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पीएम मोदी के सामने दूसरी पारी में ये चुनौतियां

नरेन्द्र मोदी ने शुरू में ही 15 अगस्त को अपने लाल किले के भाषण में कहा था कि वे पूरे देश की गंदगी शौचालय आदि बनवाकर दूर कर देंगे। लोग हंसते थे कि ये बात कोई लाल किले से कहने की है, लेकिन नरेन्द्र मोदी ने जो कहा वह करके दिखा दिया। देश में 9 करोड़ से भी ज्यादा शौचालयों का निर्माण करवाया। मोदी ने यह भी इंतजाम किया है कि सन 2024 तक पूरे देश में गांव देहात में हर घर में नल का स्वच्छ जल पहुंचेगा जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी और जिससे अनेकों बीमारियां समाप्त हो जाएंगी।

नौकरशाही में सुधार से ही आर्थिक शक्ति बनेगा भारतIndia will become economic power only by improving bureaucracy

लंदन के एक प्रसिद्व अखबार में नरेंद्र मोदी की प्रचंड जीत पर बधाई देते हुए लिखा है कि हाल में दक्षिण एशिया के किसी देश में किसी नेता ने चुनाव में ऐसी सफलता नहीं पाई है। साप्ताहिक अखबार ने लिखा है कि नरेन्द्र मोदी की अभूतपूर्व सफलता के साथ साथ उनकी चुनौतियां भी बहुत अधिक बढ़ गई हैं। जिस राज्य में वे जाते हैं वहां की टूटी फूटी भाषा में भी लोगों से बात कर लेते हैं और वहां के लोगों की पोषाक भी पहन लेते हैं। इसका लोगों पर व्यापक असर पड़ता है और लोग यह समझने लगते हैं कि नरेन्द्र मोदी उनके बीच के ही आदमी हैं।

इसमें कोई संदेह नहीं कि नरेन्द्र मोदी ने पिछले पांच वर्षों में भारत की आम जनता के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। 6 लाख गांवों में बिजली पहुंचाई है और अब इस बात की गारन्टी दे रहे हैं कि इन 6 लाख गांवों में चौबीसों घंटे बिजली आएगी। उन्होंने आम जनता के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए अनेक कार्य किए हैं। जैसे किसानों को स्वास्थ सुविधा प्रदान की है, हेल्थ बीमा दिया है और छोटी छोटी बचत करने के लिए उत्साहित किया है।

नरेन्द्र मोदी ने शुरू में ही 15 अगस्त को अपने लाल किले के भाषण में कहा था कि वे पूरे देश की गंदगी शौचालय आदि बनवाकर दूर कर देंगे। लोग हंसते थे कि ये बात कोई लाल किले से कहने की है, लेकिन नरेन्द्र मोदी ने जो कहा वह करके दिखा दिया। देश में 9 करोड़ से भी ज्यादा शौचालयों का निर्माण करवाया। मोदी ने यह भी इंतजाम किया है कि सन 2024 तक पूरे देश में गांव देहात में हर घर में नल का स्वच्छ जल पहुंचेगा जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी और जिससे अनेकों बीमारियां समाप्त हो जाएंगी।

परन्तु सबसे बड़ी समस्या है कि बेरोजगारों की फौज प्रतिवर्ष बढ़ती जा रही है और उनको रोजगार देने का कोई पक्का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। यह सही है कि आज की तारीख में सबसे अधिक आवश्यक लोगों की सुरक्षा है और इस मामले में नरेन्द्र मोदी ने आतंकवादियों की की रीढ़ तोड़ने की पूरी कोशिश की है। परन्तु प्रतिवर्ष जो लाखों बेराजगार युवक नौकरी की खोज में इधर उधर भटकते हैं उनके लिए भी रोजगार का प्रबंघ होना चाहिए।

अखबार ने यह भी लिखा है कि अरविन्द सुब्रमण्यम कुछ समय पहले तक नरेन्द्र मोदी के आर्थिक सलाहकार थे और अब हारवर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास़्त्र पढ़ाते है। उन्होंने लिखा है कि सरकार दूसरी समस्याओं में उलझी हुई है। परन्तु इस बात पर ध्यान नहीं है कि आर्थिक विकास की दर कम हो रही है। आज की तारीख में पूरी दुनिया में मंदी आ गई है। ऐसे में यदि भारत में तेजी से आर्थिक प्रगति की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भारत आने वाले समय में भयानक संकट में फंस सकता है।

सभी अर्थशास्त्री जो भारत के हितैषी हैं वे इस बात पर जोर दे रहे हैं कि भारत को सबसे अधिक बेरोजगार युवकों की फौज पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें तेजी से हुनर सिखाना चाहिए। जिससे उन्हें रोजगार मिल सके। संसार के कई प्रतिष्ठित समाचारपत्रों ने लिखा है कि विदेश नीति के मामले में मोदी ने पहली पारी में अभूतपूर्व सफलता पाई है। परन्तु यह सोचना की दूसरी पारी में पाकिस्तान से अपनी समस्या का समाधान कर लेंगे यह ठीक नहीं होगा।

क्योंकि पाकिस्तान दिन रात आतंकवादियों की मदद कर रहा है और चाहे चीन उसे लाख समझाए, पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगा। परन्तु यह बहुत ही संतोष की बात है कि नरेन्द्र मोदी ने बाकि सभी पड़ोसियों से अपने संबंध प्रगाढ़ कर लिए हैं। निष्पक्ष प्रेक्षकों का कहना है कि आंतरिक समस्याएं अनेक हैं जिनमें नक्सलवाद की समस्या दिनों दिन घर कर रही है। इससे निपटने के लिए तेजी से कारगर कदम उठाने होंगे।

यह एक अत्यन्त प्रसन्नता की बात है कि नरेन्द्र मोदी ने गांव देहात के लोगों को पक्के घर देने का वादा किया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सीमेंट पर टैक्स कम किया जाए जिससे लोग कम खर्चे में अपने पक्के घर बनवा सकें। आज की तारीख में पूरे देश के बहुत बड़े भूभाग पर अकाल की छाया पड़ी हुई है। आवश्यकता है सिंचाई का ऐसा प्रबंध हो जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल प्राप्त हो सके जिससे किसानों को आए दिन आत्महत्या नहीं करनी पड़े। अल्पसंख्यकों के हित के लिये नरेन्द्र मोदी ने अनेक काम किए हैं। तीन तलाक और हलाला को बन्द करने का बिल संसद में लाकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अल्पसंख्यक महिलाओं के हित में वे कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं।

इसके अतिरिक्त मदरसों के करोड़ों बच्चों को छात्रवृत्ति देकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उन्हें अल्पसंख्यकों के बच्चों से उतना ही प्यार है जितना बहुसंख्यंकों से। संक्षेप में समस्याएं अनन्त हैं। सबसे चिन्ता की बात यह है कि अमेरिका और ईरान में तनातनी तेजी से बढ़ रही है। कहीं इस तनातनी ने युद्ध का रूप ले लिया तो उसका बुरा प्रभाव भारत पर भी पड़ेगा और भारत में तेल और गैस बहुत महंगे हो जाएंगे। फिर यह निश्चयपूर्वक नहीं कहा जा सकता है कि युद्ध कब बन्द होगा और उसके कितने भयावह परिणाम होंगे। कुल मिलाकर लोगों को नरेन्द्र मोदी की क्षमता पर पूरा भरोसा है और इसमें कोई संदेह नहीं कि वे देश को सफलता के उंचे मुकाम तक ले जाएंगे।

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