Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

जयंतीलाल भंडारी का लेख : चमकेगी भारत की तस्वीर

कोविड-19 के बीच देश की नई पीढ़ी और प्रोफेशनल्स के बल पर वैश्विक निवेश, वैश्विक कारोबार, वैश्विक उत्पादन और वैश्विक निर्यात की जो नई संभावनाएं आगे बढ़ी हैं, उन्हें मुठ्ठी में करने के लिए वर्तमान अनुकूलताओं के साथ-साथ कई और बातों पर भी ध्यान देना होगा। उम्मीद करें कि हमारी नई पीढ़ी कोरोना संकट के पीछे छिपे हुए अवसरों को तलाशेगी और नई कार्यसंस्कृति का नेतृत्त्व करेगी। देश की नई पीढ़ी देश की आर्थिक तस्वीर को चमकाएगी।

जयंतीलाल भंडारी का लेख : चमकेगी भारत की तस्वीर
X

जयंतीलाल भंडारी

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया ग्लोबल वीक 2020 के समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा समय में जब दुनिया कोविड-19 महामारी से जूझ रही है, तब भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं। ऐसे में नए दौर की तकनीकी विशेषज्ञताओं से सुसज्जित भारतीय प्रतिभाएँ देश की तस्वीर को चमकाने की डगर पर आगे बढ़ रही हैं। साथ ही भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था को कोविड-19 की चुनौतियों से उबारने में प्रभावी भूमिका निभाते हुए दिखाई दे रहा है। मोदी ने यह भी कहा कि भारत एशिया की तीसरी सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे अधिक खुली अर्थव्यवस्थाओं में एक है और भारत में कृषि सहित कई नए क्षेत्रों में असीमित संभावनाएं और अवसर हैं।

हाल ही में प्रकाशित प्रसिद्ध कंसलटेंसी फर्म केपीएमजी के 2020 ग्लोबल टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री इनोवेशन सर्वे के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन इंटरनेट ऑफ थिंग्स के क्षेत्र में नई खोजों और अनुसंधान के मामले में भारत दुनिया में चीन के साथ दूसरे नंबर पर है। भारतीय युवाओं की ऐसी तकनीकी ऊंचाई के अलावा भारत के कुछ और ऐसे चमकीले बिंदु हैं जो कोविड-19 के बीच भारत को बहुत आगे ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में अच्छी अंग्रेजी जानने वाले युवा प्रोफेशनल्स, चीन की तुलना में भी सस्ता श्रम के साथ-साथ कंप्यूटर, आईटी, फार्मास्युटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल्स एवं मेटल्स के क्षेत्र में काम करने वाली दुनिया की जानी-मानी कंपनियां भी शामिल हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि भारत द्वारा विगत 29 जून को टिकटॉक, हेलो, यूसी ब्राउजर, शेयरइट जैसे 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारतीय आईटी प्रतिभाओं के लिए करियर के मौके बढ़ गए हैं। भारतीय उपभोक्ताओं को अब मेक इन इंडिया विकल्पों के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले भारतीय ऐप विकसित करने एवं उन्हें बढ़ावा देने के लिए डिजिटल इंडिया आत्मनिर्भर भारत इनोवेट चैलेंज शुरू किया है। निश्चित रूप से चीनी ऐप पर प्रतिबंध से देसी स्टार्टअप, आईटी एक्सपर्ट और आईटी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। साथ ही भारतीय बाजार दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बाजार है। देश में प्रतिभाशाली नई पीढ़ी के द्वारा बढ़ते हुए नवाचार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, आउटसोर्सिंग और कारोबार संबंधी अनुकूलताओं के कारण कोविड-19 के बीच दुनिया की शीर्ष फाइनेंस और कॉमर्स कंपनियां भारत की ओर तेजी से कदम बढ़ाते हुए दिखाई दे रही हैं। इसी तरह देश में बढ़ते हुए आर्थिक सुधारों और मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति के कारण दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत की ओर तआकर्षित हो रही हैं। इससे अर्थव्यवस्था में नए आर्थिक मौकों की संभावनाएं आगे बढ़ रही हैं।

निसंदेह कोविड-19 की चुनौतियों से निपटने के लिए घोषित किए गए करीब 21 लाख करोड़ रुपये के नए आर्थिक पैकेज के माध्यम से उद्योग-कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकी जाने से लोकल उत्पादों को ग्लोबल उत्पादों में भी बदलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है कि कोरोना के संकट में जब दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं ढह गई हैं, तब भी स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था, स्थानीय विनिर्माण, स्थानीय बाजार देश के बहुत काम आए हैं।

