Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

GST से टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम, अगर CA करें ये काम

केंद्र सरकार कालाधन और कर चोरी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चला रही है।

GST से टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम, अगर CA करें ये काम
X

कालाधन और कर चोरी के खिलाफ जब सब तरफ सफाई अभियान जारी है, तो देश की अकाउंटिंग प्रणाली की सफाई के बिना लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता है।

देश के कानून के तहत सभी चार्टर्ड अकाउंटेंटों को ऑडिट का विशेष अधिकार प्राप्त है। ऑडिट पर उनके हस्ताक्षर के बाद उस ऑडिट को चुनौती नहीं दी जा सकती।

इसे भी पढ़ें: ऐसे फाइल करें जीएसटी टैक्स, जानें इसके तकनीकी टर्म

उसे ही सत्य मान लिया जाता है। देश के सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संसद से मिले अपने इसी विशेषाधिकार का फायदा उठाकर कंपनियों और उच्च आमदनी वाले लोगों को कर बचाने की राह दिखाते हैं।

इसे भी पढ़ें: इन दस्‍तावेजों के बिना नहीं होगा GST रजिस्‍ट्रेशन

बदले में वे भी दूसरों की काली कमाई का हिस्सा बनते हैं। नियम के मुताबिक हर पंजीकृत कंपनी को मान्यता प्राप्त सीए से सालाना ऑडिट कराना होता है।

अक्सर सीए की आंकिक बाजीगीरी से कंपनियां और उच्च आय वाले लोग व्यापक स्तर पर टैक्स बचाने में कामयाब हो जाते हैं।

हमारे देश में सीए का अधिकांश इस्तेमाल ही लोग टैक्स चोरी के लिए करते हैं। किसी भी रूप में टैक्स की चोरी देश के हित में नहीं है।

टैक्स से अर्जित आय देश के विकास के लिए मुख्य स्रोत है। ऐसे में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का पेशेगत रूप से ईमानदार और उच्च नैतिक मूल्यों वाला होना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने सही समय पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की आत्मा को झकझोरा है। उन्होंने सवाल उठाकर सीए को अंतरात्मा में झांकने को कहा है।

उन्होंने पूछा कि देश में करोड़ों की संख्या में डॉक्टर, इंजीनियर और मैनेजर हैं। साल में दो करोड़ से ज्यादा लोग विदेशी दौरे पर जाते हैं।

हर साल करोड़ों की संख्या में गाड़ियां खरीदी जाती हैं, लेकिन सिर्फ 32 लाख लोग ही अपनी कमाई 10 लाख रुपये से ज्यादा बताते हैं, जो हकीकत नहीं है।

फिर इतने लोगों को अपनी कमाई कम दिखाने में कौन मदद करता है? पिछले 11 साल में सिर्फ 25 सीए के खिलाफ कार्रवाई हुई।

तो क्या इतने समय में सिर्फ 25 सीए ने ही गड़बड़ी की? सवाल यह भी है कि जीएसटी लागू होने से 48 घंटे पहले सरकार ने एक लाख फर्जी कंपनियों पर ताला लगाया है,

पैसा इधर से उधर करने करने वाली 37 हजार शेल कंपनियों की पहचान की है और विमुद्रीकरण के बाद से तीन लाख कंपनियां संदेह के घेरे में हैं।

तो आखिर किसी सीए ने ही तो इन कंपनियों की मदद की होगी? चार्टर्ड अकाउंटेंटों को गंभीरता से सोचना ही होगा कि वे जो कर रहे हैं, उससे वे किसी के गुनाह के भागीदार तो नहीं बन रहे हैं?

सरकार देश के अर्थतंत्र को पारदर्शी बनाने की कोशिश लगातार कर रही है। कालाधन के खिलाफ एसआईटी, दिवालिया कानून में संशोधन, कंपनी कानून में बदलाव, विमुद्रीकरण, बेनामी संपत्ति के खिलाफ कानून आैर जीएसटी जैसे तमाम उपाय किए गए हैं।

जीएसटी लागू कर अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सुधार के बाद टैक्स आंकलन में अहम भूमिका निभाने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के कामकाज में भी पारदर्शिता बहुत जरूरी है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के सहयोग के बिना काली कमाई व टैक्स चोरी का पूर्णतया खात्मा संभव नहीं है। पीएम मोदी ने इस बात को भलीभांति समझ कर ही देश भर के चार्टर्ड अकाउंटेंटों से सीधा संवाद किया।

संभवत: पहली बार किसी पीएम ने यह अभिनव प्रयोग किया है। चूंकि सीए अर्थतंत्र की अहम कड़ी है और उन पर अर्थव्यवस्था को पारदर्शी बनाने की जिम्मेदारी होती है, इसलिए उनका बड़ा दायित्व है कि वे अपने क्लाइंटों को ईमानदारी से टैक्स भरने की सलाह दें।

यह सही है कि देश के लोग ही अगर कर चोरी करने लगें तो विकास तो प्रभावित होगा ही। आजादी से पहले वकीलों ने लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक कर बड़ी भूमिका निभाई,

तो अब आजादी के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंटों को लोगों को कर चोरी करने से रोक कर देश निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। चार्टर्ड अकाउंटेंट देश में स्वस्थ व ईमानदार टैक्स संस्कृति विकसित कर सकते हैं, लेकिन देखने वाली बात होगी कि वे प्रधानमंत्री मोदी की बात को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story