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बेटी बचाओ को लेकर हरियाणा ने पेश की अनूठी मिसाल

पीएम ने की मन की बात में बेटियों पर बात और हरियाणा ने पेश की अनूठी मिसाल

बेटी बचाओ को लेकर हरियाणा ने पेश की अनूठी मिसाल
मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से योग को आगे बढ़ाने, बेटियों को बचाने, बरसात में पानी बचाने, सोशल मीडिया पर अतुलनीय भारत के सर्मथन में पर्यटल स्थलों की तस्वीरें शेयर करने और रक्षा बंधन के अवसर पर बहनों को जनसुरक्षा अभियान से जोड़ने की मार्मिक अपील की है। देखा जाए तो ये सभी मुद्दे ऐसे हैं जिनमें जनभागीदारी के बिना सफलता संदिग्ध है। देश के ऐतिहासिक धरोहरों या विरासतों को साफ सुथरा रखना और उन्हें दुनिया के मंच पर लाना बिना नागरिकों के सहयोग से संभव नहीं है।
उसी तरह, भारत के आह्वान के बाद पहले विश्व योग दिवस को दुनिया ने हाथों हाथ लिया है। योग मन, बुद्धि व आत्मा को संतुलित करता है। यह जीवन को जीभर कर जीने की बूटी है, लेकिन इसके लिए लोगों को इसका हर रोज अभ्यास करना होगा। मानसून के दौरान देश में सर्वाधिक बारिश होती है, लेकिन यह पानी यूं ही बरबाद हो जाता है। इसके संचयन के लिए लोगों को आगे आना होगा। हर कोई अपनी जरूरत के हिसाब से पानी बचाएगा तो देश में सूखे की समस्या से लड़ा जा सकेगा। हाल ही में सरकार ने तीन सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शुरू की है।
अब तक दस करोड़ से भी ज्यादा लोग इससे जुड़ चुके हैं। देश में रक्षा बंधन का त्योहार नजदीक है। ऐसे में बहनों को तोहफे में इन योजनाओं को देने का प्रधानमंत्री का सुझाव अहम है। इससे उनको जीवन सुरक्षा का कवच मिलेगा। इससे बड़ा तोहफा उनके लिए और क्या हो सकता है। इस मन की बात कार्यक्रम की सबसे खास बात उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के संदर्भ में कही। अभी देश के सौ जिलों में यह योजना चलाईजा रही है जिसमें सबसे ज्यादा हरियाणा के हैं।
दरअसल, देश में सबसे ज्यादा निम्न लिंगानुपात हरियाणा में ही है। यहां 2011 की जनगणना के अनुसार 0 से 6 आयुवर्ग में प्रति हजार लड़कों की तुलना में सिर्फ 834लड़कियों हैं। निम्न लिंगानुपात कईसामाजिक समस्याओं की वजह बन रही है। लोगों में जागरूकता ही इस समस्या का अंत कर सकती है। सरकार के इस मुहिम में जितने लोग जुड़ेंगे इस समस्या से पार पाना उतना ही आसान होगा। यही वजह हैकि प्रधानमंत्री सभी देशवासियों से इसमें शामिल होने को कह रहे हैं।
हरियाणा के ही जींद जिले के एक गांव बीबीपुर के सरपंच द्वारा चलाई गई मुहिम बेटी बचाओ सेल्फी बनाओ एक सर्वर्शेष्ठ उदाहरण के रूप में सामने आई है। पिछले दिनों आयोजित इस प्रतियोगिता में माता-पिता को अपनी बेटी के साथ की फोटो मांगी गई थी। देश के 12 राज्यों से करीब आठ सौ सेल्फी आई थीं, जिसमें तीन को सर्वर्शेष्ठ सेल्फी का इनाम दिया गया था। इस अनूठी प्रतियोगिता का मकसद बेटियों के प्रति समाज का नजरिया बदलना है। जब परिवारों में बेटे बेटियों को देखने का नजरिया एक समान होगा तभी भेदभाव की दीवारें टूटेंगी।
प्रधानमंत्री ने इस मुहिम को पूरे देश में चलाने की अपील की है। इसमें कोईदो राय नहीं कि इससे देश में बेटियों के प्रति लोगों की सोच बदलेगी। कहने का अर्थ यह हैकि किसी भी योजना में जब तक देश के लोगों की सहभागिता नहीं होगी, वह अपने उद्देश्यों में सौ फीसदी सफल नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री यही प्रयास करते प्रतीत हो रहे हैं कि सरकार के स्तर पर जो भी योजनाएं चलाई जा रही हैं, वह सिर्फ सरकारी बनकर नहीं रह जाएं, बल्कि उसे जनता भी आगे बढ़ाए।
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