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How To Vote #India : मतदाता है भाग्य विधाता, जानें अपना अधिकार

How to Vote #India (वोट कैसे करें #भारत), India Elections 2019: एक राष्ट्र के रूप में हमारे संविधान निर्माताओं ने देश के लिए संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली का चयन किया। जिसे जनता द्वारा, जनता का शासन भी कहा गया है। इसके अन्तर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को मतदान के जरिए अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिला है। समय देश में आम चुनाव हो रहे हैं। 11 अप्रैल से शुरू हुआ यह उत्सव 7 चरणों में 19 मई तक चलेगा। मतगणना 23 मई को होगी।

How To Vote #India : मतदाता है भाग्य विधाता, जानें अपना अधिकार

How to Vote #India (वोट कैसे करें #भारत), India Elections 2019: एक राष्ट्र के रूप में हमारे संविधान निर्माताओं ने देश के लिए संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली का चयन किया। जिसे जनता द्वारा, जनता का शासन भी कहा गया है। इसके अन्तर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को मतदान के जरिए अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिला है। समय देश में आम चुनाव हो रहे हैं। 11 अप्रैल से शुरू हुआ यह उत्सव 7 चरणों में 19 मई तक चलेगा। मतगणना 23 मई को होगी। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार 8.43 करोड़ मतदाता बढ़े हैं। कुल 90 करोड़ मतदाता अपने सांसदों का चुनाव करेंगे। उम्मीदवारों को तीन अलग-अलग तारीखों पर अपने आपराधिक रिकार्ड का विज्ञापन भी देना होगा।

उन्हें अपनी आय की घोषणा भी करनी होती है। इसलिए इसे ध्यान में रखकर आपको बहुत सोच समझकर मतदान करना है। जिन्हें आप चुनेंगे वही लोग पंाच साल तक आपका और देश का भविष्य तय करेंगे। वोट आपकी ताकत है। यदि आप लोभ, लालच, जाति, बिरादरी और सम्प्रदाय के आधार पर बाहुबलियों, गुुंडों और अपराधिक छवि के उम्मदवारों का चयन करेंगे तो यह आप और भावी पीढ़ियों के लिए घातक होगा। पिछले पांच सालों में संसद में सार्थक बहस के बजाय कुछ सांसदों ने सिर्फ हंगामा और शोरगुल करके संसदीय कार्यवाही को कई सत्रों तक चलने नहीं दिया था। अब आपको यह मौका मिला है कि आप हंगामा और शोरगुल करने वाले सांसद को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। उनकी जगह कर्मठ, ईमानदार छवि के व्यक्तियों को अपना सांसद चुन सकते हैं।

बहुत से लोगों को अपनी सरकार और सांसदों से शिकायतें रहती हैं पर चुनाव के मौके पर हम अपनी जिम्मेदारी को भूल जाते हैं। इसलिए आप को हर हाल में मतदान केन्द्र पर जाकर अपनी पसंद के प्रतिनिधि को वोट देना होगा। मतदाताओं को सभी राजनीतिक दलों पर साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्तियों को ही चुनाव में प्रत्याशी बनाने के लिए नैतिक दबाव डालना चाहिए। वोट देने से पहले किसी भी प्रत्याशी के आचरण, उसके चरित्र, समाजसेवा के सम्बन्ध में पूरी जानकारी ले लें। जातिवाद, वर्गवाद, भाषावाद और साम्प्रदायिक आधार पर वोट न दें। इससे देश में अराजकता, आतंकवाद, भ्रष्टाचार और अपराध बढ़ रहे हैं।

आपके जनप्रतिनिधि ने देश के लिए, देश के नागरिकों के लिए और अपने क्षेत्र के मतदाताओं के लिए क्या किया, इस पर गंभीरता से सोचें। देश में साफ सुथरी और ईमानदार सरकार बने जो देश के आम नागरिकों के कल्याण के लिए काम करें। यह तभी होगा जब सरकार और विपक्ष में अच्छे और साफ-सुथरे चरित्र के लोग संसद में पहुंचेंगे। देश की राजनीति पर अपराधी और बाहुबली हावी हो चुके हैं। ऐसे आपके वोट से जीतकर अपने अपराधों पर पर्दा डाल रहे हैं। वोट का सौदा न करें। समझदारी और आत्मा की आवाज पर वोट दीजिये। अपनी पार्टी और देश के साथ गद्दारी करने वाले दल-बदलुओं को वोट न दें।

सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सद््भाव के मुद्दों पर भी मतदान से पहले गहन चर्चा होनी चाहिए। मतदाताओं को उम्मीदवारों से उनके पिछले वादों और मौजूदा घोषणापत्र पर खुलकर बातचीत करनी चाहिए और सवाल पूछने चाहिएं। मतदाताओं के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि उनके जनप्रतिनिधि की आर्थिक स्थिति सिर्फ पंाच साल में जमीन से आसमान पर कैसे पहुंच गई? उनसे पूछा जाना चाहिए कि उनके प्रयास से संसदीय क्षेत्र में कितने विकास कार्य हुए? यह भी कि वे दूसरी पार्टियों और उम्मीदवारों से किस तरह बेहतर हैं?

