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बीएसएफ ने 24 घंटे के भीतर पाकिसन से लिया बदला, अमेरिका की फटकार का नहीं हुआ असर

हाल में अमेरिका द्वारा दुत्कारे जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुका पाकिस्तान अपनी कुंठा भारतीय सरहद पर निकालने की चेष्टा कर रहा है।

बीएसएफ ने 24 घंटे के भीतर पाकिसन से लिया बदला, अमेरिका की फटकार का नहीं हुआ असर
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हाल में अमेरिका द्वारा दुत्कारे जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुका पाकिस्तान अपनी कुंठा भारतीय सरहद पर निकालने की चेष्टा कर रहा है। बुधवार को उसने बिना उकसावे के सांबा सेक्टर में पचास वर्षीय बीएसएफ जवान आरपी हाजरा को बुरी तरह घायल कर दिया था, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। अफसोस की बात यह है कि उस बीएसएफ जवान का इसी रोज जन्मदिन भी था।

उसके शहीद होने का बदला बीएसएफ ने 24 घंटे के भीतर ले लिया है। गुरुवार को उसी सांबा सेक्टर में बीएसएफ ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मोदी सरकार के एक के बदले 10 सिर वाले बयान को सच करते हुए बीएसएफ ने 10 पाकिस्तानी रेंजर्स को ढेर कर दिया। साथ ही नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार स्थित उन चार पाकिस्तानी चौकियों को भी तबाह कर दिया, जहां से भारतीय सैनिकों को निशाने पर लिया जा रहा था।

दरअसल, पाकिस्तान सीमा पार से लगातार फायरिंग कर रहा है। भारतीय जवान मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से बुधवार को हुई फायरिंग में हेड कांस्टेबल आरपी हाजरा शहीद हो गए थे। इस घटना से कुछ दिन पहले इकत्तीस दिसंबर को राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर सेना का एक जवान शहीद हुआ था। 32 साल के सिपाही जगसीर सिंह पर राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर सीमापार से पाकिस्तानी सैनिकों ने गोलियां चलाई थीं।

2017 में पाकिस्तान ने बीते दशक में सबसे ज्यादा युद्धविराम उल्लंघन किया है, जिससे सेना के 19 और बीएसएफ के चार जवानों सहित 35 लोगों की मौत हुई है। बारह दिन पहले 23 दिसंबर को राजौरी में भी नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलीबारी में सेना के एक मेजर और तीन सैनिक शहीद हुए थे। उसके दो दिन बाद जवाबी कार्रवाई में भारतीय सैनिकों ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर में तीन पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया था।

बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने गुरुवार की कार्रवाई के बाद मीडिया को बताया कि बीएसफ जवानों ने बुधवार को 4 पाकिस्तानी मोर्टार की सही दिशा ( स्थिति ) का पता लगाया। उन्हें निशाना बनाया और नष्ट कर दिया। पाकिस्तानी रेंजर्स पिछले कुछ दिनों से एकाएक फिर से सरहद पर सक्रिय हुए हैं। उन्होंने कई बार युद्धविराम का उल्लंघन किया है। गश्ती दल पर फायर खोला है और कोहरे का फायदा उठाकर सीमा पार से आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश की है।

भारतीय सुरक्षाबल उसकी इस साजिश को नोटिस कर रहे हैं। इसलिए वह चौकस है। यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर के आरएसपुरा सेक्टर में भी बीएसएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। घने कोहरे में आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे, जिसे बीएसएफ ने नाकाम कर दिया। एक घुसपैठिए को मार गिराया गया। दरअसल, बीएसएफ जवानों ने गुरुवार की सुबह करीब 5:45 बजे अरनिया सेक्टर में निकोवाल सीमा चौकी के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दो-तीन संदिग्धों को देखा।

जवानों ने गोलीबारी शुरू की, जिसमें एक घुसपैठिया मारा गया। मृतक की उम्र 30 वर्ष के आसपास बताई गई है। बाकी घुसपैठिए किसी तरह वापस भागने में कामयाब हो गए। आमतौर पर जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी होती है, वैसे ही पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना सीमा पार से आतंकियों को भारत की सरहद में घुसपैठ कराने की कोशिश करती है।

हालांकि पिछला साल ऐसा गुजरा है, जब उसने सामान्य दिनों में भी यह कोशिशें की हैं लेकिन चौकस भारतीय जवानों ने उनकी हर साजिश को विफल किया है। यही वजह है कि कश्मीर के अलावा देश के किसी दूसरे हिस्से तक आतंकियों की पहुंच संभव नहीं हो सकी है। गुरुवार की कार्रवाई कई मायने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें पाकिस्तान के दस रेंजर्स को मौत के घाट उतारकर उसे नुकसान पहुंचाया गया है। यही नहीं, उसकी चार सुरक्षा चौकियों को भी तबाह किया गया है। इसका मकसद यही है कि पाकिस्तान यह अच्छी तरह जान ले कि अब भारत की ओर से उसकी हर नापाक हरकत का मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

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