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Editorial : 18 राज्यों में नए केस कम आना सकारात्मक संकेत

अब इस लॉकडाउन का असर दिखा है कि देश के 18 राज्यों में कोरोना के नए केस आने में कमी हो रही है। हालांकि टेंशन वाली यह बात है कि कुछ राज्यों में सामने आ रहे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। शायद इस वजह से केंद्र और राज्य सरकारों की चिंता भी बढ़ी हुई है।

कोरोना से संक्रमित होने के बाद धोखे से भी न खाएं चीजें
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कोरोना  (फाइल फोटो)

Haribhoomi Editorial : देश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 2.5 लाख पार कर चुका है। कोरोना की दूसरी लहर जानलेवा बनी हुई है। कोविड के इस नए रूप डबल म्यूटेंट का शिकार बनने वालों को संभलने का मौका कम मिल रहा है, एक सप्ताह के अंदर ही यह संक्रमण फेफड़े को जकड़ ले रहा है, जिसमें मरीज को बचाना कठिन हो रहा है और शायद इसलिए अचानक एंबुलेंस, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की मांग बढ़ गई, जिससे हाहाकारी स्थिति बनी। पिछले तकरीबन एक महीने से दूसरी लहर चल रही है, जिसमें कई हफ्तों से रोजाना तीन लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए। कुछ दिन यह आंकड़ा चार लाख को भी पार कर गया। रोजाना तीन हजार से ज्यादा मौतें भी हो रही हैं।

दूसरी लहर के तेजी से फैलने के चलते ही राज्यों ने लॉकडाउन जैसे उपायों को चुना। अब इस लॉकडाउन का असर दिखा है कि देश के 18 राज्यों में कोरोना के नए केस आने में कमी हो रही है। हालांकि टेंशन वाली यह बात है कि कुछ राज्यों में सामने आ रहे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। शायद इस वजह से केंद्र और राज्य सरकारों की चिंता भी बढ़ी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, तेलंगाना, चंडीगढ़, लद्दाख, दमन एंड दीव, लक्षद्वीप, अंडमान एंड निकोबार आईलैंड में कोविड के मामले लगातार घट रहे हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात में भी दैनिक मामलों में कमी आई है। उत्तर प्रदेश में पिछले 30 अप्रैल के बाद से ही कोविड के मामलों में लगातार कमी आ रही है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब, असम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में अभी भी लगातार मामले बढ़ रहे हैं। एक लाख से ज्यादा कोरोना के एक्टिव मरीजों वाले अभी 13 राज्य हैं, 50 हजार से एक लाख तक के एक्टिव केस वाले छह राज्य हैं और 17 राज्य ऐसे हैं, जहां पर अभी 50 हजार से कम एक्टिव केस हैं।

पूरे देश में इस वक्त औसत पॉजिटिविटी रेट करीब 21 प्रतिशत है। अब शायद सकारात्मक कदमों का असर है कि जहां नए केस में कमी हो रही है, वहीं ऑक्सीजन की आपूर्ति भी सुधर रही है। गृह मंत्रालय के मुताबिक एक लाख ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर पीएम केयर्स फंड के जरिए खरीदे गए हैं। 5805 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन बाहर से मंगाई गई। 7049 मीट्रिक टन क्षमता वाले 374 टैंकर्स को देश में एयरलिफ्ट किया गया। 1407 मीट्रिक टन क्षमता वाले 81 कंटेनर्स को इंडियन एयरफोर्स द्वारा विदेशों से एयरलिफ्ट किया गया। 157 ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेन के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की गई। 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए केस कम होने से केंद्र सरकार ने नियमों में छूट देना भी शुरू कर दिया है।

अब एक से दूसरे राज्य में जाने से पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना जरूरी नहीं होगा। अगर मरीज को 5 दिन से बुखार नहीं है तो उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करने से पहले भी आरटी-पीसीआर टेस्ट करने की जरूरत नहीं होगी। ये सभी संकेत हैं कि देश तेजी से कोरोना की दूसरी लहर से बाहर निकलने की ओर अग्रसर है। अगर ऐसे ही सरकार व नागरिक सहयोग बना कर आगे बढ़ते रहे तो दो सप्ताह में देश में नए केस आने की रफ्तार और कम हो जाएगी। इसके साथ जो जरूरी चीज है, वह यह कि टीकाकारण तेजी से चलते रहना चाहिए।

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