Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

हिंदी दिवस 2019 : हिंदी का सबसे मजेदार व्यंग्य, हिंदी का राग

Hindi Diwas 2019 आज देश में हिंदी दिवस मनाया जा रहा है, हिंदी के वरिष्ठ लेखक व्यंग्यकार राकेश सोहम आपके लिए लाये हैं हिंदी दिवस पर हिंदी का सबसे मजेदार व्यंग्य 'हिंदी का राग', जिसे पढ़कर आप सोचने पर मजबूर हो जायेंगे...

Hindi Day 2019 Hindi Funniest Satire Hindi Raga
X
Hindi Day 2019 Hindi Funniest Satire Hindi Raga

खूबसूरत पुरानी फिल्म चुपके-चुपके का एक दृश्य है। जिसमें धर्मेंद्र विशुद्ध हिंदी भाषी नौकर का अभिनय कर रहे हैं और अपने मालिक ओमप्रकाश से प्रश्न करते हैं, जब टी ओ टू और डी ओ डू होता है तो फिर जी ओ को गो क्यों उच्चारा जाता है? अंग्रेजी के बारे में कुछ ऐसी ही भ्रांतियां मेरे मन में भी रही। मुझे याद है बचपन में मैंने हिंदी दिवस पर अपनी पाठशाला में हिंदी कविता सुनाई थी। अंग्रेजी के कक्षा शिक्षक ने खुश होकर मुझे प्राचार्य के कक्ष में बुलाया और मेरा परिचय कराते हुए कहा, यह बालक तो आउटस्टैंडिंग है सर! मेरी बाल बुद्धि आश्चर्य में पड़ गई। मैंने अपने अधूरे अंग्रेजी ज्ञान को टटोला और पलटकर कक्ष के दरवाजे की ओर देखा। मैं तो कक्ष के अंदर ही था, फिर शिक्षक ने आउटस्टैंडिंग क्यों और किस लिए कहा!

मेरे साथ अंग्रेजी के बारे में एक और रोचक अनुभव है। मेरे एक मित्र अहिंदी भाषी क्षेत्र से स्थानांतरित होकर आए थे। एक दिन मुझ से बोले, मुझे हिंदी नहीं आती। मैंने कहा, अभ्यास से आएगी, आप कोशिश तो करो। उन्होंने पूछा, कैसे? मैंने उन्हें कबीर की कुछ पंक्तियां कही, करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान। वे चले गए और एक साल बाद फिर मिले तो बोले, मैंने हिंदी सीख ली और आपका वह, क्या कहते हैं मुहावरे का अर्थ भी जान लिया।

मैंने आश्चर्य से कहा, वाह, अच्छा अर्थ बताओ। वह बड़ी शान से बोले, बार-बार अभ्यास करने से मति जड़ हो जाती है। मुझे उनकी बुद्धि पर दया आ गई और मैं उनकी तरफ देखता रहा। केवल हिंदी पखवाड़े में हिंदी सीखने से ऐसा ही होगा। सूना है, बाद में उनकी एक दिन हिंदी के गलत प्रयोग से दुर्गति होते-होते बची। उनका चपरासी नहीं आया था।

अतः उन्होंने अपने अधीनस्थ से फाइल ले जाने का निवेदन किया और कहा कि यदि दिमाग न हो तो यह फाइल ले जाओ। वास्तव में उन्होंने अंग्रेजी के वाक्य इफ यू डोंट माइंड के शाब्दिक अर्थ का प्रयोग कर दिया था और उनका झगड़ा हो गया।

खैर, सितंबर अभी बीता नहीं है। हिंदी को याद करने के लिए अभी समय है। 14 तारीख के आगे और पीछे हिंदी को याद करने के लिए एक पखवारा नियत है। पिछले पखवाड़े में कैद हिंदी फिर 15 दिनों के लिए आजाद हुई है।

हिंदी को देखा जा सकता है। कैदियों को हर वर्ष तीज त्योहारों पर नाते रिश्तेदारों से मिलने जुड़ने का अवसर दिया जाता है। यह हिंदी का त्यौहार है। कार्यालयों में भी हिंदी पखवाड़े के बैनर पोस्टर लग गए हैं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top