Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

डॉ. रमेश ठाकुर का लेख : रुला गया सबको हंसाने वाला राजू

कमेंडी किंग राजू श्रीवास्तव कलाकार के अलावा इंसान भी लाजवाब थे। सादगी हमेशा देहाती रही, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती थी। वह बेशक, मुंबई रहते थे, लेकिन कानपुर की ठेठ उनमें हमेशा रहती थी। प्रसिद्धि खूब कमाई, पर अपनी जमीन कभी नहीं भूले। समूचा हिंदुस्तान उन्हें याद कर रहा है। वह उत्तर प्रदेश फिल्म परिषद के चेयरमैन भी थे। वे 1993 से हास्य की दुनिया में काम कर रहे थे। उनको असली सफलता ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज से मिली। हास्य का ये नगीना आज हम सबको अकेला छोड़ कर अपनी दुनिया में चला गया है। उनका शरीर ही हमसे दूर हुआ है, उनका एहसास नहीं? हमारे दिलों में राजू श्रीवास्तव हमेशा अमर रहेंगे।

Raju Srivastav Health Update Comedian Family doing Puja for good health
X

कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव

काफी समय तक आंखमिचौली खेलने के बाद एक सितारा हमारी आंखों से हमेशा के लिए ओझल हो गया। 'ना दुआ काम आई और ना ही दवा'। 42 दिनों से जिंदगी और जीवन से संघर्ष करने के बाद आखिरकार बुधवार को देश के सबसे मशहूर कॉमेडियन-अभिनेता राजू श्रीवास्‍तव ने मौत के सामने घुटने टेक दिए। उनके निधन की खबर जैसे ही बाहर आई, लोग स्तब्ध रह गए, सभी को उम्मीद थी राजू श्रीवास्तव स्वस्थ होकर बाहर आएंगे और फिर सबको हंसाएंगे। पर, शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। राजू के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने ताउम्र लोगों के चेहरे पर खुशियां बिखेरी, वह देश के अनमोल धरोहर थे। निश्चित रूप से वह देश के धरोहर ही थे, किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना वह बखूबी जानते थे।

कलाकार के अलावा वह इंसान भी लाजवाब थे। सादगी हमेशा देहाती रही, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती थी। वह बेशक, मुंबई रहते थे, लेकिन कानपुर की उनमें हमेशा रहता था। प्रसिद्धि खूब कमाई, पर अपनी जमीन कभी नहीं भूले। समूचा हिंदुस्तान उन्हें याद कर रहा है। यूट्यूब पर उनके पुराने कॉमेडी वीडियो लोग देख रहे हैं। दरअसल, वह सबके लिए लोकप्रिय थे, उनकी लोकप्रियता हर वर्ग के लोगों में हुआ करती थी। राजू श्रीवास्तव के निधन से मायानगरी में शोक की लहर है, राजनीतिक गलियारों में भी लोग दुख जता रहे हैं।

वह उत्तर प्रदेश फिल्म परिषद के चेयरमैन भी थे। मुंबई से नोएडा शिफ्ट हो रही फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हुई थी। फिल्म परिषद का समूचा काम उन्हें दिया हुआ था। उन जिम्मेदारियों को वह ईमानदारी से निर्वाह भी कर रहे थे। राजू श्रीवास्तव का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुआ था। मस्करी बचपन से करते आए थे, आगे चलकर उसी को उन्होंने अपना करियर भी बनाया। वह अपनी सरल-सादगी और हास्य-व्यंग्य के कारण पूरी दुनिया में मशहूर हुए थे। पत्रकार के तौर मेरी उनसे एकाध मुलाकातें हुईं, साक्षात्कार किया। कभी लगा ही नहीं, वह बड़े कलाकार हैं। जब भी मिले हरफनमौला अंदाज में, उनमें एक खूबी बड़ी निराली थी। जिससे एक बार मिल लेते उनका नाम नहीं भूलते थे।

राजू ने फिल्मों में भी हाथ आजमाया। हालांकि, ज्यादा चले नहीं, लेकिन जितने भी रोल किए, दमदार किए। सलमान खान की फिल्म 'मैंने प्यार किया' से उन्होंने डेब्यू किया था। उसके बाद उन्होंने 'बाजीगर', 'आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया', 'वाह तेरा क्या कहना', 'मैं प्रेम की दीवानी हूं', 'बॉम्बे टू गोवा' और 'टॉइलेट एक प्रेम कथा' जैसी फिल्मों में भी अपने अभिनय का लोहा मनवाया। लेकिन बड़ी पहचान उनको टीवी के छोटे पर्दे ने ही दिलवाई। कॉमेडी रिएलिटी शो 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' से वह रातोंरात स्टार हुए। इस शो में उनका काल्पनिक किरदार 'गजोधर' जिसे ने देश ही नहीं, समूची कायनात ने खूब सराहा। आमतौर पर लोग उन्हें गजोधर ही बोलने लगे थे। इसके अलावा राजू ने मशहूर टीवी सीरियलों 'देख भाई देख', 'शक्तिमान' और 'अदालत' में भी कुछ छुटपुट और महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई। राजू आम आदमी और रोज़मर्रा की छोटी छोटी घटनाओं पर व्यंग सुनाने के लिए जाने जाते थे।

