदा रिक्त रहेगा। अभिनय जगत सदा उनका ऋणी रहेगा।

फिल्म जगत में चांदनी की उपलब्धियों की चमक कभी भी फीकी नहीं पड़ेगी। उनकी जैसी अभिनेत्री युगों में एक पैदा होती है। पद्मश्री समेत अनेक पुरस्कारों से सम्मानित श्रीदेवी की अभिनय व नृत्य शैली सदा आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी। उनको श्रद्धांजलि।

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