Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

लघुकथा : एक्सपायर डेट

अब बच्चा दुविधा में था। मैम और मम्मी में से कौन सही है?

लघुकथा : एक्सपायर डेट
बच्चा चहकते हुए स्कूल से घर आया। आज वह नया ज्ञान लेकर लौटा था, सो उसे मम्मी को सुनाने की बड़ी जल्दी थी। जूते उतारते हुए बोला, ‘मॉम, पता है, हर वस्तु की एक एक्सपायरी डेट होती है। हमें कोई भी चीज खाने से पूर्व पैकेट पर लिखी एक्सपायरी डेट अवश्य देखनी चाहिए। जिसका मतलब है कि वह वस्तु उस डेट तक ही खाने लायक है, इसके बाद वह नुकसान -देह हो जाती है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकती है।’
‘अच्छा! किसने बताया?’ मम्मी ने खाना लगाते हुए सुखद आश्चर्य के साथ पूछा।‘हमारी मैम ने! उन्होंने तो यह भी कहा है कि हमें इस बारे में दूसरों को भी अवेयर करना चाहिए, ताकि कोई बीमार ना पड़ सके।’मम्मी कुछ बोलना चाह रही थीं कि इसी बीच नौकर ब्रेड का पैकेट लेकर आया और मालकिन को दिखाते हुए बोला, ‘मैडम जी, इसकी एक्सपायरी डेट कल ही निकल गई, इसका क्या करूं!’
‘मेरे सर पर दे मारो, और क्या करोगे।’ मैडम ने गुस्सा जताते हुए कहा, ‘तुम्हें कितनी बार समझाया है कि कोई भी चीज एक्सपायरी डेट देखकर लाया करो, और समय रहते इस्तेमाल कर लिया करो, मगर तुम लोगों को किसी के स्वास्थ्य की कहां परवाह! अब क्या करोगे, डस्टबिन में डाल दो।’ फिर कुछ क्षण ठहरकर बोलीं, ‘एक काम करो, कामवाली बाई आए, तो उसे दे देना, कहना मैडम ने तुम्हारे बच्चों के लिए दिया है।’‘जी!’
यह सुनकर बच्चा हैरत में पड़ गया, और चेहरे पर ढेर सारी जिज्ञासा के भाव लाकर बोला, ‘मॉम, जब एक्सपायरी डेट निकल गई है, तो इसे खाकर उनके बच्चे बीमार नहीं पड़ जाएंगे!’मम्मी एक बार तो चौंकी, फिर संभालते हुए बोलीं, ‘ऐसे बच्चे सब कुछ हजम कर लेते हैं।’ अब बच्चा दुविधा में था। मैम और मम्मी में से कौन सही है?

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

Next Story
Top