Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

वीणा भाटिया की कविता : इस पुरुष समाज में

औरत होने की सजा उस दिन हो जाएगी खत्मजिस दिनमहिलाएं जान जाएंगी

वीणा भाटिया की कविता : इस पुरुष समाज में
इस पुरुष समाज में
1.
ढेरों कविताएं पढ़ती हूं
पुरुष लिखता है
स्त्रियों पर कविताएं
कविताओं में उड़ेलता है
वह कैसे-कैसे शब्द
शब्दों को
फूलों की तरह चुनता है
ख़्यालों में गुनता है
कविताओं में
स्त्री की छवि देख
हो जाते हैं
हम गदगद
लेकिन...
असल ज़िंदगी में
पुरुष को क्या हो जाता है
शायद –
पुरुषवाद उसके सिर चढ़
बोलता है।
2.
इस पुरुष समाज में
लड़ाई बहुत लंबी है
विरोध किया तो
स्टेनगनें तनी हैं
पुलिस सिखाती है
कपड़े पहनने के तरीके
चाल-ढाल बदलने के सलीके
माना...
क़ानूनी प्रक्रिया में
सजा से बच सकता है
चोर दरवाजे से
निकल सकता है
विरोध करने पर
और अधिक हिंसा दमन कर सकता है
औरत होने की सजा
उस दिन हो जाएगी खत्म
जिस दिन
महिलाएं जान जाएंगी
दमन के विरुद्ध
लावा बनना है तो ख़ुद।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top