Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

चिंतन: गरीबों का जीवन सुधारने की पहल उज्ज्वला योजना

गरीब परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देने के लिए बनाई गई ''प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना''

चिंतन: गरीबों का जीवन सुधारने की पहल उज्ज्वला योजना

महात्मा गांधी और डा. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरित नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, वे गरीबों के जीवन में बदलाव लाने और उसे बेहतर बनाने की यथासंभव कोशिश कर रहे हैं। गरीब परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देने के लिए 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' इसी दिशा में एक और पहल है। पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के बलिया से 'उज्ज्वला योजना' का शुभारंभ किया है। इसके तहत अगले तीन साल में देशभर के पांच करोड़ बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिया जाएगा। चालू वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान करीब डेढ़ करोड़ बीपीएल फैमिली को फ्री में रसोई गैस कनेक्शन बांटने का लक्ष्य है। देश में इस तरह की यह पहली योजना है। सरकार की इस योजना से ऐसे परिवार जो खाना पकाने के लिए ईंधन के रूप में लकड़ी पर निर्भर हैं और उनकी हैसियत एलपीजी कनेक्शन अफोर्ड करने की नहीं है, उन्हें बहुत फायदा मिलेगा।

इसका दोहरा लाभ भी होगा। पहला यह कि चूल्हा पर धुएं वाले ईंधन पर खाना पकाने के चलते महिलाओं को होने वाली आंख व सांस संबंधी बीमारी से निजात मिलेगी। दूसरा धुएं के चलते पर्यावरण को होने वाले नुकसान नहीं होंगे। जलावन के लिए लकड़ी नहीं काटनी पड़ेगी, इससे भी पर्यावरण को हरित रखने में मदद मिलेगी। इस तरह उज्ज्वला योजना से एक साथ कई लक्ष्य सधेंगे। 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से पहले तक सभी पांच करोड़ कनेक्शन गरीबों को देने के टार्गेट का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि गरीबों की जिंदगी बदलना हमारी सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने मजदूर दिवस का उल्लेख करते हुए भी कहा कि गरीबी हटाने का नारा बहुत दिया गया है, लेकिन गरीबों के कल्याण के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है। सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने गरीबों की भलाई के लिए कई योजनाएं लांच की है।
जीरो बैलेंस पर बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए प्रधानमंत्री जनधन योजना, केवल 12 रुपये सालाना प्रीमियम पर दो लाख रुपये की दुर्घटना बीमा योजना, 330 रुपये प्रीमियम पर दो लाख तक की जीवन ज्योति बीमा योजना, एक हजार से पांच हजार रुपये मासिक आमदनी के लिए अटल पेंशन योजना गरीबों के कल्याण को ही ध्यान में रखकर लांच किए गए हैं। इस बार का आम बजट भी पूरी तरह ग्रामीण भारत पर ही केंद्रित है। इससे निश्चित ही किसानों और गरीबों की दशा सुधरेगी। मनरेगा का बजट बढ़ाने के पीछे भी मोदी सरकार की मंशा गरीबों दशा सुधारने की ही है। अंबेडकर जयंती पर दलित महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सस्ते ब्याज पर लोन योजना का ऐलान और इससे पहले छोटे उद्यमों की पूंजी की जरूरत पूरी करने के लिए मुद्रा बैंक योजना से भी गरीबों को ही स्वरोजगार में मदद मिलेगी। इस समय इन योजनाओं की जरूरत भी है। विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश में करीब 24 करोड़ लोग गरीब की र्शेणी में हैं।
इनका जीवन स्तर उठाना जरूरी है। इससे अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। हम देश में बड़ी डिमांड क्रिएट कर सकेंगे। लेकिन पीएम मोदी की सरकार के लिए एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि उनकी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ जाएं। मनरेगा अभी भी भ्रष्टाचार मुक्त नहीं हुआ है। अफसरशाही की मानसिकता अभी भी अंग्रेजों के जमाने की ही है। वे अपने ही नागरिकों के प्रति 'अछूत' जैसा व्यवहार करने से हिचकती नहीं है। भ्रष्ट अफसरशाही के चलते ही पिछली सरकारें इसी मोर्चे पर फेल होती रही हैं। उनकी योजनाएं जमीन पर उतरने से पहले कदाचार और लालफीताशाही की भेंट चढ़ जाया करती थीं। इसलिए मोदी सरकार को अपनी योजनाओं का फुल प्रूफ इम्प्लीमेंटेशन सिस्टम बनाना पड़ेगा, तभी ही उनकी सरकार गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य पूरा कर सकेगी। मुफ्त गैस कनेक्शन देने के लिए उज्जवला योजना के सही लाभार्थी की तलाश बड़ी चुनौती होगी।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलोकरें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top