विशुद्ध स्थानीय समस्याओं और मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए। जो पार्टियां या उम्मीदवार जाति-धर्म की दुहाई देहर वोट मांगें, उनसे यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि पंाच साल में उन्होंने उस जाति या धर्म की बेहतरी के लिए क्या किया? मतदाताओं का धर्म है कि वे जाति, धर्म, क्षेत्र और ऐसे ही अन्य नकारात्मक मुद्दों से दूर रहकर निजी व सामाजिक विकास तथा देश-प्रदेश की खुशहाली को ध्यान में रखकर मतदान करें।

यही मौका है जब आप अपने लोकतंत्र को मजबूत बना सकते हैं। लोकसभा के इस चुनाव में एक बार फिर जनता को अपने और देश के भाग्य का फैसला करने का अधिकार मिला है। यदि आप स्वस्थ समाज चाहते हैं तो कम से कम भ्रष्टाचारियों और अपराधियों को अपना प्रतिनिधि मत चुनिये। जिन्हें आप चुनेंगे वही कानून और सरकार बनाएंगे। देश का शासन कानून के अनुसार चलता है और देश का कानून आपके चुने हुए सांसद बनाते हैं। इन्हीं के हाथों में है कि वह कैसा कानून बनाएंगे और कैसे उसका पालन करते हैं।

फिलहाल फैसला अब आपके हाथ में है। आप ऐसे सांसदों को चुनंेगे जिनके हाथों में पंाच वर्षो तक भारत का भविष्य होगा। यदि अच्छे लोग संसद में जाएंगे तो अच्छे कानून बनाकर देश का विकास करेंगे। यदि गलत लोग पहुंच गए तो वे न तो अच्छे कानून बनने दंेगे और न ही देश का विकास होने देंगे। गलत सांसद केवल एक जिले का नहीं बल्कि देश के करोड़ों लोगों का अहित कर सकता है।

क्योंकि यदि एक अपराधी या भ्रष्टाचारी को खुद कानून का निर्माता बना दिया जाता है तो वह कभी ऐसे कानूनों का समर्थन नहीं करेगा जो खुद उसके ऊपर अंकुश लगाता हो। ऐसी स्थिति में जनता हित के कानून पारित नहीं हो पाते हैं। पिछले 70 वर्षो में हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली में अपने निजी स्वार्थ साधने वाले स्वयंसेवी, अपराधी तथा भ्रष्ट लोगों की घुसपैठ ज्यादा हो गई है जिससे लोगों की कीमत पर चोर-बेईमानों और अपराधियों को फलने-फूलने में मदद मिली है।

अपराधी और माफिया विधायक, सांसद और मंत्री तक हो चुके हैं। अब समय आ गया है कि मतदाता व्यवस्था में से ऐसे लोगों की सफाई के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करे। मतदाता अपनी पसंद जाहिर करके राजनीतिक दलों में घुसे अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को राजनीति से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों की अहम भूमिका होती है। विपक्ष की सबसे ज्यादा भूमिका यही है कि सरकार के क्रियाकलापों पर नजर रखे और उसे निरंकुश न होने दे।

जाने-अनजाने सरकार यदि कोई गलत कदम उठा रही है तो चेताए। इसी के साथ व्यापक जनहित और राष्ट्रहित के मुद्दों पर विपक्ष का सरकार के कंधे से कंधा जोड़कर खड़े होना भी अपेक्षित रहता है। कई राजनीतिक दल किताबों के ये पाठ भूल चुके हैं। यह नकारात्मकता देश की छवि और विकास के लिए घातक है। सत्ता आकांक्षी होने में कोई बुराई नहीं है पर सत्ता हासिल करने के लिए अपने देश की नकारात्मक तस्वीर पेश करना अनुचित एवं अनैतिक है।

बड़ा पक्ष होने के नाते सत्तापक्ष की भी जिम्मेदारी है कि राजनीतिक माहौल में सकारात्मकता पैदा करने का प्रयास करे। नहले पर दहला चलने की नीति से कुछ भी बेहतर नहीं किया जा सकता। आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि चुनाव के वक्त ऐसे दलों को खारिज करें जो जाति, धर्म, क्षेत्र और व्यक्तिगत खुन्नस की राजनीति के जरिए देश की छवि बिगाड़ रहे हैं। देश की आज जिस तरह पाकिस्तान और चीन घेराबंदी कर रहे हैं उसे देखते हुए आपको भी यह देखना होगा कि इस देश का भविष्य किस दल के नेता के नेतृत्व में सुरक्षित रहेगा।

देश की एकता और अखण्डता को कौन सी शक्तिया बाहर और भीतर से चुनौती दे रही है। ऐसे देशद्रोहियों को जो देशद्रोह के कानून को ही खत्म करना चाहते हैं उन्हें आप उनकी हैसियत बता सकते हैं। देशद्रोहियों और गद्दारों को हराइये और कर्मठ, ईमानदार एवं देशभक्तों को अपना प्रतिनिधि चुनिये तभी आप का और देश का भविष्य सुरक्षित रहेगा। इसलिए खुद वोट दीजिए और दूसरों को वोट देने के लिए प्रेरित करें।

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