निश्चित रूप से कोरोना संकट के बाद दुनियाभर में भारत की प्रतिष्ठा बड़ी है। आज दुनियाभर में विभिन्न वस्तुओं के उत्पादन करने वाली भारत की कई कंपनियां चमकीली पहचान बनाए हुए हैं। पैसेंजर व्हीकल बेचने के मामले महिन्द्रा, एफएमसीजी के मद्देनजर आईटीसी, मोबाइल हैंडसेट में लावा, टेलीकॉम सेक्टर में ट्राई, कंज्यूमर डयूरेबल में वोल्टास और फुटवियर में रिलैक्सो जैसे भारत के प्रोडक्ट दुनियाभर में चमक रहे हैं। यदि हम पेट्रोलियम प्रोडक्ट, गुगल, फेसबुक जैसी टेक कंपनियों को छोड़ दें तो अधिकांश क्षेत्रों में हमारे लोकल प्रोडक्ट ग्लोबल बनने की पूरी संभावनाएं रखते हैं। चूंकि इस समय दुनिया में दवाओं सहित कृषि, प्रोसेस्ड फूड, गारमेंट, जेम्स व ज्वैलरी, लेदर एवं लेदर प्रोडक्ट, कारपेट और इंजीनियरिंग प्रोडक्ट जैसी कई वस्तुओं की भारी मांग है, अत: इन क्षेत्रों में हमारे लोकल प्रोडक्ट देखते ही देखते ग्लोबल भी बन सकते है। कोविड-19 के बीच अमेरिका सहित कई विकसित देश संरक्षणवादी कदम उठाते हुए दुनिया के दूसरे देशों के युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे बंद करते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में दुनिया के कई देशों में अर्थव्यवस्थाओं को संभालने के लिए कौशल प्रशिक्षित युवा हाथों की कमी होगी। ऐसे में भारत की कौशल प्रशिक्षित नई पीढ़ी दुनिया कई देशों के लिए आवश्यक दिखाई देंगी। मानव संसाधन परामर्श संगठन कार्न फेरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां दुनिया में 2030 तक कुशल श्रम बल का संकट होगा, वहीं भारत के पास 24.5 करोड़ अतिरिक्त कुशल श्रम बल होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक दुनिया के 19 विकसित और कई विकासशील देशों में 8.52 करोड़ कुशल श्रम शक्ति की कमी होगी। ऐसे में दुनिया में भारत इकलौता देश होगा जिसके पास 2030 तक जरूरत से ज्यादा कुशल श्रम बल होगा।

निसंदेह कोविड-19 के बीच देश की नई पीढ़ी और प्रोफेशनल्स के बल पर वैश्विक निवेश, वैश्विक कारोबार, वैश्विक उत्पादन और वैश्विक निर्यात की जो नई संभावनाएं आगे बढ़ी हैं, उन्हें मुठ्ठी में करने के लिए वर्तमान अनुकूलताओं के साथ-साथ कई और बातों पर भी ध्यान देना होगा। हमें अच्छी ऑनलाइन एजुकेशन की डगर पर आगे बढ़ना होगा। डिजिटल दुनिया में तेजी से कदम आगे बढ़ाने होंगे। हमें नए दौर की तकनीकी जरूरतों और इंडस्ट्री की अपेक्षाओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण से नई पीढ़ी को सुसज्जित करना होगा। हमें तकनीक के जरिए चमकीले और उन्नत बाजार का नया रास्ता बनाने की डगर पर आगे बढ़ना होगा। हमें शोध, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के मापदंडों पर आगे बढ़ना होगा। हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियल्टी, रोबोटिक प्रोसेस, ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बिग डाटा एनालिसिस, क्लाउड कम्प्यूटिंग, ब्लॉक चेन और सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवाओं को कुशल बनाने के फ्यूचर स्किल्स कार्यक्रम को कारगर तरीके से आगे बढ़ाना होगा।

हम उम्मीद करें कि नई पीढ़ी कोरोना संकट के पीछे छिपे हुए अवसरों को तलाशेंगी और नई कार्यसंस्कृति का नेतृत्त्व करेगी। उम्मीद करें कि देश की नई पीढ़ी एक ओर देश की आर्थिक तस्वीर को चमकाएगी, वहीं दूसरी ओर वैश्विक अर्थव्यवस्था को कोविड-19 की चुनौतियों से उबारने में प्रभावी भूमिका निभाएगी।

Next Story