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हरिभूमि संपादकीय लेख: कोरोना योद्धाओं के प्रति सेना के जज्बे को सलाम

तीनों-थल, वायु व जल सेनाओं ने कोविड-19 वायरस के खिलाफ जंग लड़ने वाले योद्धाओं को सलामी दी। सेना ने दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, पंजाब समेत देश के उन तमाम राज्यों के अस्पतालों में जहां कोविड-19 वायरस के मरीजों का इलाज चल रहा है, उन पर हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए।

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भारत में चिकित्सक, नर्स, सहयोगी मेडिकल स्टाफ, पुलिस समेत अन्य सुरक्षाकर्मी जिस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं, निश्चित ही यह काबिलेतारीफ है। इन कोरोना वारियर्स के प्रति देश की तीनों सेनाओं का सम्मान प्रकट करना भारत के इतिहास में अभूतपूर्व है। ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया। अमेरिका, ब्रिटेन में सेनाएं आपदा-विपदा जैसी विशेष परिस्थिति के दौरान जनसेवा में जुटे लोगों के प्रति फूल बरसाकर सम्मान प्रकट करती रही हैं, लेकिन भारत में यह नया है। तीनों-थल, वायु व जल सेनाओं ने कोविड-19 वायरस के खिलाफ जंग लड़ने वाले योद्धाओं को सलामी दी।

सेना ने दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, पंजाब समेत देश के उन तमाम राज्यों के अस्पतालों में जहां कोविड-19 वायरस के मरीजों का इलाज चल रहा है, उन पर हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए। तीनों सेनाओं ने कोरोना अस्पतालों पर आसमान से पुष्पवर्षा कर कोरोना वॉरियर्स का हौसला बढ़ाया। एमआई-17 हेलिकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर रहे जवानों का अस्पतालों के चिकित्सक, नर्स व कर्मियों ने खुले मैदान में खड़े होकर अभिवादन किया। समूचे देश में यह अविस्मरणीय नजारा था, जिसमें सेना कोरोना पीड़ितों के इलाज व सेवा में जुटे कर्मियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट कर रही थी।

देश में अक्सर आपदा-विपदा के समय सरहदों की सुरक्षा में जुटे जवान संकटमोचक की तरह आकर नागरिकों की सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्से लेते हैं और नागरिक उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। इस बार सेना ने नागरिकों की हौसलाअफजाई की है। इससे पहले देश के समस्त नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ताली बजाकर और दीये जलाकर कोरोना वारियर्स के प्रति सम्मान प्रकट किया और संकट की घड़ी में राष्ट्रीय एकजुटता का प्रदर्शन किया। अब जबकि 4 मई सोमवार से 17 मई तक के लिए लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू हो रहा है और इस दौरान ग्रीन व ऑरेंज जोन में काफी छूटें होंगी, शर्त के साथ रेड जोन में भी मूवमेंट बढ़ेंगे, तो सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि कोरोना संक्रमण अपना विकराल रूप धारण करता है या नहीं? सरकार व चिकित्सा विशेषज्ञ दोनों के लिए छूट वाले दो हफ्ते लॉकडाउन में अहम रहेंगे।

अगर कोरोना फैलने लगेगा तो, छूट वापस लेनी पड़ेगी। इस वक्त भारत कोविड-19 की जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उससे पार पाने के लिए कोरोना वारियर्स की भूमिका लंबे समय तक अहम रहने वाली है। ऐसे में उनका मनोबल बढ़ाते रहना जरूरी है। कोरोना जैसे मुश्किल वक्त में सेना का काम सराहनीय इसलिए भी है कि वह कश्मीर में पाक प्रायोजित आतंकवाद से भी लड़ रही है। आज ही परिवार को सुरक्षित बचाने के लिए लश्कर आतंकियों से मुठभेड़ में कर्नल-मेजर समेत पांच जवान शहीद हुए हैं। इसमें लश्कर के कमांडर सहित दो आतंकवादी भी मारे गए। परिवार को तो बचा लिया, लेकिन सेना ने अपने पांच जांबाज खो दिए। राष्ट्र सुरक्षा में जुटी सेना के जज्बे को सलाम है। अपनी सेना पर सभी देशवासियों को गर्व है। विश्वव्यापी कोरोना संकट के समय भी पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद निर्यात करने से बाज नहीं आ रहा है। इसी तरह अगर हम एकजुट रहकर दो गज की दूरी समेत वायरस से बचाव के अन्य उपायों को अपनाए रहें तो जल्द ही हम काेरोना से जंग जीतेंगे। इसमें हमारे चिकित्सक, नर्स व मेडिकल कर्मियों का बहुमूल्य योगदान होगा।

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