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जाधव परिवार से बदसलूकी पर भारत का विरोध जायज

कथित जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में 22 महीने से बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को उनकी-मां व पत्नी से मिलवाने के दौरान पाक सरकार ने जिस तरह की बदसलूकी की है, उस पर भारत का विरोध जायज है।

जाधव परिवार से बदसलूकी पर भारत का विरोध जायज
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कथित जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में 22 महीने से बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को उनकी-मां व पत्नी से मिलवाने के दौरान पाक सरकार ने जिस तरह की बदसलूकी की है, उस पर भारत का विरोध जायज है। इस मुलाकात के दौरान पाकिस्तान ने सामान्य शिष्टाचार का भी पालन नहीं किया। पहले कुलभूषण और उनकी मां व पत्नी के बीच शीशे की सरहद खड़ी कर दी। फिर सुरक्षा का स्वांग रचकर मां व पत्नी को मानसिक पीड़ा पहुंचाई।

पाकिस्तान की कई स्तर की सुरक्षा जांच के बाद कुलभूषण की मां व पत्नी उनसे मिलने के लिए पाक विदेश मंत्रालय के दफ्तर पहुंची थीं। वहां भी गहन सुरक्षा थी। इसके बावजूद पाकिस्तान ने जाधव की मां व पत्नी के कपड़े बदलवाए, पत्नी के मंगलसूत्र, बिंदी और चूड़ियां उतरवाईं। पाकिस्तान के इस सलूक से जाधव के परिवार को कितनी मानसिक पीड़ा हुई होगी, उसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

भारत ने सही कहा है कि मुलाकात का माहौल कुलभूषण के परिवार के लिए डराने वाला था। दरअसल पाकिस्तान ने जिस प्रकार कुलभूषण जाधव और उनके परिवार के बीच मुलाकात कराई, वह इस्लामाबाद द्वारा नई दिल्ली की परस्पर समझ के सिद्धांतों का उल्लंघन है। यह अंतरराष्ट्रीय मानक का भी उल्लंघन है। जाधव की मां को अपनी मातृभाषा मराठी में बोलने से रोका गया।

पाक प्रेस ने उन्हें तंग किया, उनका पीछा किया और जाधव को लेकर झूठे इल्ज़ाम लगाए, जबकि ये समझ साफ़ थी कि मीडिया को क़रीब आने नहीं दिया जाएगा। लगातार अनुरोध के बावजूद बैठक के बाद भी जाधव की पत्नी के जूते वापस नहीं किए गए। उन्हें नंगे पैर वापस लौटना पड़ा। भारत ने कहा भी है कि पाक की अनजान शरारत को लेकर वह सावधान है।

मुलाकात के बाद जो फीडबैक सामने आए हैं, उसमें बात सामने आई है कि जाधव बहुत तनाव में थे और ज़ोर-जबरदस्ती के बीच बोल रहे थे। चूंकि जाधव पाक के कब्जे में है, इसलिए वह जैसा चाहे कहलवा सकता है। लेकिन दुनिया देख रही है कि मानवीय आधार पर मुलाकात करवाने का ढिंढोरा पीट रहे पाक के मानवतावादी चेहरे की पोल खुल गई है।

पाकिस्तान आतंकवाद को लेकर भारत पर तोहमत की लाख कोशिश कर ले, लेकिन उसका सच नहीं बदलने वाला है। पाकिस्तान फौज और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई की सरपरस्ती में वहां आतंकवाद का डेरा है और वह आतंक का इस्तेमाल भारत व अफगानिस्तान के खिलाफ कर रहा है, यह सच अब विश्व को पता हो गया है। संयुक्त राष्ट्र व अमेरिका पाकिस्तान को आतंकवाद के खात्मे के लिए सख्त चेतावनी दे चुके हैं।

पाक समेत उसके छह देशों की बैठक के दौरान ईरान, अफगानिस्तान और रूस ने पाकिस्तान के कश्मीर राग का जमकर विरोध किया। कश्मीर में भी पाक आतंकी गुट लश्कर के खूंखार कमांडर भारत की सैन्य कार्रवाई में ढेर हो गया। अब पाकिस्तान किस मुंह से कहेगा कि वह भारत के खिलाफ कश्मीर में आतंकवाद का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। आतंकी गुट हक्कानी, लश्कर, जैश और हिज्बुल पाक में हैं।

ग्लोबल आतंकवादी हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन व अजहर मसूद पाक में हैं। ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में मारा गया। दुनिया को और कितने प्रमाण चाहिए? इसलिए कुलभूषण जाधव पर पाक कितने भी पैंतरे का इस्तेमाल कर ले, अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस में वे काम नहीं आने वाले हैं। वहां एक बार वह मुंह की खा चुका है।

जाधव की फांसी पर रोक लगवाने में भारत सफल हो चुका है। आईसीजे में आगे पाकिस्तान क्या रुख अपनाता है, इस पर भारत नजर रहेगी ही। बहरहाल, जाधव को परिवार से मुलाकात करवाने में अपनी कुटिल चाल के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान बेनकाब हुआ है। अब भारत को पाक पर कूटनीतिक दबाव बनाना चाहिए।

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