Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

तेज आर्थिक सुधार की राह पर मोदी सरकार

इस वित्त वर्ष में सरकार का विनिवेश लक्ष्य 69,500 करोड़ रुपये हैं लेकिन अभी तक सरकार को केवल 12,500 करोड़ ही मिले हैं।

तेज आर्थिक सुधार की राह पर मोदी सरकार
X
पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने आर्थिक सुधार को और तेज किया है। सरकार ने इकॉनोमी को बूस्ट करने वाले एक साथ कई फैसले किए। कोल इंडिया लि. में 10 फीसदी विनिवेश को हरी झंडी दी है। जिससे सरकार को करीब 21 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। इस वित्त वर्ष में सरकार का विनिवेश लक्ष्य 69,500 करोड़ रुपये हैं, लेकिन अभी तक सरकार को केवल 12,500 करोड़ ही मिले हैं। सरकार का दूसरा बड़ा फैसला कोचिन शिपयार्ड का आईपीओ लाने का है।
ऐसा पहली बार होगा कि किसी सरकारी शिपिंग कंपनी का आईपीओ आएगा। अभी आईपीओ का समय और ऑफर प्राइस का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद है कि इसी वित्त वर्ष में सरकार यह आपीओ लाएगी। डालर के मुकाबले रुपये के मजबूत होने से लगातार गिर रहे निर्यात में जान फूंकने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट पर तीन फीसदी ब्याज सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इससे एसएमई को अधिक लाभ होगा।
इससे सरकार पर 2700 करोड़ का बोझ पड़ने की उम्मीद है, लेकिन एक्सपोर्ट बढ़ने से अगर विदेशी मुद्रा आएगी, तो यह बोझ सहा जा सकता है। अक्सर विदेशी और घरेलू निवेशकों की शिकायत हमारे सड़कों को लेकर रहती है। सरकार ने इस ओर ध्यान देते हुए नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचआई) को टोल का समय बढ़ाने का समय दिया गया है, ताकि लटके प्रोजेक्टों की बढ़ी लागत की भरपाई हो सके। इससे 34 नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट को लाभ होगा।
सरकार ने 8351 करोड़ रुपये की चार रेल लाइन प्रोजेक्टों को भी हरी झंडी दिखाई है। किसानों और चीनी मिलों की भुगतान समस्या की ओर भी ध्यान देते हुए सरकार ने गन्ना किसानों को पहली बार सीधे सब्सिडी भुगतान के तहत 4.50 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी देने का फैसला किया है। यह सब्सिडी किसानों द्वारा घाटे में चल रही शूगर मिलों को बेचे जाने वाले गन्ने पर दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने 1147 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
सरकार ने पेट्रोल में मिलाने के लिए एथनॉल का मूल्य 42 रुपये लीटर तय किया है, तो इसकी मात्रा भी 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया है। इससे चीनी मिलों की आर्थिक हालत सुधरेगी और अंतत: गन्ना किसानों को भुगतान बढ़ेगा। पीएम मोदी की लंदन यात्रा से पहले भी मोदी सरकार ने 15 क्षेत्रों में एफडीआई की सीमा बढ़ाई थी और टैक्स नियमों को सरल किया था। पीएम ने विकसित व विकासशील देशों की संगठन जी-20 सम्मेलन में भी भारत को एक बेहतर निवेश स्थल के रूप में पेश किया था और समिट से हटकर ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन व दक्षिण अफ्रीका) की बैठक में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी।
जिसमें ब्रिक्स बैंक को मूर्तरूप देने पर सहमति बनी। पीएम ने तुर्की के साथ भी कई आर्थिक करार किए। तुर्की भारत के साथ अपने संबंध को मजबूत करने को इतना उत्सुक है कि उसने मोदी के नाम पर डाक टिकट जारी किया है। देश में भी अभी सभी आर्थिक संकेतक ठीक डगर पर हैं। सेंसेक्स मजबूत है, महंगाई नियंत्रण में है, राजकोषीय घाटा काबू में है, ब्याज दर भी कम हुई है। मूडीज, फिच जैसी ग्लोबल रेटिंग एजेंसियां भी पॉजीटिव रिपोर्ट दे रही हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री को चाहिए कि भटकाने वालों पर नकेल कसें व अपनी सरकार का फोकस आर्थिक सुधार पर रखें, जिसकी जरूरत है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top