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व्‍यंग्‍य: नहाने भर को उतारे बनियान कोई बंदा, तो अनलकी हो जाए...

सोमवार को पावरफुल हो जाओ, मंगलवार को लकी हो जाओ..।

व्‍यंग्‍य: नहाने भर को उतारे बनियान कोई बंदा, तो अनलकी हो जाए...

जी मुझे बनियान चाहिए। दुकानदार ने कहा-आपको लक चाहिए या पावर। लक की बनियान अलग है, पावर की बनियान अलग है। लक चाहिए या पावर, बहुत मुश्किल सवाल है। अरे भई इस मुल्क में लकी वही होता है, जिसके पास पावर है। मंत्री के रिश्तेदार बहुत लकी निकलते हैं-पेट्रोल पंप आ जाते हैं उनके पास। गैस एजेंसियां आ जाती हैं उनके पास। तमाम चकाचक प्लॉट आ जाते हैं उनके पास। तमाम स्कीमों में कई फ्लैट आ जाते हैं उनके पास, सो लकी ना। वो लकी इसलिए हैं कि वो पावरफुल हैं। बंदा एक बार पावरफुल हो जाए, तो लकी अपने आप हो जाता है। जैसे देखिए फिल्म स्टार, बहुत पावरफुल लोग हैं, सो उनके इश्तिहार दिखाए जाते हैं कि वो ये बनियान पहनते हैं, वो बनियान पहनते हैं। बनियान तो यूं मैं भी पहनता हूं, पर मुझे कोई नहीं पूछता।

एक बनियान का इश्तिहार तो आह्वान करता है कि अपना लक पहनकर चलो। फिल्म इंडस्ट्री के एक वरिष्ठ स्टार इस आह्वान का अनुमोदन करते हैं कि अपना लक पहनकर चलना चाहिए। नहाने भर को उतारे बनियान कोई बंदा, तो अनलकी हो जाए, कुछ इस तरह की ध्वनि इस इश्तिहार से निकलती है। दूसरी बनियान लक के चक्कर में ना पड़ती, उस बनियान का इश्तिहार करता है कि वह बनियान पहनोगे, तो पावर आ जाएगी। हालांकि मैं जानता हूं, पावर इस मुल्क में पावरफुल लोगों का दामाद होने या दोस्ती से आती है। फिर भी बनियान दावा करती है कि पहनते ही पावर लो। मैंने बनियान विक्रेता से पूछा-मुझे दोनों चाहिए, पावर भी लक भी। दुकानदार ने प्रस्ताव किया-फिर आप दो अलग-अलग ब्रांडों की बनियानें खरीद लो। लक की बनियान के ऊपर पावर की बनियान पहन लो, एक साथ पावर और लक ले लो।
कसम से, बाजार के पास हर समस्या का समाधान है। कुछ दिनों में ऐसे इश्तिहार आना शुरू हो सकते हैं कि सिर्फ लक से बात नहीं बनेगी, पावर भी लें। सिर्फ पावर से क्या होता है, लक भी लें। बाद में पता चल सकता है कि पावर और लक की बनियान कंपनियों ने आपस में समझौता कर लिया है कि कंपटीशन क्यों, दोनों बेचो मिलकर। सोमवार को पावरफुल हो जाओ, मंगलवार को लकी हो जाओ..। बुरा ना मानें सन्नी देयोल अपना लक पहनकर चल रहे हैं पर उनकी आखिरी हिट फिल्म कब आई थी, किसी को याद है क्या। बनियान पहनकर बंदे लकी और पावरफुल हुए जा रहे हैं। लकी हो रखे हैं, हम तो फिर मानसून क्यों ना आ रहा है टाइम पर। लक यहां क्यों धोखा दे रहा है।
सवाल का जवाब बनियान कंपनी यूं देगी-क्योंकि हमारी लकी बनियान मानसून ने ना पहनी। मानसून तक को बनियान पहना दें, अगर बेचनेवालों का बस चल जाए। एक बनियान कंपनी का मार्केटिंग मैनेजर मुझसे पूछ रहा था कि बताओ अपनी बनियान की सेल कैसे बढ़ाएं। मैंने निवेदन किया-सिर्फ इंसानों को अपनी सेल्स के दायरे में ना रखो। चालू टीवी चैनल पर किसी चालू बाबा का शो स्पांसर करो और उनसे कहलवाओ कि किरपा वहां पर रुकी हुई है।
ग्यारह बनियान खरीदकर अपने मुहल्ले के कुत्ताें को पहनाओ, तब धड़ाधड़ाकर लक दौड़ेगा। इंसान तो अपने लिए दो-तीन बनियान खरीदेगा, पर ग्यारह का टोटका लगाओ, तो एक ही बंदा ग्यारह बनियान खरीदकर जाएगा। मैं बनियान मार्केटिंग वाले को यह सुझाव दे रहा था, साथ में एक बंदा इसे गंभीरता से सुन रहा था। उस बंदे ने नमस्कार करते हुए कहा-वाह, इतने पहुंचे हुए ऊल-जलूल आइडिए हैं आपके पास, कहां बनियान में आप उन्हें नष्ट कर रहे हैं, आपकी सही जगह तो टीवी न्यूज में है। चलिए वहां चलिए।
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