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व्यंग्य : क्लीन चिट होना मंगता

कैसा हो, राशन के साथ-साथ एकाध किलो क्लीन चिट देने की व्यवस्था भी हो जाए।

व्यंग्य : क्लीन चिट होना मंगता
आज क्लीन चिट की महत्ता को देखते हुए सरकार को क्लीन चिट की फ्रेंचाइजी बांटनी चाहिए, ताकि अधिकाधिक लोगों को क्लीन चिट हासिल हो सके। क्लीन चिट मिल जाएगी, तो कोई दूसरों को लेकर हल्ला-गुल्ला भी नहीं करेगा। कैसा हो, राशन के साथ-साथ एकाध किलो क्लीन चिट देने की व्यवस्था भी हो जाए।
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आजकल मन बड़ा बेचैन है। अनिद्रा हावी है। नींद की गोलियां भी अनिद्रा को काबू नहीं कर पा रही हैं। मानसून के आगमन से भी दिल नहीं बहल रहा है। बहले भी कैसे, जब बारिश के मौसम में आलू के भाव क्लीन चिट मिल रही हों। बेशक दुनिया पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है, महंगाई बढ़ रही है, मगर क्लीन चिट तो बेहद सस्ती हुई जा रही हैं। इधर आरोप लगते हैं, उधर फौरन क्लीन चिट थमा दी जाती है। जैसे ढेर सारी क्लीन चिट तैयार करने के ऑर्डर हो गए हैं।
क्लीन चिट ऐसी चिट है, जिसके मिलते ही सारे डाउट दूर हो जाते हैं। महाठग, बेईमान, घोटालचियों में भी गजब का आत्मविश्वास आ जाता है। ऐसे में वे ज्यादा डाउटफुल लगते हैं, जिन पर अभी कोई आरोप नहीं लगा और क्लीन चिट से क्लीन नहीं हुए हैं। क्योंकि जिन पर आरोप होंगे, उनके पास तो क्लीन चिट भी होगी। अब क्लीन चिट ऐसा क्लीनर है, जिससे भारी से भारी गंदगी भी साफ की जा सकती है।
यूं तो एक आम आदमी का क्लीन चिट से दूर-दूर तक वास्ता नहीं है और कोई दरकार भी नहीं होती है। लेकिन आप भी कुछ हैं, इसका लोहा मनवाने के लिए एक क्लीन चिट का होना जरूरी है। इसके बिना आप कितने ही ईमानदार हों, चाहे टाइम पर ईमानदारी से टैक्स भरते हों, कचरा सड़क पर ना फेंकते हों, हर जगह लाइन में लगकर बारी का इंतजार करते हों, सार्वजनिक स्थल गंदे नहीं करते हों, रिश्वत लेने-देने से कोसों दूर रहते हों, बस, ट्रेन में महिला सीट नहीं हथियाते हों, महिलाओं का पूरा सम्मान करते हों, सड़क पर हमेशा बाईं ओर चलते हों, ट्रैफिक रूल्स का अक्षरश: पालन करते हों, जीवन में उच्च पदों पर रहकर भी कभी घोटाला, गबन नहीं किया हो।
इन सारी अच्छाइयों का तब तक कोई मोल नहीं, जब तक कि आपके पास एक क्लीन चिट ना हो! क्लीन चिट हो, तो बंदा किसी को भी ऊंची आवाज में दबा सकता है कि-मेरे पास भी क्लीन चिट है!क्लीन चिट बड़े काम की चीज है। यदि हो, तो क्लीन चिट को छज्जे पर टांग पड़ौसियों को जलाया जा सकता है। मकान की छत पर काली हांडी की जगह टांग दें, तो क्या मजाल, कोई काली नजर आपकी तरफ उठ पाए। कोट की जेब में फूल की जगह टांगी जा सकती है या टाई की जगह गले में लटका लें तो भद्रता में चार चांद लग जाएं।
सुबह क्लीन चिट से मुंह धो लें, तो दिन भर चेहरा दमकता रहे। क्लीन चिट से कॉलर ऊंची हो जाती है। सिर पर सींग उग आते हैं, जिनकी टक्कर से किसी को भी उछाला जा सकता है।इस लिहाज से क्लीन चिट गंगा स्नान की तरह है। किसी पुण्य का प्रताप है। एक बार सिर पर उडेÞल लें, फिर भ्रष्टाचार के परनाले में पैर डुबोकर बैठे रहिए, क्लीन चिट की मदद से मैल छुड़ाते रहिए।
किसी आम बंदे के पास क्लीन चिट हो, तो वह सार्वजनिक दीवारों पर पीक थूककर, मूत्र त्याग कर, पार्क में डॉगी को नित्य कार्यों से निवृत्त करवाकर, फूल-पत्तियों पर हाथ साफ करके भी गर्व से कह सकता है- मेरे पास क्लीन चिट है।
आज क्लीन चिट की महत्ता को देखते हुए सरकार को क्लीन चिट की फ्रेंचाइजी बांटनी चाहिए, ताकि अधिकाधिक लोगों को क्लीन चिट हासिल हो सके। क्लीन चिट मिल जाएगी, तो कोई दूसरों को लेकर हल्ला-गुल्ला भी नहीं करेगा। कैसा हो, राशन के साथ-साथ एकाध किलो क्लीन चिट देने की व्यवस्था भी हो जाए। अब टूथपेस्ट में नीबू, नमक की तरह कोई यह न पूछने लग जाए कि क्या आपके पास क्लीन चिट है? हुई तो ठीक, न हुई तो क्या मुंह दिखाएंगे जनाब!
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