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निर्मल गुप्त का व्यंग्य : भूकंप से निकले मैसेज

कुछ को इसके आने का तुरंत पता लग गया। बहुत से लोगों को इसके आने की भनक जरा देर से लगी।

निर्मल गुप्त का व्यंग्य : भूकंप से निकले मैसेज
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भूकंप आया। अचानक आया। झटके के साथ आया। बिना किसी पूर्वसूचना के आया। कुछ को इसके आने का तुरंत पता लग गया। बहुत से लोगों को इसके आने की भनक जरा देर से लगी। मैडम जी तब चौंकी जब उनकी गोद में पसरे टामी ने अपने पत्ते जैसे कान फड़फड़ाये। उन्होंने तुरंत कमरे की दीवार पर टंगे एसी की ओर देखा।

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वह लगातार ठंडी हवा उगलता दिखा। व्हाट हैप्पिन स्वीटी? उन्होंने टामी के झबरीले बालों में उंगलियां फिराते हुए पूछा। नथिंग डार्लिंग। जरा पैर फिसल गया था। वह चिहुंकी। यह आवाज बाथरूम से आई थी जो यकीनन टामी की नहीं थी। उन्होंने कौतुहलवश अपना मोबाइल देखा। वहां एक सौ सत्ताईस नोटिफिकेशन आकर जमा हो चुके थे।
एवरेस्ट, अंतरिक्ष और स्मार्टफोन में कचरा लगातार जमा होता रहता है। अर्थक्वेक आया। यह पड़ोस में रहने वाली मिसेज चोपड़ा का ट्विट था। ओह सो स्वीट। मिसेज चावला ने अपनी वॉल पर भूकंप की खबर को इस टिप्पणी के साथ शेयर कर दिया था। उफ्.., स्लम में कुछ कच्चे मकानों के गिरने का पता लगा है।
कॉलोनी में तो कुछ नहीं हुआ? मैसेज बॉक्स में सहज जिज्ञासा छलकी। लेकिन स्लम में कुछ लोगों के मरने और घायल होने की कन्फर्म सूचना है। किसी ने बताया। हमारी कामवाली बाई वहीं रहती है उसके बारे में तुरंत अपडेट दें? मैडम जी ने व्हाट्स एप के अपने ग्रुप से पूछा। मेरी भी..। मेरी वाली भी..। गिव अपडेट एटवंस। अनेक के पास एक जैसा सवाल था।
नेपाल में भारी तबाही की ब्रेकिंग न्यूज है। किसी ने बताया। गो टू हैल विद ब्रेकिंग न्यूज..। हमारी कामवाली के बारे में कुछ पता हो तो बताएं। समवेत क्रोध प्रश्न बन कर स्क्रीन पर फ्लैश हुआ। इसके तुरंत बाद मैडम जी ने एडवाइजरी जारी की कि फिजूल की ब्रेकिंग न्यूज न सुनाएं। सिर्फ काम की बातें करें अन्यथा उन्हें ब्लॉक कर दिया जाएगा। ग्रुप में थोड़ी देर के लिए सन्नाटा रहा। फिर एक के बाद एक सूचना आनी शुरू हुईं।
मुबारक हो। आप सबकी कामवालियां एकदम ठीक ठाक हैं। उनमें से कुछ को झुग्गी के बाहर खड़े होकर दातून करते, कुछ को सोमवार पैंठ में बैंगन खरीदने के लिए मोलभाव करते, कुछ को पब्लिक हैंडपम्प पर पानी के लिए झगड़ते हुए और अनेक को अपने शराबी आदमियों के हाथ रात में पिटने के बाद सुबकते हुए काम करने के लिए कॉलोनी की ओर आता हुआ देखा गया है।
र्हुे.., र्हुे.., र्हुे.., मैडम जी का मैसेज बॉक्स देखते ही देखते बधाई संदेशों से पट गया। जिंदा बच गईं कामवालियां अपनी बस्ती में राहत मिशन शुरू होने का इंतजार किए बिना अपने-अपने काम पर लग गईं। अब कॉलोनी की मैडमों के पास जी भर कर बतकही करने के लिए जरूरी निश्चिंतता और मनमाफिक अवसर है।
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