वे 1993 से हास्य की दुनिया में काम कर रहे थे। उन्होंने कल्यानजी आनंदजी, बप्पी लाहिड़ी एवं नितिन मुकेश जैसे कलाकारों के साथ भारत व विदेश में काम किया। वह कुशल मिमिक्री के लिए भी मशहूर रहे। उनको असली सफलता ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज से मिली। इस शो में अपने कमाल के प्रदर्शन की बदौलत वह घर-घर में सबकी जुबान पर आ गए। उन्होंने बिग बॉस के सीजन 3 में हिस्सा लिया था। वर्ष 2010 में, श्रीवास्तव अपने शो के दौरान अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और पाकिस्तान पर मजाक भी किया करते थे। उन्हें पाकिस्तान से धमकी भरे फोन आए और चेतावनी दी कि वे इन पर मजाक न करे। उन्होंने कॉमेडी शो, कॉमेडी का महा मुकाबला में भाग लिया। 2013 में, राजू ने अपनी पत्नी के साथ नच बलिए सीजन 6 में भाग लिया|

समाजवादी पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए राजू श्रीवास्तव को कानपुर से मैदान में उतारा, लेकिन 11 मार्च 2014 को श्रीवास्तव ने यह कहते हुए टिकट वापस कर दिया कि उन्हें पार्टी की स्थानीय इकाइयों से पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है। उसके बाद, वह 19 मार्च 2014 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा बनने के लिए नामित किया। राजू का शुरुआती करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा। राजू श्रीवास्तव का बचपन का नाम सत्य प्रकाश था। इनके पिता रमेश चंद्र श्रीवास्तव एक सरकारी कर्मचारी थे और शौकिया तौर पर कविताएं लिखा करते थे। छुट्टियों में पिता कवि सम्मेलन का हिस्सा बना करते थे, जिन्हें बलाई काका नाम से पहचाना जाता था। पिता से राजू को भी लोगों का मनोरंजन करने का गुर विरासत में मिला। बचपन से ही राजू घर आए मेहमानों के सामने मिमिक्री करते और स्कूल में टीचर की भी नकल उतारकर लोगों को खूब हंसाते। कई टीचर उन्हें बद्तमीज कहते हुए सजा देते थे, लेकिन एक टीचर ऐसे भी थे जो इन्हें बढ़ावा दिया और कॉमेडी में करियर बनाने की सलाह दी। लोगों ने राजू को लोकल क्रिकेट मैच में कमेंट्री करने की सलाह दी। इससे ये अपने हुनर को कॉन्फिडेंट के साथ लोगों के सामने पेश करने लगे।

राजू ने अमिताभ बच्चन की फिल्म दीवार देखने के बाद एक्टर बनने का फैसला किया। राजू बचपन से ही एक्टिंग और कॉमेडी में हाथ आजमाना चाहते थे, जिसके लिए वो 1982 में लखनऊ छोड़कर सपनों के शहर मुंबई चले आए। यहां ना रहने को घर था ना खाने के पैसे। घर से भेजे गए पैसे जब कम पड़ने लगे तो राजू ऑटो ड्राइवर बन गए। राजू अपनी सवारी को भी हंसाते थे। मुंबई में राजू को करीब 4-5 सालों तक संघर्ष करना पड़ा था। एक दिन एक सवारी ने राजू के स्टाइल से इंप्रेस होकर उन्हें स्टेज परफॉर्मेंस देने को कहा। राजू मान गए और परफॉर्मेंस दी, जिसके लिए सिर्फ 50 रुपये मिले थे। इसके बाद राजू लगातार स्टेज शो करने लगे। स्टेज शो करते हुए राजू श्रीवास्तव अमिताभ बच्चन की भी नकल उतारा करते थे। यहीं से लोगों ने उनके लुक की तुलना अमिताभ बच्चन से करना शुरू कर दी। राजू ने एक नाई गजोधर के नाम से प्रेरित होकर यह नाम अपनाया। उन्होंने करीब 19 फिल्मों में काम किया। राजू सबसे पहले साल 1994 के शो टी टाइम मनोरंजन में नजर आए थे। राजू कॉमेडी का महा मुकाबला, कॉमेडी सर्कस, देख भाई देख, लाफ इंडिया लाफ, कॉमेडी नाइट विद कपिल, द कपिल शर्मा शो और गैंग्स ऑफ हसीपुर जैसे शोज का हिस्सा रहे। फिलहाल, हास्य का ये नगीना आज हम सबको अकेला छोड़ कर अपनी दुनिया में चला गया है। उनका शरीर ही हमसे दूर हुआ है, उनका एहसास नहीं? हमारे दिलों में राजू श्रीवास्तव हमेशा अमर रहेंगे। राजू श्रीवास्तव को भावभीनी श्रद्धांजलि।

(लेखक डॉ. रमेश ठाकुर वरिष्ठ पत्रकार हैं, ये उनके अपने विचार हैं।)

और पढ़ें
Next Story