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संपादकीय : टीकाकरण की गति बनाए रखना जरूरी

18 साल से ज्यादा उम्र के हर नागरिक को केंद्र सरकार की ओर से मुफ्त वैक्सीन लगाने के अभियान से टीकाकरण में तेजी आएगी, यह देश के लिए आवश्यक है। केंद्र सरकार को यह काम पहले करने चाहिए था। जैसे पल्स पोलियो टीककारण, मलेरिया उन्मूलन अभियान, चेचक टीकाकरण आदि अभियान केंद्र की देखरेख में राष्ट्रीय स्तर पर चला, ठीक वैसे ही कोरोना टीकाकरण अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलना चाहिए था।

संपादकीय : टीकाकरण की गति बनाए रखना जरूरी
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संपादकीय लेख

Haribhoomi Editorial : आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजनों पर कोरोना का साया साफ दिखा, लेकिन कोविड ​​-19 टीकाकरण के लिए संशोधित दिशानिर्देशों के पहले दिन योग दिवस पर देशभर में रिकार्ड 69 लाख लोगों को टीके की खुराक दी गई। गत 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण अभियान के बाद से एक दिन में टीके की सबसे अधिक खुराक दी गई है। इससे पहले गत 5 अप्रैल को 43 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से 21 जून सोमवार से प्रत्येक भारतीय के लिए 'सभी के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान' शुरू कर वैक्सीनेशन को गति दी है। इस टीकाकरण अभियान के इस चरण के सबसे बड़े लाभार्थी देश के गरीब, मध्यम वर्ग और युवा होंगे। हम सभी को खुद को टीका लगवाने का संकल्प लेना चाहिए। देश में जितनी तेजी से टीकाकरण होगा, हर्ड इम्यूनिटी उतनी तेजी से डेवलप होगी।

चूंकि चिकित्सा विशेषज्ञों ने तीसरी लहर आने की चेतावनी जारी की है, इस मायने में अधिक टीकाकरण होने से इसका असर कम पड़ेगा। केंद्र द्वारा मुफ्त में उपलब्ध कराए गए टीके की खुराक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आबादी, बीमारी के प्रसार के स्तर और टीकाकरण की प्रगति आदि मानदंडों के आधार पर आवंटित की जायेगी। टीके की बर्बादी से आवंटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। भारत सरकार देश में स्थित विनिर्माताओं से कोविड रोधी टीकों की 75 प्रतिशत खरीद करेगी। इसने पहले राज्यों और निजी अस्पतालों को 50 प्रतिशत टीके खरीदने की अनुमति दी थी। हालांकि, कई राज्यों द्वारा धनराशि सहित कुछ समस्याओं की शिकायत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ जून को टीका दिशानिर्देशों में संशोधन की घोषणा की थी। दरअसल, सभी नागरिक नि:शुल्क टीकाकरण के हकदार हैं, चाहे उनकी आय कितनी भी हो। ...और जो लोग भुगतान करने की क्षमता रखते हैं, वे स्वेच्छा से निजी अस्पतालों के टीकाकरण केंद्रों का उपयोग कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक 28 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

18 साल से ज्यादा उम्र के हर नागरिक को केंद्र सरकार की ओर से मुफ्त वैक्सीन लगाने के अभियान से टीकाकरण में तेजी आएगी, यह देश के लिए आवश्यक है। केंद्र सरकार को यह काम पहले करने चाहिए था। जैसे पल्स पोलियो टीककारण, मलेरिया उन्मूलन अभियान, चेचक टीकाकरण आदि अभियान केंद्र की देखरेख में राष्ट्रीय स्तर पर चला, ठीक वैसे ही कोरोना टीकाकरण अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलना चाहिए था। टीकाकरण की गति तेज करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे विशाल संगठन की मदद लेनी चाहिए। दूसरे एनजीओ को भी शािमल किया जा सकता है। एक साथ अगर पंचायत व नगर निकाय स्तर पर आधार के साथ टीकाकरण किया जाय तो कम समय में अधिक वैक्सीनेशन हो सकेगा। सरकार को कोविड टीकाकरण की निगरानी और संचालन के लिए एक राष्ट्रीय टीकाकरण एजेंसी गठित करनी चाहिए, जिसमें एक्सपर्ट को शािमल किया जाना चाहिए। चूंकि अभी टीकाकरण लंबे समय तक चलना है, इसलिए ऐसी एजेंसी कारगर होगी। राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार होगा। चूंकि पीएम मोदी ने लोगों से कोविड के खिलाफ लड़ाई को मजबूती देने के लिए सभी से टीका लगवाने का आह्वान किया है। इसके बाद उम्मीद की जानी चाहिए कि देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज होगी। दरअसल, रिकार्ड वैक्सीनेशन की गति को बनाए रखना जरूरी है।

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