Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

हरिभूमि संपादकीय लेख: आतंकवाद के खात्मे को पाक का सुधरना जरूरी

हर तरफ से आतंवाद को कड़ा जवाब देने की आवाजें उठ रही थीं। पहले हमले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए तो दूसरे हमले में सीआरपीएफ के तीन जवानों ने देश के लिए जान दे दी।

शोपियां में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, दो आतंकी ढेरसुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़

जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में पिछले चार दिनों के अंदर दो बड़े आतंकवादी हमलों में आठ जवानों के बलिदान ने देश में उबाल पैदा कर दिया था। हर तरफ से आतंवाद को कड़ा जवाब देने की आवाजें उठ रही थीं। पहले हमले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए तो दूसरे हमले में सीआरपीएफ के तीन जवानों ने देश के लिए जान दे दी। अब हमारे जवानों ने न केवल इन हमलों का करारा जवाब दिया है बल्कि कश्मीर में आतंकवाद की कमर तोड़ दी है।

सुरक्षा बलों ने हिज्बुल मुजाहिद्दीन के टॉप कमांडर रियाज नायकू को ढेर कर दिया है। उस पर 12 लाख का इनाम था। उसके साथ एक अन्य आतंकी आदिल भी मारा गया। सुरक्षा बलों ने एक अन्य मुठभेड़ में दो और आतंकी मार गिराए। इस तरह 24 घंटे में 4 आतंकी मार गिराए गए। नायकू का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कामयाबी है। नायकू कश्मीर में सबसे ज्यादा समय तक सक्रिय रहने वाला आतंकी था। उसे मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की ए++ कैटेगरी में रखा गया था।

वह कई पुलिसकर्मियों की किडनैपिंग और उनके मर्डर में शामिल था। 2016 में बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद यासीन इत्तू उर्फ महमूद गजनवी हिज्बुल कमांडर बना था। अगस्त 2017 में 18 घंटे चले एक एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने शोपियां में इत्तू को मार गिराया था। इसके बाद रियाज कमांडर बना। नायकू मोहम्मद बिन कासिम कोड नेम से काम कर रहा था। वह बुरहान वानी का करीबी था। 2018 में सेना की हिट लिस्ट में शामिल 17 आतंकियों में भी नायकू का नाम था। कई बार नायकू आतंकियों के जनाजे में गन सैल्यूट देते नजर आया था। उसने सोशल मीडिया पर लंबे-लंबे ऑडियो और वीडियो मैसेज भी पोस्ट किए थे। यह पहला मौका नहीं था, जब नायकू को सेना ने घेरा था। इससे पहले वह कई बार बीच एनकाउंटर में घेराबंदी से बचकर निकल चुका था, लेकिन इस बार सुरक्षा बलों ने उसे कोई मौका नहीं दिया। 40 किलो आईईडी से उस घर को उड़ा दिया, जहां से नायकू फायरिंग कर रहा था। उसका मारा जाना सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी है। कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान पर इसका अच्छा खासा असर पड़ेगा।

इस एनकाउंटर के बाद पूरे कश्मीर में एहतियात के तौर पर मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। अब प्रश्न यह है कि क्या नायकू के बाद कश्मीर में आतंकवाद थम जाएगा। इस जवाब है नहीं, क्योंकि जब तक पड़ोसी पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आता, ऐसा होना असंभव नहीं तो मुश्किल जरूर है। अप्रैल-मई में पाकिस्तान कश्मीर सबसे ज्यादा घुसपैठ कराने की कोशिशें करता है, क्योंकि इस मौसम में एंटी इन्फिल्ट्रेशन ऑब्स्टकल सिस्टम यानी घुसपैठ रोधी बाधा प्रणाली को ढंकने वाली बर्फ पिघलने लगती है। इसके लिए पाकिस्तान युद्धविराम का उल्लंघन कर गोलीबारी की आड़ देता है, जिसके कारण आतंकवादी घुसपैठ करने में सफल होते हैं। अभी भी वो ऐसी करतूतों में लगा हुआ है। इस समय चाहे दुनिया कोरोना के कहर से त्राहिमाम कर रही हो, पाकिस्तान इन्हीं कोशिशों में लगा है कि किसी तरह कश्मीर की शांति को भंग किया जाए।

वो कश्मीर में आतंकवाद को निर्यात करने और हमारे युवाओं को गुमराह करने से बाज नहीं आ रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद भी उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। तय है कि अगर घाटी से आतंकवाद को खत्म करना है तो पाकिस्तान को सुधारना होगा। इसके लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार चौतरफा प्रयास कर रही है। उसमें खासी सफलता भी मिली है, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है।

Next Story
Top